{"_id":"5ca3b1babdec22145a0eb0f1","slug":"131554231738-shahjahanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वारंटी के भाई को पीटकर हवालात में किया बंद","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
वारंटी के भाई को पीटकर हवालात में किया बंद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
निगोही। वारंटी को पकड़ने गए दरोगा पर एक युवक और उसके परिवार ने पीटकर हवालात में बंद करने का आरोप लगाया है। विधायक रोशनलाल की पैरवी पर एसपी से शिकायत के बाद उसे छोड़ा गया। एसपी ने आरोपी दरोगा के खिलाफ जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
क्षेत्र के गांव भटपुरा मिश्र निवासी संजीव कुमार गांव के निकट पालेसर पर सो रहे थे, तभी निगोही थाने के एक दरोगा पुलिस बल के साथ रात करीब 11 बजे पालेसर पर पहुंच गए। आरोप है कि सोते समय संजीव को पकड़ लिया और कहा कि तुम्हारे भाई के नाम वारंट है। दरोगा संजीव को लेकर गांव में घर के सामने पहुंचा और दरवाजा खटखटाया। घर पर सो रहा संजीव का भाई दरवाजा खोलते ही पुलिस देख डर की वजह से भाग गया। आरोप है कि इस पर दरोगा ने संजीव को पीटना शुरू कर दिया। बाद में दरोगा ने उसे थाने की हवालात में बंद कर दिया। संजीव के परिजन विधायक रोशनलाल वर्मा के आवास पर पहुंचे और विधायक को पुलिस ज्यादती के बारे में बताया। विधायक ने थाने पहुंचकर प्रभारी निरीक्षक दलवीर सिंह से वार्ता की। फिर विधायक ने एसपी से मोबाइल पर दरोगा की ज्यादती की जानकारी दी। बाद में संजीव को परिजनों की सुपुर्दगी में दे दिया गया।
दरोगा मोहर सिंह वारंटी को पकड़ने गए थे। वहां वारंटी नहीं मिला तो उसके भाई संजीव को ले आए। जिसे सुबह विधायक की मौजूदगी में उसके परिजनों को सौंप दिया गया। दरोगा मोहर सिंह के खिलाफ जो आरोप लगाए गए हैं, उनकी जांच की जा रही है।
विज्ञापन
दलवीर सिंह, थानाध्यक्ष निगोही
संजीव के परिजनों की शिकायत को गंभीरता से लिया गया है, मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. एस चन्नप्पा, एसपी
विज्ञापन
क्षेत्र के गांव भटपुरा मिश्र निवासी संजीव कुमार गांव के निकट पालेसर पर सो रहे थे, तभी निगोही थाने के एक दरोगा पुलिस बल के साथ रात करीब 11 बजे पालेसर पर पहुंच गए। आरोप है कि सोते समय संजीव को पकड़ लिया और कहा कि तुम्हारे भाई के नाम वारंट है। दरोगा संजीव को लेकर गांव में घर के सामने पहुंचा और दरवाजा खटखटाया। घर पर सो रहा संजीव का भाई दरवाजा खोलते ही पुलिस देख डर की वजह से भाग गया। आरोप है कि इस पर दरोगा ने संजीव को पीटना शुरू कर दिया। बाद में दरोगा ने उसे थाने की हवालात में बंद कर दिया। संजीव के परिजन विधायक रोशनलाल वर्मा के आवास पर पहुंचे और विधायक को पुलिस ज्यादती के बारे में बताया। विधायक ने थाने पहुंचकर प्रभारी निरीक्षक दलवीर सिंह से वार्ता की। फिर विधायक ने एसपी से मोबाइल पर दरोगा की ज्यादती की जानकारी दी। बाद में संजीव को परिजनों की सुपुर्दगी में दे दिया गया।
विज्ञापन
दरोगा मोहर सिंह वारंटी को पकड़ने गए थे। वहां वारंटी नहीं मिला तो उसके भाई संजीव को ले आए। जिसे सुबह विधायक की मौजूदगी में उसके परिजनों को सौंप दिया गया। दरोगा मोहर सिंह के खिलाफ जो आरोप लगाए गए हैं, उनकी जांच की जा रही है।
विज्ञापन
दलवीर सिंह, थानाध्यक्ष निगोही
संजीव के परिजनों की शिकायत को गंभीरता से लिया गया है, मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. एस चन्नप्पा, एसपी