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पुवायां सर्किल में भी हो सकता है कुशीनगर-सहारनपुर जैसा हादसा
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पुवायां। शुक्रवार को प्रदेश के सहारनपुर, कुशीनगर और उत्तराखंड के रुड़की में कई लोगों को कच्ची शराब से मौत हो गई है, पुवायां सर्किल में भी तमाम स्थानों पर धधक रही शराब की अवैध भट्ठियों से निकल रही कच्ची शराब से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
पुवायां सर्किल में तेजी से चल रहे कच्ची शराब के धंधे को रोकने के लिए प्रयास बेअसर साबित हो रहे हैं, क्योंकि यह धंधा अब बड़े व्यापार का रुप ले चुका है। शासन और प्रशासन की ओर से समय-समय पर चलने वाले अभियान भी खानापूर्ति करके आसानी से पूरे कर दिए जाते हैं। इसलिए आंकड़ों में तो कच्ची शराब के सौदागरों पर हर माह नकेल कसी जा रही है, लेकिन असलियत में कच्ची शराब का धंधा तेजी से फल फूल रहा है। कारण है कि छापामारी करने के लिए पुलिस और आबकारी महकमे ऐसे स्थानों पर छापामारी नहीं करते जहां पर बड़े पैमाने पर कारोबार चल रहा है। वह सिर्फ ऐसे लोगों को ही पकड़ते हैं जो या तो कच्ची शराब पीने के लिए बोतल में लिये जा रहा हो या बिक्री करने के लिए पिपिया में।
कई बार हो चुका है पुलिस पर हमला
पुवायां। कच्ची शराब का कारोबार करने वालों पर छापामारी के दौरान कई बार पुलिस टीम पिट चुकी हैं। वर्ष 2011 में पुवायां के गांव ककरहा में कच्ची शराब पकड़ने गई पुलिस टीम को लोगों ने बंधक बना लिया था। अधिकारियों ने उन्हें बमुश्किल छुड़ाया था। खुटार के गांव नवदिया नवाजपुर में वर्ष 2016 में दबिश के दौरान गांव के लोगों ने पुलिस टीम के ऊपर हमला कर दिया था और उनके वाहनों को तोड़कर क्षतिग्रस्त कर दिया गया था।
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कहां-कहां चल रहा है कारोबार
0 पुवायां। गांव कहमारा, मीरपुर गंगाई, ककरहा, चौढेरा, भम्भापुर, इमलिया, गुधनी, जठियापुर खुर्द, कनपारा गौंटिया, जनकापुर, इटौली, अनंतापुर, दिलीपापुर, गंगसरा, रघुनाथपुर, पटई, रायपुर, चौसेड़ा, बद्रीपुर हदीरा, महमूदपुर सैजनियां, दिउरिया कालोनी, पकडिया हकीम, के अलावा नगर का मोहल्ला कुरंगजा मशहूर हैं।
0 बंडा। बंडा में कसबे के गांव पसियापुर, ताजपुर, भौरखेड़ा खुर्द, चांदूपुर, हेतम नगला, नवदिया, मानपुर, पिपरिया, इंदलपुर, कंधरपुर, कुरसंडा, लक्ष्मनपुर गौटिया, मानपुर पिपरिया, ददिउरी, सिंघापुर पनई, मूड़ा, रायटांडा, कुंवरपुर रत्ती, पड़रिया दलेलपुर, भूड़ा बैवहा, मकसूदापुर, अजोधापुर, नटिउरा, भांभी, डिमरई, श्यामपट्टी, सडिय़ा, कुइयां महोलिया, बआरीबरा, भितियाश्याम, मोहनपुर आदि।
0 खुटार। खुटार में कसबे के अलावा गांव मैनियां, बैकुंठापुर, सिहुरा, पुनौती, कुइयां, नरौठा हंसराम, चमराबोझी, दिलीपपुर, खानपुर कुर्रेया, नवदिया नवाजपुर, लड़ती, धनसिंहपुर, नवदिया सरायं, हंसपुर, बेला, टोडरपुर, खंडसार, खमरिया गदियाना, मंडनपुर, टाह खुर्द कलां, खजुरिया, मलिका आदि।
