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युवती की आवाज में बात कर लोगों को फंसाने वाला गिरफ्तार
Updated Sun, 15 Apr 2018 08:35 PM IST
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फोटो-23,लखनऊ में पकड़ा गया खुटार का सौरभ मिश्रा
युवती की आवाज से लोगों
को ठगने वाला गिरफ्तार
खुटार का रहने वाला है सौरभ, लखनऊ पुलिस ने दबोचा
मोबाइल पर वॉयस चेंजर की मदद से करता था बात, ब्लैकमेल
दरोगा बनकर की ठगी, तो चढ़ा पुलिस के हत्थे
अमर उजाला ब्यूरो
पुवायां।
महिलाओं की आवाज में बात कर लोगों से ठगी करने वाला खुटार का युवक लखनऊ में पुलिस ने दबोच कर जेल भेज दिया है। युवक कई वर्ष से ठगी का काम कर रहा था। दरोगा बनकर उसने 58 हजार रुपये ठगी की। इसकी शिकायत पर हरकत में आई पुलिस ने उसे पकड़कर ठगी के धंधे का पर्दाफाश कर दिया है।
लखनऊ की इंदिरानगर पुलिस ने खुटार के मोहल्ला इंदिरानगर निवासी सौरभ मिश्रा को शनिवार को मड़ियांव बस स्टैंड से गिरफ्तार किया है। इंदिरानगर कोतवाली के प्रभारी एमपी वर्मा के अनुसार सौरभ मिश्रा काफी समय से मोबाइल के वॉयस चेंजर की मदद से लोगों से महिलाओं की आवाज में बात कर दोस्ती करता था और बाद में उनसे ऑनलाइन खरीदारी करवाता था। इसके अलावा वह लोगों से अपने मोबाइल को रिचार्ज कराने, मोबाइल खरीदने आदि के लिए भी रुपये ठग लेता था। सौरभ ने हरदोई के हरिनारायण वर्मा से तीन माह पूर्व महिला की आवाज में फोन कर दोस्ती गांठ ली और उससे कई बार में बड़ी रकम ठग ली। शक होने पर हरिनारायण वर्मा से उसे रुपये देने बंद कर दिए तो एक माह पूर्व सौरभ ने हरिनारायण को लखनऊ की इंदिरानगर कोतवाली का दरोगा अमित यादव बताकर फोन किया और बताया कि एक युवती की हत्या में उसका नाम आ रहा है। हत्या जैसे मामले में नाम आने की बात सुनकर हरिनारायण घबरा गया और उसने अमित यादव बने सौरभ से मामला रफादफा करने की बात की तो सौरभ ने उससे 58 हजार रुपये ठग लिए। बाद में शक होने पर हरिनारायण ने इंदिरानगर कोतवाली जाकर पूरा वाकया बताया तो पता चला कि कोतवाली में अमित यादव नाम का दरोगा ही नहीं है। पोल खुलती देख सौरभ ने हरिनारायण को 50 हजार रुपये वापस भी कर दिए, लेकिन हरिनारायण ने मुख्यमंत्री के जन सुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज करा दी। इसके बाद इंदिरानगर पुलिस ने जाल बिछाकर सौरभ को दबोच लिया। उसे कोर्ट में पेश किया अदालत नेे आरोपी को जेल भेज दिया है।
15 से 20 हजार रुपये थी महीने की कमाई
पुवायां। सौरभ मिश्रा लोगों से महिलाओं की आवाज में बात कर उन्हें मीठी-मीठी बातों में फंसा लेता था और सौ से लेकर पांच सौ रुपये तक पेटीएम के जरिए अपने खाते में मंगा लेता था। लोगों से छोटी रकम वसूलने का कारण था कि ठगी का शिकार शक न करे और लंबे समय तक उसके जाल में फंसकर रुपये देता रहे। सौरभ ने तमाम लोगों को अपने जाल में फंसा रखा था, इससे उसे एक माह में 15 से 20 हजार रुपये ठगी के रूप में मिल जाते थे। सौरभ ठगी का काम पांच वर्ष से कर रहा था। लखनऊ पुलिस को सौरभ के पास से दो मोबाइल मिले हैं, जिनमें वॉयस चेंजर सॉफ्टवेयर इंस्टाल है।
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खुद को बताता था अविवाहित युवती
पुवायां। सौरभ खुद को अविवाहित युवती बताकर लोगों से बात करता था। लोग मिलने की बात कहते तो वह कह देता था कि उसे घर से निकलने की इजाजत नहीं है। हाईस्कूल तक पढ़ा सौरभ कपड़ा बेचने का काम करता है। उसने वीगो एप आदि पर लड़कियों के नाम से फर्जी एकाउंट बना रखे हैं।
