{"_id":"5c82bc18bdec22147163a107","slug":"131552071704-shahjahanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दस लाख की फिरौती के लिए मां-बेटे का अपहरण","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
दस लाख की फिरौती के लिए मां-बेटे का अपहरण
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुवायां (शाहजहांपुर)। आठ वर्षीय पुत्र के साथ बैंक जा रही एक महिला का कार सवार बदमाशोें ने तमंचा दिखा अपहरण कर लिया और रास्ते में धमकी देकर उसकी ससुराल को फोन कर दस लाख रुपये की फिरौती मांगी। बदमाश महिला को खीरी के थाना मोहम्मदी क्षेत्र के गांव रेहरिया से आगे बाग के पास फेंक कर उसके पुत्र अनमोल को लेकर फरार हो गए। बाद में पुलिस की सक्रियता बढ़ी तो बदमाशों ने अनमोल को सिंधोली जाने वाले टेंपो में बिठा दिया और भाग निकले। पुलिस ने गांव औरंगाबाद के ही एक संदिग्ध को पकड़ा है। उससे पूछताछ की जा रही है।
खुटार थाना क्षेत्र के गांव औरंगाबाद निवासी 37 वर्षीय लखपति देवी की शादी सिंधौली के गांव गरबापुर निवासी सरोज कुमार के साथ हुई है। उसके एक पुत्री 17 वर्षीय रूपांजली, दो पुत्र 14 वर्षीय प्रांशु और आठ वर्षीय अनमोल उर्फ कोमल हैं। मायके में लखपति देवी के नाम लगभग ढाई एकड़ जमीन है और गांव की ही बैंक ऑफ बड़ौदा में उसका क्राप लोन खाता भी है। जिसमें डेढ़ लाख रुपये हैं। शुक्रवार को वह रुपये निकालने के लिए बस से गंगसरा तक आई और वहां से दिन में लगभग दो बजे पुत्र को लेकर पैदल गांव औरंगाबाद जा रही थीं। लखपति देवी के अनुसार गांव सिरयाली और चपरौआ घाट के बीच पीछे से आई एक कार में बैठे चार बदमाशों ने उसे रोक लिया और तमंचा दिखा जबरिया उसे पुत्र समेत वाहन में बिठा लिया। बदमाशों ने उसका मोबाइल भी छीन लिया और ससुराल फोन कर दस लाख रुपये फिरौती दिलाने की मांग की। बदमाशों ने धमकी दी कि फिरौती नहीं मिलने पर उसे और उसके पुत्र को जान से मार दिया जाएगा। वाहन में एक बड़ी सी छुरी भी रखी थी। इसके बाद एक बदमाश ने अपने फोन से उसके पति का नंबर डायल कर फिरौती की बात भी कराई। इस दौरान गाड़ी लगातार चलती रही और खीरी के मोहम्मदी थाना क्षेत्र के गांव रेहरिया से आगे निकल गई। वहां बदमाशों ने रुपये मिलने के बाद पुत्र को छोड़ने की बात कहते हुए लखपति को वाहन से फेंक दिया।
इसके बाद लखपति को रोता देख एक बाइक चालक ने उसे पुलिस चौकी रेहरिया पहुंचाया। लखपति के अपहरण की जानकारी देने पर रेहरिया पुलिस ने पुवायां और खुटार पुलिस को सूचना दी। इससे पुलिस में खलबली मच गई। पुवायां से ट्रेनी आईपीएस सैय्यद मोहम्मद कासिम, सीओ प्रवीण कुमार, इंस्पेक्टर जसवीर सिंह, खुटार से इस्पेक्टर संजय सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे, उधर रेहरिया पुलिस लखपति को लेकर आई और पुवायां पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने अधिकारियों को जानकारी दी तो जिले भर की पुलिस को सतर्क कर दिया गया। इस पर अपहरणकर्ता अनमोल को शाहजहांपुर में छोड़कर भाग निकले। शाहजहांपुर से अनमोल किसी वाहन से सिंधौली पहुंचा। जहां परिवार के लोगों ने उसे देख लिया और सिंधौली कोतवाली ले गए। सिंधौली से उसे पुवायां लाया गया। लखपति देवी ने कहा कि वह अपहरण करने वालों को नहीं जानती है, लेकिन सामने आने पर पहचान लेंगी।
विज्ञापन
मोहम्मदी पुलिस ने देर से दी जानकारी
पुवायां। कोतवाली प्रभारी जसवीर सिंह के अनुसार लखपति के मोहम्मदी कोतवाली की रेहरिया चौकी पर पहुंचने और घटना की जानकारी देने के बाद वहां की पुलिस ने काफी देर तक मामले को दबाए रखा। अगर वहां की पुलिस जल्द जानकारी दे देती तो आरोपियों की घेराबंदी की जा सकती थी।