कच्ची शराब से जा चुकी है कई लोगों की जान
पुवायां। क्षेत्र में कच्ची शराब कई बार लोगों के लिए जानलेवा भी साबित हो चुकी है। पुवायां के अलावा खुटार और बंडा में भी कई लोगों की कच्ची शराब का ज्यादा सेवन करने से मौत हो चुकी है, लेकिन मृतकों के परिवार के लोगों के कार्रवाई नहीं करने के कारण मामला दबता रहा। वर्ष 2005 में खुटार के गांव चांदपुर में कच्ची शराब से दो मौतें हुई थीं। इसके अलावा भी कच्ची शराब से मौतों की खबर आती रहती है, लेकिन विभाग के लोग मौतों को बीमारी आदि से बताकर पल्ला झाड़ लेते हैं।
हर माह होती है रिकबरी
पुवायां। पुवायां सर्किल के थानों में हर माह लगभग 25 से 30 मुकदमें कच्ची शराब पकड़ने के दर्ज हो जाते है, जिनमें लगभग 250 से तीन सौ लीटर कच्ची शराब भी बरामद होना दर्शाई जाती है, लेकिन इसके बावजूद कच्ची का कारोबार बखूबी चल रहा है। खास बात यह है कि पुलिस शराब की भट्ठी पकड़ती है तक भी बरामदगी मात्र 10 से 20 लीटर शराब तक ही सीमित रह जाती है।
जिम्मेदार कहिन’
0 खुटार के जंगलों में कच्ची शराब बनाए जाने शिकायत मिलती है। खुटार में पुलिस को रेड अलर्ट जारी करते हुए बड़ा अभियान चलाकर कच्ची शराब के धंधे को पूरी तरह से बंद कराया जाएगा। अन्य कहीं से भी सूचना मिलने पर जांच कर कड़ी कार्रवाई कराई जाएगी।
संदीप सिंह, सीओ पुवायां
0 विभाग की ओर से समय समय पर छापामारी की जा रही है। खुटार के मैनियां में जंगल होने के कारण शराब तो बरामद हो जाती है, लेकिन बनाने वाले भाग निकलते हैं। इसके अलावा पुवायां और बंडा में भी अभी हाल में छापामारी की गई है। अब फिर से पुवायां सर्किल में तेजी से अभियान चलाया जाएगा।
जितेंद्र कुमार सिंह, जिला आबकारी अधिकारी शाहजहांपुर
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पुवायां सर्किल में तेजी से चल रहे कच्ची शराब के धंधे को रोकने के लिए प्रयास बेअसर साबित हो रहे हैं, क्योंकि यह धंधा अब बड़े व्यापार का रुप ले चुका है। शासन और प्रशासन की ओर से समय-समय पर चलने वाले अभियान भी खानापूर्ति करके आसानी से पूरे कर दिए जाते हैं। इसलिए आंकड़ों में तो कच्ची शराब के सौदागरों पर हर माह नकेल कसी जा रही है, लेकिन असलियत में कच्ची शराब का धंधा तेजी से फल फूल रहा है। कारण है कि छापामारी करने के लिए पुलिस और आबकारी महकमे ऐसे स्थानों पर छापामारी नहीं करते जहां पर बड़े पैमाने पर कारोबार चल रहा है। वह सिर्फ ऐसे लोगों को ही पकड़ते हैं जो या तो कच्ची शराब पीने के लिए बोतल में लिये जा रहा हो या बिक्री करने के लिए पिपिया में।
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कई बार हो चुका है पुलिस पर हमला
पुवायां। कच्ची शराब का कारोबार करने वालों पर छापामारी के दौरान कई बार पुलिस टीम पिट चुकी हैं। वर्ष 2011 में पुवायां के गांव ककरहा में कच्ची शराब पकड़ने गई पुलिस टीम को लोगों ने बंधक बना लिया था। अधिकारियों ने उन्हें बमुश्किल छुड़ाया था। खुटार के गांव नवदिया नवाजपुर में वर्ष 2016 में दबिश के दौरान गांव के लोगों ने पुलिस टीम के ऊपर हमला कर दिया था और उनके वाहनों को तोड़कर क्षतिग्रस्त कर दिया गया था।
