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अपहरण की रिपोर्ट, फिरौती का जिक्र गायब
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पुवायां (शाहजहांपुर)। मां-बेटे का कार सवार बदमाशों की ओर से अपहरण फिर दस लाख की फिरौती का फोन कराए जाने और महिला को कार से गिराकर उसके पुत्र को ले जाते समय भी 24 घंटे में दस लाख रुपये मांगने की धमकी के मामले की जो रिपोर्ट दर्ज की गई है वह चौकाने वाली है। पूरी रिपोर्ट में कहीं पर भी फिरौती मांगे जाने का जिक्र ही नहीं किया गया है।
गौरतलब है कि सिंधौली के गांव गरबापुर निवासी सरोज कुमार की पत्नी लखपति देवी अपने आठ वर्षीय पुत्र अनमोल उर्फ कोमल के साथ आठ मार्च को अपने मायके खुटार के गांव औरंगाबाद जा रही थी। रास्ते में कार सवार बदमाशों ने दोनों का अपहरण कर लिया था और लखपति को खीरी के मोहम्मदी थाना क्षेत्र में कार से फेंक दिया था। उनसे 24 घंटे में 10 लाख रुपये न देने पर अनमोल को मार देने की धमकी दी गई थी। बाद में मामला पुलिस तक पहुंचा और पुलिस सक्रियता बढ़ी तो बदमाशों ने अनमोल को शाहजहांपुर से सिंधौली जाने वाले टेंपो पर बिठा दिया और भाग निकले थे। लखपति देवी ने शुक्रवार को कई बार अपने बयानों में दस लाख की फिरौती मांगे जाने का जिक्र भी किया था। मीडिया के लोगों ने इसकी वीडियो क्लिप भी बनाई थीं।
अब लखपति देवी की ओर से दर्ज कराई रिपोर्ट पर गौर करें तो कहा गया है कि उसने गांव महमूदपुर सैंजनिया के बब्बन की मदद से अपनी जमीन पर 2.60 लाख का लोनकराया था। आठ मार्च को बब्बन ने उसे रुपये निकालने के लिए बुलाया था। गगंसरा पहुंचने के बाद उसने बब्बन को कई बार फोन कर बुलाया लेकिन वह नहीं आया। वह अकेले ही औरंगाबाद को चली तो रास्ते में लाल रंग की कार सवार चार बदमाशों ने उसका और पुत्र का अपहरण कर लिया और रास्ते में उसे कार से उतार दिया। धमकी दी कि कहीं कुछ कहा तो पुत्र को जान से मार दिया जाएगा। इसके बाद उसके पुत्र को भी शाहजहांपुर में छोड़ दिया गया। लखपति देवी से पूछा गया कि उन्होंने रिपोर्ट में फिरौती का जिक्र क्यों नहीं किया है तो उन्होंने बताया कि रिपोर्ट में क्या लिखा है उन्हें नहीं मालुम। वह पढ़ी लिखी नहीं है। फिरौती मांगी गई थी। कोतवाली प्रभारी जसवीर सिंह का कहना है कि तहरीर लखपति देवी के गांव के युवक ने लिखी है। तहरीर के आधार पर चार अज्ञात बदमाशों के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
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बब्बन से की जा रही पूछताछ
तहरीर में लखपति देवी ने जिस बब्बन का जिक्र किया है पुलिस उसे कोतवाली लाकर पूछताछ कर रही है। बताया जाता है कि बब्बन ने ही लखपति देवी का लोन स्वीकृत कराने में मदद की थी। अभी तक बदमाशों के बारे में पुलिस को जानकारी नहीं मिल सकी है।
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गौरतलब है कि सिंधौली के गांव गरबापुर निवासी सरोज कुमार की पत्नी लखपति देवी अपने आठ वर्षीय पुत्र अनमोल उर्फ कोमल के साथ आठ मार्च को अपने मायके खुटार के गांव औरंगाबाद जा रही थी। रास्ते में कार सवार बदमाशों ने दोनों का अपहरण कर लिया था और लखपति को खीरी के मोहम्मदी थाना क्षेत्र में कार से फेंक दिया था। उनसे 24 घंटे में 10 लाख रुपये न देने पर अनमोल को मार देने की धमकी दी गई थी। बाद में मामला पुलिस तक पहुंचा और पुलिस सक्रियता बढ़ी तो बदमाशों ने अनमोल को शाहजहांपुर से सिंधौली जाने वाले टेंपो पर बिठा दिया और भाग निकले थे। लखपति देवी ने शुक्रवार को कई बार अपने बयानों में दस लाख की फिरौती मांगे जाने का जिक्र भी किया था। मीडिया के लोगों ने इसकी वीडियो क्लिप भी बनाई थीं।
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अब लखपति देवी की ओर से दर्ज कराई रिपोर्ट पर गौर करें तो कहा गया है कि उसने गांव महमूदपुर सैंजनिया के बब्बन की मदद से अपनी जमीन पर 2.60 लाख का लोनकराया था। आठ मार्च को बब्बन ने उसे रुपये निकालने के लिए बुलाया था। गगंसरा पहुंचने के बाद उसने बब्बन को कई बार फोन कर बुलाया लेकिन वह नहीं आया। वह अकेले ही औरंगाबाद को चली तो रास्ते में लाल रंग की कार सवार चार बदमाशों ने उसका और पुत्र का अपहरण कर लिया और रास्ते में उसे कार से उतार दिया। धमकी दी कि कहीं कुछ कहा तो पुत्र को जान से मार दिया जाएगा। इसके बाद उसके पुत्र को भी शाहजहांपुर में छोड़ दिया गया। लखपति देवी से पूछा गया कि उन्होंने रिपोर्ट में फिरौती का जिक्र क्यों नहीं किया है तो उन्होंने बताया कि रिपोर्ट में क्या लिखा है उन्हें नहीं मालुम। वह पढ़ी लिखी नहीं है। फिरौती मांगी गई थी। कोतवाली प्रभारी जसवीर सिंह का कहना है कि तहरीर लखपति देवी के गांव के युवक ने लिखी है। तहरीर के आधार पर चार अज्ञात बदमाशों के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
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बब्बन से की जा रही पूछताछ
तहरीर में लखपति देवी ने जिस बब्बन का जिक्र किया है पुलिस उसे कोतवाली लाकर पूछताछ कर रही है। बताया जाता है कि बब्बन ने ही लखपति देवी का लोन स्वीकृत कराने में मदद की थी। अभी तक बदमाशों के बारे में पुलिस को जानकारी नहीं मिल सकी है।