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बिजली खंभा टूटकर गिरने से संविदा कर्मचारी की मौत
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कांट (शाहजहांपुर)। पथरा से मल्लापुर जाने वाली बिजली लाइन ठीक करते समय अचानक खंभा टूटकर गिरने से संविदा कर्मचारी की मौत हो गई। परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया है। घटना के बाद से घर वालों का रो-रोकर बुरा हाल है।
थाना कांट के गांव इमलिया निवासी 25 वर्षीय धर्मेश सिंह जलालाबाद के चौहनापुर स्थित विद्युत उपकेंद्र पर वर्ष 2009 से संविदा कर्मचारी के तौर पर काम करता था। सोमवार को पथरा गांव के पास बिजली लाइन में फाल्ट हो गया था। वह शाम करीब सात बजे खंभे पर चढ़कर लाइन फाल्ट ठीक कर रहा था। ठीक उसी समय तेज हवा के झोंके के साथ ही अचानक खंभा टूटकर गेंहू के खेत में गिर गया, साथ ही वह भी गिर गया। इसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया। गांव के लोगों ने परिजनों को सूचना दी। इसके बाद उसे परिजन कांट अस्पताल ले जा रहे थे, तभी उसने रास्ते में दम तोड़ दिया। इसके बाद परिजन शव लेकर गांव लौट गए। घटना के बाद से घर वालों का रो-रोकर बुरा हाल है। पत्नी नीतू के सामने पांच वर्ष की आराध्या और 13 माह की बिट्टू की परवरिश की जिम्मेदारी अकेले आ गई है। घटना के बाद से मां रामप्यारी और पिता लौंगे सिंह का भी रो-रोकर बुरा हाल है।
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थाना कांट के गांव इमलिया निवासी 25 वर्षीय धर्मेश सिंह जलालाबाद के चौहनापुर स्थित विद्युत उपकेंद्र पर वर्ष 2009 से संविदा कर्मचारी के तौर पर काम करता था। सोमवार को पथरा गांव के पास बिजली लाइन में फाल्ट हो गया था। वह शाम करीब सात बजे खंभे पर चढ़कर लाइन फाल्ट ठीक कर रहा था। ठीक उसी समय तेज हवा के झोंके के साथ ही अचानक खंभा टूटकर गेंहू के खेत में गिर गया, साथ ही वह भी गिर गया। इसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया। गांव के लोगों ने परिजनों को सूचना दी। इसके बाद उसे परिजन कांट अस्पताल ले जा रहे थे, तभी उसने रास्ते में दम तोड़ दिया। इसके बाद परिजन शव लेकर गांव लौट गए। घटना के बाद से घर वालों का रो-रोकर बुरा हाल है। पत्नी नीतू के सामने पांच वर्ष की आराध्या और 13 माह की बिट्टू की परवरिश की जिम्मेदारी अकेले आ गई है। घटना के बाद से मां रामप्यारी और पिता लौंगे सिंह का भी रो-रोकर बुरा हाल है।
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