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कहां-कहां चल रहा है कारोबार
0 पुवायां। गांव कहमारा, मीरपुर गंगाई, ककरहा, चौढेरा, भम्भापुर, इमलिया, गुधनी, जठियापुर खुर्द, कनपारा गौंटिया, जनकापुर, इटौली, अनंतापुर, दिलीपापुर, गंगसरा, रघुनाथपुर, पटई, रायपुर, चौसेड़ा, बद्रीपुर हदीरा, महमूदपुर सैजनियां, दिउरिया कालोनी, पकडिया हकीम, के अलावा नगर का मोहल्ला कुरंगजा मशहूर हैं।
0 बंडा। बंडा में कसबे के गांव पसियापुर, ताजपुर, भौरखेड़ा खुर्द, चांदूपुर, हेतम नगला, नवदिया, मानपुर, पिपरिया, इंदलपुर, कंधरपुर, कुरसंडा, लक्ष्मनपुर गौटिया, मानपुर पिपरिया, ददिउरी, सिंघापुर पनई, मूड़ा, रायटांडा, कुंवरपुर रत्ती, पड़रिया दलेलपुर, भूड़ा बैवहा, मकसूदापुर, अजोधापुर, नटिउरा, भांभी, डिमरई, श्यामपट्टी, सडिय़ा, कुइयां महोलिया, बआरीबरा, भितियाश्याम, मोहनपुर आदि।
0 खुटार। खुटार में कसबे के अलावा गांव मैनियां, बैकुंठापुर, सिहुरा, पुनौती, कुइयां, नरौठा हंसराम, चमराबोझी, दिलीपपुर, खानपुर कुर्रेया, नवदिया नवाजपुर, लड़ती, धनसिंहपुर, नवदिया सरायं, हंसपुर, बेला, टोडरपुर, खंडसार, खमरिया गदियाना, मंडनपुर, टाह खुर्द कलां, खजुरिया, मलिका आदि।
कच्ची शराब से जा चुकी है कई लोगों की जान
पुवायां। क्षेत्र में कच्ची शराब कई बार लोगों के लिए जानलेवा भी साबित हो चुकी है। पुवायां के अलावा खुटार और बंडा में भी कई लोगों की कच्ची शराब का ज्यादा सेवन करने से मौत हो चुकी है, लेकिन मृतकों के परिवार के लोगों के कार्रवाई नहीं करने के कारण मामला दबता रहा। वर्ष 2005 में खुटार के गांव चांदपुर में कच्ची शराब से दो मौतें हुई थीं। इसके अलावा भी कच्ची शराब से मौतों की खबर आती रहती है, लेकिन विभाग के लोग मौतों को बीमारी आदि से बताकर पल्ला झाड़ लेते हैं।
हर माह होती है रिकबरी
पुवायां। पुवायां सर्किल के थानों में हर माह लगभग 25 से 30 मुकदमें कच्ची शराब पकड़ने के दर्ज हो जाते है, जिनमें लगभग 250 से तीन सौ लीटर कच्ची शराब भी बरामद होना दर्शाई जाती है, लेकिन इसके बावजूद कच्ची का कारोबार बखूबी चल रहा है। खास बात यह है कि पुलिस शराब की भट्ठी पकड़ती है तक भी बरामदगी मात्र 10 से 20 लीटर शराब तक ही सीमित रह जाती है।
जिम्मेदार कहिन’
0 खुटार के जंगलों में कच्ची शराब बनाए जाने शिकायत मिलती है। खुटार में पुलिस को रेड अलर्ट जारी करते हुए बड़ा अभियान चलाकर कच्ची शराब के धंधे को पूरी तरह से बंद कराया जाएगा। अन्य कहीं से भी सूचना मिलने पर जांच कर कड़ी कार्रवाई कराई जाएगी।
संदीप सिंह, सीओ पुवायां
0 विभाग की ओर से समय समय पर छापामारी की जा रही है। खुटार के मैनियां में जंगल होने के कारण शराब तो बरामद हो जाती है, लेकिन बनाने वाले भाग निकलते हैं। इसके अलावा पुवायां और बंडा में भी अभी हाल में छापामारी की गई है। अब फिर से पुवायां सर्किल में तेजी से अभियान चलाया जाएगा।
जितेंद्र कुमार सिंह, जिला आबकारी अधिकारी शाहजहांपुर