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कार-टैंकर चालक को हादसे का दोषी मानकर भेजा जेल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,शाहजहांपुर
Updated Mon, 16 Jul 2018 11:55 PM IST
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जेल
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आईएफएस एके जैन की सड़क दुर्घटना में हुई मौत या हत्या की गुत्थी पांच दिन बाद भी नहीं सुलझ सकी है। सोमवार को एसपी डॉ.एस चन्नपा के निर्देश पर कोतवाली अशोक पाल ने एंबुलेंस चालक नाजिम और टैंकर कैप्सूल चालक शिव पूजन को सड़क हादसे में दोषी मानते हुए अदालत में पेश किया। कोर्ट ने दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है।
बीती 11 जुलाई को तड़के हाईवे पर एक ढाबा के सामने आईएफएस एके जैन की कार सामने जा रहे टैंकर कैप्सूल से टकरा गई थी। इस दुर्घटना में एके जैन और उनका रसोईया संजीव गंभीर रूप से घायल हो गए थे। बाद में अस्पताल जाते समय जैन की मौत हो गई थी। जबकि उनका रसोईया बरेली के एक निजी अस्पताल में इलाज करा रहा है। इस दुर्घटना में कार चालक नाजिम बाल बाल बच गया था। घटनास्थल को देखने के बाद परिजन जैन की हत्या की आशंका व्यक्त कर रहे हैं। उधर,चालक नाजिम की ओर से टैंकर चालक शिव पूजन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज गई है। पुलिस ने शिवपूजन को हिरासत में लेकर पूछताछ की लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
केस की विवेचना कर रहे एसआई भारत सिंह ने बताया कि घटना में मुकदमा का वादी कार चालक नाजिम है लेकिन वह घटना के लिए प्रथम दृष्टया दोषी हैं। क्योंकि वह स्वयं स्वीकार कर रहा है कि नींद आने की वजह से दुर्घटना हुई। यदि उसे नींद न आती तो दुर्घटना नहीं होती। इसलिए नाजिम को दोषी मानते हुए उसे टैंकर कैप्सूल चालक शिवपूजन के साथ जेल भेजा गया है।
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सर्विलांस पर लगाए गए तीनों के मोबाइल
आईएफएस एके जैन की हत्या या हादसे में मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस अभी भी कवायद कर रही है। सूत्रों के अनुसार पुलिस ने कार चालक नाजिम,टैंकर चालक शिवपूजन और एंबुलेंस चालक संजू के मोबाइल सर्विलांस पर लगा रखे हैं जिससे इन तीनों में कोई भी यदि कोई कनेक्शन है तो उसका खुलासा हो सके।
उच्च स्तरीय जांच की मांग
आईएफएस एके जैन के आगरा में रह रहे परिजन पुलिस की अब तक की कार्रवाई से संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं। उन्होंने पुलिस पर आरोप लगाया कि कार चालक नाजिम से कड़ाई से कोई भी पूछताछ नहीं की गई है। पांच दिन थाने पर बैठाए रखने के बाद उसका चालान कर दिया। पुलिस यदि समय रहते नाजिम से कड़ाई से पूछताछ करती तो शायद केस की कुछ परतें अवश्य खुलती। परिजनों ने कहा है कि वह शांत नहीं बैठेंगे इस मामले को उच्च स्तरीय स्तर तक ले जाएंगे ताकि घटना का सही खुलासा हो सके।
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बीती 11 जुलाई को तड़के हाईवे पर एक ढाबा के सामने आईएफएस एके जैन की कार सामने जा रहे टैंकर कैप्सूल से टकरा गई थी। इस दुर्घटना में एके जैन और उनका रसोईया संजीव गंभीर रूप से घायल हो गए थे। बाद में अस्पताल जाते समय जैन की मौत हो गई थी। जबकि उनका रसोईया बरेली के एक निजी अस्पताल में इलाज करा रहा है। इस दुर्घटना में कार चालक नाजिम बाल बाल बच गया था। घटनास्थल को देखने के बाद परिजन जैन की हत्या की आशंका व्यक्त कर रहे हैं। उधर,चालक नाजिम की ओर से टैंकर चालक शिव पूजन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज गई है। पुलिस ने शिवपूजन को हिरासत में लेकर पूछताछ की लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
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केस की विवेचना कर रहे एसआई भारत सिंह ने बताया कि घटना में मुकदमा का वादी कार चालक नाजिम है लेकिन वह घटना के लिए प्रथम दृष्टया दोषी हैं। क्योंकि वह स्वयं स्वीकार कर रहा है कि नींद आने की वजह से दुर्घटना हुई। यदि उसे नींद न आती तो दुर्घटना नहीं होती। इसलिए नाजिम को दोषी मानते हुए उसे टैंकर कैप्सूल चालक शिवपूजन के साथ जेल भेजा गया है।
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सर्विलांस पर लगाए गए तीनों के मोबाइल
आईएफएस एके जैन की हत्या या हादसे में मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस अभी भी कवायद कर रही है। सूत्रों के अनुसार पुलिस ने कार चालक नाजिम,टैंकर चालक शिवपूजन और एंबुलेंस चालक संजू के मोबाइल सर्विलांस पर लगा रखे हैं जिससे इन तीनों में कोई भी यदि कोई कनेक्शन है तो उसका खुलासा हो सके।
उच्च स्तरीय जांच की मांग
आईएफएस एके जैन के आगरा में रह रहे परिजन पुलिस की अब तक की कार्रवाई से संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं। उन्होंने पुलिस पर आरोप लगाया कि कार चालक नाजिम से कड़ाई से कोई भी पूछताछ नहीं की गई है। पांच दिन थाने पर बैठाए रखने के बाद उसका चालान कर दिया। पुलिस यदि समय रहते नाजिम से कड़ाई से पूछताछ करती तो शायद केस की कुछ परतें अवश्य खुलती। परिजनों ने कहा है कि वह शांत नहीं बैठेंगे इस मामले को उच्च स्तरीय स्तर तक ले जाएंगे ताकि घटना का सही खुलासा हो सके।