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मौतें 32 बोर की गोली से, तमंचा 315, कारतूस 12 बोर के
Updated Sat, 08 Sep 2018 12:06 AM IST
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मौतें 32 बोर की गोली से, तमंचा 315, कारतूस 12 बोर के
शुरूआती विवेचना में भी उलझी दिख रही गैंगवार की कहानी
खुले घूम रहे 17 नामजद आरोपी बन सकते हैं पुलिस की टेंशन
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। सदर बाजार कोतवाली की आवास विकास कॉलोनी में बृहस्पतिवार रात हुए गैंगवार में शुरुआती विवेचना ही उलझती नजर आ रही है। घटनाक्रम, दोनों पक्षों की तहरीर, बरामद असलाह कारतूस और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर गौर करें तो तमाम पहेलियां सुलझाना काफी पेचीदा होगा। मुशीर, इमरान और इसरार की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर गौर करें तो उनकी मौत 32 बोर की गोली लगने से हुई है जबकि मौके से 315 बोर के खोखे और 12 बोर का तमंचा मिला था। मुशीर पक्ष की ओर से रंजिश की बात सामने आ रही है वहीं इमरान की ओर से लेन-देन की जबकि चर्चाएं इन कहानियों से अलग हैं।
गैंगवार की वारदात बृहस्पतिवार रात करीब आठ बजे मजार के पास खाली मैदान में हुई। रात में ही पुलिस ने मजार के पास से 315 बोर के दो खोखे और 12 बोर का एक तमंचा, लोहे की एक रॉड बरामद की थी जबकि तीनों की किसी अन्य बोर की गोली लगने से होने की बात सामने आई है। स्थानीय लोगों की मानें तो करीब 25 राउंड से ज्यादा फायरिंग हुई थी। बरामद तमंचा और कारतूस अलग बोर के होने के साथ मौतें अलग बोर की गोली से होने की बात सामने आने के बाद सवाल उठ रहा है कि गैंगवार में कहीं किसी प्रतिबंधित बोर का भी इस्तेमाल तो नहीं हुआ। अब तक की पड़ताल में 315 और 12 बोर के अलावा अन्य कोई बोर सामने नहीं आया है। यह भी चौंकाने वाली बात है। मुशीर और इसरार को सटाकर गोलियां मारी गई हैं, जबकि इमरान को दूर से गोली लगी है। इतना तो साफ है कि गैंगवार में आधुनिक असलाहों का भी इस्तेमाल हुआ। ऐसे में फरार चल रहे 17 नामजद और तीन अज्ञात पुलिस की टेंशन बढ़ाए हुए हैं। आईडी ध्रुवकांत ठाकुर ने भी मॉनीटरिंग शुरू कर दी है। कहा जा रहा है कि गैंगवार की पूरी परतें खुलने के बाद कई चौंकाने वाली चीजें भी सामने आ सकती हैं। गिरफ्तारियां होने से पहले फिलहाल सब कुछ उलझा हुआ नजर आ रहा है।
कहानी में एक लड़की भी!
गैंगवार की इस कहानी में एक लड़की का नाम भी आ रहा है। कहा जा रहा है कि चुनावी रंजिश से ज्यादा फसाद की जड़ वही लड़की है। पुलिस भी इस बात को मान रही है कि जन्माष्टमी के दिन एक लड़की से छेड़छाड़ की गई थी। यह मुशीर की करीबी थी। इसके बाद ही दोनों पक्षों ने एक दूसरे को निपटाने की तैयारी कर ली थी। इंस्पेक्टर डीसी शर्मा ने बताया कि लड़की को लेकर गैंगवार की बात विवेचना का विषय है। जो भी तथ्य सामने आ रहे हैं उनको विवेचना में शामिल किया जा रहा है।
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मुशीर की जेब से मिले नौ जिंदा कारतूस एक तमंचा
बकौल इंस्पेक्टर सदर बाजार डीसी शर्मा मृतक मुशीर की जेब से 12 बोर के नौ जिंदा कारतूस और 315 बोर का एक तमंचा मिला है। गौर करने वाली बात यह है कि पुलिस पड़ताल में अब तक 12 बोर का कोई खोखा सामने नहीं आया है। अलग-अलग बोर के तमंचा और कारतूस को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। गैंगवार में इमरान पक्ष को ज्यादा नुकसान पहुंचा है। जाहिर है कि मुशीर पक्ष की ओर से ज्यादा फायरिंग की गई होगी। यह सब कुछ पुलिस विवेचना का विषय है। कई तथ्यों का विवेचना में सामने आना बाकी है, लेकिन अलग बोर के तमंचा और कारतूस ने सवाल खड़े कर दिए हैं।
यह कह रही है पोस्टमार्टम रिपोर्ट
मुशीर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर गौर करें तो उसके सीने पर दाहिनी ओर सटाकर गोली मारी गई। गोली बायीं ओर से पार निकल गई। सिर, चेहरा और शरीर पर किसी भारी-भरकम रॉड आदि से आईं अन्य चोटों के निशान भी हैं। दूसरे पक्ष के इशरार के पेट में बायीं ओर गली लगी है जबकि इमरान को गोली दूर से मारी गई। उसके सीने में बायीं ओर गोली लगी है। सिर में भी चोटों के निशान हैं। एक्सपर्ट की मानें तो गोली के घाव 315 या 12 बोर के नहीं हैं। तीनों की मौत की वजह गोली लगने के साथ ज्यादा खून बहने की वजह से हुई है।
