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दूसरे दिन भी मिट्टी में दबा रहा हसनापुर का युवक
बंडा।
Updated Mon, 02 Feb 2015 11:54 PM IST
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करंट लगने से मृत युवक दूसरे दिन भी मिट्टी में दबा रहा। परिवार वाले उसके जीवित होने की आस में शरीर को मिट्टी से बाहर नहीं निकाल रहे हैं।
पूरनपुर रोड स्थित गांव हसनापुर कालोनी निवासी 38 वर्षीय नरेंद्र रविवार की सुबह मोाबइल चार्जर फट जाने से गंभीर रूप से झुलस गया था। जानकारी पर उसके बड़े भाई महेेंद्र उसे बेहोशी की हालत में बंडा के निजी डॉक्टर के यहां लेकर पहुंचे। डॉक्टर ने इलाज करने से मना कर दिया। साथ ही युवक को मृत घोषित कर दिया, लेकिन परिवार के लोगों को डॉक्टर की बात पर भरोसा नहीं हुआ। बाद में कुछ लोगों की सलाह पर गड्ढा खोदने के बाद नरेंद्र के शरीर को मिट्टी से दबा दिया गया था। सोमवार को भी उसका शरीर मिट्टी से बाहर नहीं निकाला गया। परिवार के लोगों का कहना है कि जिन लोगों ने युवक को मिट्टी में दबाने की सलाह दी थी, उनका कहना है कि करंट समाप्त होने में दो दिन लग जाते हैं। युवक के ठीक होने का इंतजार किया जा रहा है। मिट्टी में दबे युवक को देखने के लिए आसपास के गांव के तमाम लोग मौके पर पहुंच रहे हैं।
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पूरनपुर रोड स्थित गांव हसनापुर कालोनी निवासी 38 वर्षीय नरेंद्र रविवार की सुबह मोाबइल चार्जर फट जाने से गंभीर रूप से झुलस गया था। जानकारी पर उसके बड़े भाई महेेंद्र उसे बेहोशी की हालत में बंडा के निजी डॉक्टर के यहां लेकर पहुंचे। डॉक्टर ने इलाज करने से मना कर दिया। साथ ही युवक को मृत घोषित कर दिया, लेकिन परिवार के लोगों को डॉक्टर की बात पर भरोसा नहीं हुआ। बाद में कुछ लोगों की सलाह पर गड्ढा खोदने के बाद नरेंद्र के शरीर को मिट्टी से दबा दिया गया था। सोमवार को भी उसका शरीर मिट्टी से बाहर नहीं निकाला गया। परिवार के लोगों का कहना है कि जिन लोगों ने युवक को मिट्टी में दबाने की सलाह दी थी, उनका कहना है कि करंट समाप्त होने में दो दिन लग जाते हैं। युवक के ठीक होने का इंतजार किया जा रहा है। मिट्टी में दबे युवक को देखने के लिए आसपास के गांव के तमाम लोग मौके पर पहुंच रहे हैं।