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प्रतापगढ़ की फर्म के मालिक पर जालसाजी की रिपोर्ट दर्ज

Fri, 18 Jan 2019 08:57 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 18 Jan 2019 08:57 PM IST
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प्रतापगढ़ की फर्म के मालिक पर जालसाजी की रिपोर्ट दर्ज
प्रतापगढ़ की फर्म के मालिक पर जालसाजी की रिपोर्ट दर्ज
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शाहजहांपुर। वाहनों की मरम्मत के नाम पर धोखाधड़ी करके रुपये हड़पने वाले प्रतापगढ़ फर्म की कंपनी के मालिक पर सहायक निर्वाचन अधिकारी ने जालसाजी की रिपोर्ट सदर कोतवाली में दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी ने सदर पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि लोकसभा सामान्य निर्वाचन-2009 के परिप्रेक्ष्य में हल्के शासकीय वाहनों की हल्की मरम्मत के काम के लिए प्रतापगढ़ के कटरा रोड सरस्वती मार्केट स्थित मेसर्स हिंदुस्तान ऑटोमोबाइल्स के प्रोप्राइटर रामानुज मिश्र को जिम्मेदारी दी गई थी। 111 हल्के शासकीय वाहनों की मरम्मत से संबंधित 96 हजार सात सौ पैतीस रुपये का भुगतान कर दिया गया। पांच जुलाई 2017 को हल्के वाहनों की मरम्मत कार्य के उपलब्ध कराए गए विवरण की जांच 28 दिसंबर 2018 के क्रम में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी से कराई गई। जिसके अनुसार 111 हल्के वाहनों की सूची में अभिलेखानुसार 17 वाहन अन्य जिले के पंजीकृत पाए गए। दो वाहनों के नंबर गलत मिले, 15 वाहनों का अभिलेख कार्यालय में उपलब्ध नहीं मिला। इसके अलावा 10 शासकीय 67 अशासकीय श्रेणी में पाए गए। अभिलेखों के अनुसार 20 दोपहिया वाहन, पांच चार पहिया वाहन अंकित पाए गए। फर्म द्वारा दोपहिया वाहन, अशासकीय वाहन व अन्य जिलों के वाहन और अन्य राज्यों के वाहनों को अपनी फर्म सूची में शामिल कर कूटरचित षडयंत्र करते हुए उच्च न्यायालय , मुख्य निर्वाचन अधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारी के साथ धोखाधड़ी कर फर्जी भुगतान प्राप्त कर लिया। सहायक निर्वाचन अधिकारी ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा है। सदर कोतवाली के वरिष्ठ उपनिरीक्षक रामनरेश यादव ने बताया कि मामले की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
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लोकसभा चुनाव 2009 के दौरान गाड़ियों की मरम्मत कराई गई थी, उसमें जो बिल दिया गया था, वह यातायात निरीक्षक से प्रमाणित होने के बाद उस पर वर्ष 2014 में भुगतान कर दिया गया था। इस पर फर्म के मालिक ने देरी से भुगतान होने पर ब्याज की भी मांग की थी। इसके बाद मामले की जांच कराई गई तो जालसाजी का मामला खुलकर सामने आ गया। इस पर फर्म के मालिक पर रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है।
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प्रदीप अग्रवाल, जिला सहायक निर्वाचन अधिकारी
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