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शुरूआती विवेचना में भी उलझी दिख रही गैंगवार की कहानी
खुले घूम रहे 17 नामजद आरोपी बन सकते हैं पुलिस की टेंशन
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। सदर बाजार कोतवाली की आवास विकास कॉलोनी में बृहस्पतिवार रात हुए गैंगवार में शुरुआती विवेचना ही उलझती नजर आ रही है। घटनाक्रम, दोनों पक्षों की तहरीर, बरामद असलाह कारतूस और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर गौर करें तो तमाम पहेलियां सुलझाना काफी पेचीदा होगा। मुशीर, इमरान और इसरार की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर गौर करें तो उनकी मौत 32 बोर की गोली लगने से हुई है जबकि मौके से 315 बोर के खोखे और 12 बोर का तमंचा मिला था। मुशीर पक्ष की ओर से रंजिश की बात सामने आ रही है वहीं इमरान की ओर से लेन-देन की जबकि चर्चाएं इन कहानियों से अलग हैं।
गैंगवार की वारदात बृहस्पतिवार रात करीब आठ बजे मजार के पास खाली मैदान में हुई। रात में ही पुलिस ने मजार के पास से 315 बोर के दो खोखे और 12 बोर का एक तमंचा, लोहे की एक रॉड बरामद की थी जबकि तीनों की किसी अन्य बोर की गोली लगने से होने की बात सामने आई है। स्थानीय लोगों की मानें तो करीब 25 राउंड से ज्यादा फायरिंग हुई थी। बरामद तमंचा और कारतूस अलग बोर के होने के साथ मौतें अलग बोर की गोली से होने की बात सामने आने के बाद सवाल उठ रहा है कि गैंगवार में कहीं किसी प्रतिबंधित बोर का भी इस्तेमाल तो नहीं हुआ। अब तक की पड़ताल में 315 और 12 बोर के अलावा अन्य कोई बोर सामने नहीं आया है। यह भी चौंकाने वाली बात है। मुशीर और इसरार को सटाकर गोलियां मारी गई हैं, जबकि इमरान को दूर से गोली लगी है। इतना तो साफ है कि गैंगवार में आधुनिक असलाहों का भी इस्तेमाल हुआ। ऐसे में फरार चल रहे 17 नामजद और तीन अज्ञात पुलिस की टेंशन बढ़ाए हुए हैं। आईडी ध्रुवकांत ठाकुर ने भी मॉनीटरिंग शुरू कर दी है। कहा जा रहा है कि गैंगवार की पूरी परतें खुलने के बाद कई चौंकाने वाली चीजें भी सामने आ सकती हैं। गिरफ्तारियां होने से पहले फिलहाल सब कुछ उलझा हुआ नजर आ रहा है।
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कहानी में एक लड़की भी!
गैंगवार की इस कहानी में एक लड़की का नाम भी आ रहा है। कहा जा रहा है कि चुनावी रंजिश से ज्यादा फसाद की जड़ वही लड़की है। पुलिस भी इस बात को मान रही है कि जन्माष्टमी के दिन एक लड़की से छेड़छाड़ की गई थी। यह मुशीर की करीबी थी। इसके बाद ही दोनों पक्षों ने एक दूसरे को निपटाने की तैयारी कर ली थी। इंस्पेक्टर डीसी शर्मा ने बताया कि लड़की को लेकर गैंगवार की बात विवेचना का विषय है। जो भी तथ्य सामने आ रहे हैं उनको विवेचना में शामिल किया जा रहा है।
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मुशीर की जेब से मिले नौ जिंदा कारतूस एक तमंचा
बकौल इंस्पेक्टर सदर बाजार डीसी शर्मा मृतक मुशीर की जेब से 12 बोर के नौ जिंदा कारतूस और 315 बोर का एक तमंचा मिला है। गौर करने वाली बात यह है कि पुलिस पड़ताल में अब तक 12 बोर का कोई खोखा सामने नहीं आया है। अलग-अलग बोर के तमंचा और कारतूस को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। गैंगवार में इमरान पक्ष को ज्यादा नुकसान पहुंचा है। जाहिर है कि मुशीर पक्ष की ओर से ज्यादा फायरिंग की गई होगी। यह सब कुछ पुलिस विवेचना का विषय है। कई तथ्यों का विवेचना में सामने आना बाकी है, लेकिन अलग बोर के तमंचा और कारतूस ने सवाल खड़े कर दिए हैं।
यह कह रही है पोस्टमार्टम रिपोर्ट
मुशीर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर गौर करें तो उसके सीने पर दाहिनी ओर सटाकर गोली मारी गई। गोली बायीं ओर से पार निकल गई। सिर, चेहरा और शरीर पर किसी भारी-भरकम रॉड आदि से आईं अन्य चोटों के निशान भी हैं। दूसरे पक्ष के इशरार के पेट में बायीं ओर गली लगी है जबकि इमरान को गोली दूर से मारी गई। उसके सीने में बायीं ओर गोली लगी है। सिर में भी चोटों के निशान हैं। एक्सपर्ट की मानें तो गोली के घाव 315 या 12 बोर के नहीं हैं। तीनों की मौत की वजह गोली लगने के साथ ज्यादा खून बहने की वजह से हुई है।