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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   40 per cent on prepaid SIM fake IDs

40 फीसदी प्रीपेड सिम फर्जी आईडी पर

Mon, 01 Feb 2016 12:35 AM IST
शाहजहांपुर।
शाहजहांपुर। Updated Mon, 01 Feb 2016 12:35 AM IST
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फर्जी आईडी और फोटो पर प्री एक्टीवेटेड सिम बेचने का धंधा अभी से नहीं चल रहा है। फर्जी आईडी पर प्री एक्टीवेटेड सिम के काले कारोबार का खुलासा करने वाली पुलिस ने प्राथमिक जांच में चौंकाने वाला खुलासा किया है। शाहजहांपुर में 40 फीसदी प्री पेड सिम कार्ड फर्जी आईडी और फर्जी फोटो पर चल रहे हैं। इसके अलावा अन्य प्री पेड सिम की आईडी खंगाली जा रही है। इसकी निगरानी के लिए सर्विलांस और क्राइम ब्रांच के एक्सपर्ट लगाए गए हैं। इसके अलावा फर्जी आईडी के लिए फोटो मुहैया कराने वाले शहर के कृष्णा कलर लैब के संचालकों पर भी विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। इस लैब पर शहर के 70 फीसदी लोगों के फोटो खिंचे हुए हैं।

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एसपी बबलू कुमार ने बताया कि प्रशिक्षु आईपीएस और सीओ सिटी अनुराग वत्स की अगुवाई में इस खेल का खुलासा हुआ है। इसमें मोबाइल कंपनी के कुछ प्रतिनिधियों और सफेदपोशों के खिलाफ साक्ष्य जुटाने के बाद कार्रवाई की गई है। कृष्णा कलर लैब में जो भी ग्राहक फोटो खिंचवाकर जाता है, उसकी एक कापी कंप्यूटर पर लैब संचालक सेव कर लेता है। ऐसे 16 फोटो वह छह रुपये में फर्जी आईडी बनाने वाले मनोज गुर्जर को बेचता था। मनोज गुर्जर कुल तीन रुपये में एक आईडी टेलीकाम कंपनी के वितरक को बेचता था। वितरक एक्टीवेशन सेंटर पर कंपनियों के स्टाफ की रजामंदी से फर्जी आईडी पर सिम को एक्टीवेट कराता था। कलर लैब पर भी कार्रवाई की जा रही है। एसपी ने बताया कि खुलासे में चौक कोतवाली प्रभारी इंस्पेक्टर केके तिवारी, सदर बाजार थाना के प्रभारी इंस्पेक्टर जेपी तिवारी, क्राइम इनवेस्टिगेशन विंग के प्रभारी एसआई हिमांशु निगम, सदर बाजार थाना के एसआई ज्ञानेेंद्र प्रताप सिंह, चौक कोतवाली के एसआई शबाबुल हसन, हेड कांस्टेबल हरेंद्र यादव एवं कांस्टेबल महेंद्र सिंह, अजय चौधरी, विजयवीर चौहान, राजुल कुमार और रविशंकर शामिल थे।
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यानी आतंकी भी खरीद चुके होंगे सिम
बरेली में आईएसआई एजेंट इजाज के पकड़े जाने पर उससे भी फर्जी आईडी के सिम बरामद हुए थे। यानी कोई आतंकी भी इन सिमों को खरीद सकता है। दुर्गा होटल के पीछे किराए के परिसर में चल रहे टेलीकाम कंपनियों के इन सेंटरों से खुदरा विक्रेताओं को 25 रुपये में दिया जाने वाले प्री पेड सिम कार्ड प्री एक्टीवेट कर 90 रुपये में रिटेलर को बेचता था। रिटेलर 200 रुपये या जरूरत पड़ने पर किसी भी कीमत में ये प्री एक्टिवेटेड सिम किसी को भी बेच देते हैं। ऐसे सिम आतंकियों के पास भी जा सकते हैं।
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फर्जी आईडी वाले सिमधारकों पर होगी कार्रवाई
एसपी बबलू कुमार ने रविवार को स्पष्ट किया कि जिन प्री पेड सिम धारकों का सिम फर्जी आईडी पर चल रहा है, उन पर भी विधिक कार्रवाई होगी। फर्जी आईडी वाले प्री पेड सिम का ब्यौरा खंगाला जा रहा है। उन्होंने जनसामान्य से अपील की है कि फर्जी आईडी वाले अपने प्री पेड सिम को बंद कर अपनी आईडी वाला एक्टीवेट कराए गए प्री पेड सिम को चलाएं।
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