मामले की जानकारी मिलते ही अधिकारियों को सूचना दी गई और वाहनों की चेकिंग शुरू कराई गई। पुलिस की सक्रियता देख बदमाशा अनमोल को शाहजहांपुर में छोड़कर भाग निकले। लखपति देवी की ओर से चार अज्ञात बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
जसवीर सिंह, कोतवाली प्रभारी पुवायां
विज्ञापन
खुटार थाना क्षेत्र के गांव औरंगाबाद निवासी 37 वर्षीय लखपति देवी की शादी सिंधौली के गांव गरबापुर निवासी सरोज कुमार के साथ हुई है। उसके एक पुत्री 17 वर्षीय रूपांजली, दो पुत्र 14 वर्षीय प्रांशु और आठ वर्षीय अनमोल उर्फ कोमल हैं। मायके में लखपति देवी के नाम लगभग ढाई एकड़ जमीन है और गांव की ही बैंक ऑफ बड़ौदा में उसका क्राप लोन खाता भी है। जिसमें डेढ़ लाख रुपये हैं। शुक्रवार को वह रुपये निकालने के लिए बस से गंगसरा तक आई और वहां से दिन में लगभग दो बजे पुत्र को लेकर पैदल गांव औरंगाबाद जा रही थीं। लखपति देवी के अनुसार गांव सिरयाली और चपरौआ घाट के बीच पीछे से आई एक कार में बैठे चार बदमाशों ने उसे रोक लिया और तमंचा दिखा जबरिया उसे पुत्र समेत वाहन में बिठा लिया। बदमाशों ने उसका मोबाइल भी छीन लिया और ससुराल फोन कर दस लाख रुपये फिरौती दिलाने की मांग की। बदमाशों ने धमकी दी कि फिरौती नहीं मिलने पर उसे और उसके पुत्र को जान से मार दिया जाएगा। वाहन में एक बड़ी सी छुरी भी रखी थी। इसके बाद एक बदमाश ने अपने फोन से उसके पति का नंबर डायल कर फिरौती की बात भी कराई। इस दौरान गाड़ी लगातार चलती रही और खीरी के मोहम्मदी थाना क्षेत्र के गांव रेहरिया से आगे निकल गई। वहां बदमाशों ने रुपये मिलने के बाद पुत्र को छोड़ने की बात कहते हुए लखपति को वाहन से फेंक दिया।
विज्ञापन
इसके बाद लखपति को रोता देख एक बाइक चालक ने उसे पुलिस चौकी रेहरिया पहुंचाया। लखपति के अपहरण की जानकारी देने पर रेहरिया पुलिस ने पुवायां और खुटार पुलिस को सूचना दी। इससे पुलिस में खलबली मच गई। पुवायां से ट्रेनी आईपीएस सैय्यद मोहम्मद कासिम, सीओ प्रवीण कुमार, इंस्पेक्टर जसवीर सिंह, खुटार से इस्पेक्टर संजय सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे, उधर रेहरिया पुलिस लखपति को लेकर आई और पुवायां पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने अधिकारियों को जानकारी दी तो जिले भर की पुलिस को सतर्क कर दिया गया। इस पर अपहरणकर्ता अनमोल को शाहजहांपुर में छोड़कर भाग निकले। शाहजहांपुर से अनमोल किसी वाहन से सिंधौली पहुंचा। जहां परिवार के लोगों ने उसे देख लिया और सिंधौली कोतवाली ले गए। सिंधौली से उसे पुवायां लाया गया। लखपति देवी ने कहा कि वह अपहरण करने वालों को नहीं जानती है, लेकिन सामने आने पर पहचान लेंगी।
विज्ञापन
मोहम्मदी पुलिस ने देर से दी जानकारी
पुवायां। कोतवाली प्रभारी जसवीर सिंह के अनुसार लखपति के मोहम्मदी कोतवाली की रेहरिया चौकी पर पहुंचने और घटना की जानकारी देने के बाद वहां की पुलिस ने काफी देर तक मामले को दबाए रखा। अगर वहां की पुलिस जल्द जानकारी दे देती तो आरोपियों की घेराबंदी की जा सकती थी।
मामले की जानकारी मिलते ही अधिकारियों को सूचना दी गई और वाहनों की चेकिंग शुरू कराई गई। पुलिस की सक्रियता देख बदमाशा अनमोल को शाहजहांपुर में छोड़कर भाग निकले। लखपति देवी की ओर से चार अज्ञात बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
जसवीर सिंह, कोतवाली प्रभारी पुवायां