ट्रू कॉलर बताता था एसएसपी ऑफिस
पुवायां। सौरभ भले ही हाईस्कूल तक पढ़ा हो, लेकिन वह बेहद शातिर है। सौरभ ने गूगल पर अपना एक मोबाइल नंबर एसएसपी ऑफिस के नाम से और दूसरा मोबाइल नंबर कांस्टेबल सौरभ मिश्रा के नाम से सेव कर रखा था। यदि कोई ट्रू कॉलर के जरिए उसका नंबर सर्च करता तो एसएसपी कार्यालय और कांस्टेबल सौरभ मिश्रा देखकर यह समझता था कि नंबर किसी पुलिसकर्मी के हैं।
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युवती की आवाज से लोगों
को ठगने वाला गिरफ्तार
खुटार का रहने वाला है सौरभ, लखनऊ पुलिस ने दबोचा
मोबाइल पर वॉयस चेंजर की मदद से करता था बात, ब्लैकमेल
दरोगा बनकर की ठगी, तो चढ़ा पुलिस के हत्थे
अमर उजाला ब्यूरो
पुवायां।
महिलाओं की आवाज में बात कर लोगों से ठगी करने वाला खुटार का युवक लखनऊ में पुलिस ने दबोच कर जेल भेज दिया है। युवक कई वर्ष से ठगी का काम कर रहा था। दरोगा बनकर उसने 58 हजार रुपये ठगी की। इसकी शिकायत पर हरकत में आई पुलिस ने उसे पकड़कर ठगी के धंधे का पर्दाफाश कर दिया है।
लखनऊ की इंदिरानगर पुलिस ने खुटार के मोहल्ला इंदिरानगर निवासी सौरभ मिश्रा को शनिवार को मड़ियांव बस स्टैंड से गिरफ्तार किया है। इंदिरानगर कोतवाली के प्रभारी एमपी वर्मा के अनुसार सौरभ मिश्रा काफी समय से मोबाइल के वॉयस चेंजर की मदद से लोगों से महिलाओं की आवाज में बात कर दोस्ती करता था और बाद में उनसे ऑनलाइन खरीदारी करवाता था। इसके अलावा वह लोगों से अपने मोबाइल को रिचार्ज कराने, मोबाइल खरीदने आदि के लिए भी रुपये ठग लेता था। सौरभ ने हरदोई के हरिनारायण वर्मा से तीन माह पूर्व महिला की आवाज में फोन कर दोस्ती गांठ ली और उससे कई बार में बड़ी रकम ठग ली। शक होने पर हरिनारायण वर्मा से उसे रुपये देने बंद कर दिए तो एक माह पूर्व सौरभ ने हरिनारायण को लखनऊ की इंदिरानगर कोतवाली का दरोगा अमित यादव बताकर फोन किया और बताया कि एक युवती की हत्या में उसका नाम आ रहा है। हत्या जैसे मामले में नाम आने की बात सुनकर हरिनारायण घबरा गया और उसने अमित यादव बने सौरभ से मामला रफादफा करने की बात की तो सौरभ ने उससे 58 हजार रुपये ठग लिए। बाद में शक होने पर हरिनारायण ने इंदिरानगर कोतवाली जाकर पूरा वाकया बताया तो पता चला कि कोतवाली में अमित यादव नाम का दरोगा ही नहीं है। पोल खुलती देख सौरभ ने हरिनारायण को 50 हजार रुपये वापस भी कर दिए, लेकिन हरिनारायण ने मुख्यमंत्री के जन सुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज करा दी। इसके बाद इंदिरानगर पुलिस ने जाल बिछाकर सौरभ को दबोच लिया। उसे कोर्ट में पेश किया अदालत नेे आरोपी को जेल भेज दिया है।
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15 से 20 हजार रुपये थी महीने की कमाई
पुवायां। सौरभ मिश्रा लोगों से महिलाओं की आवाज में बात कर उन्हें मीठी-मीठी बातों में फंसा लेता था और सौ से लेकर पांच सौ रुपये तक पेटीएम के जरिए अपने खाते में मंगा लेता था। लोगों से छोटी रकम वसूलने का कारण था कि ठगी का शिकार शक न करे और लंबे समय तक उसके जाल में फंसकर रुपये देता रहे। सौरभ ने तमाम लोगों को अपने जाल में फंसा रखा था, इससे उसे एक माह में 15 से 20 हजार रुपये ठगी के रूप में मिल जाते थे। सौरभ ठगी का काम पांच वर्ष से कर रहा था। लखनऊ पुलिस को सौरभ के पास से दो मोबाइल मिले हैं, जिनमें वॉयस चेंजर सॉफ्टवेयर इंस्टाल है।
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खुद को बताता था अविवाहित युवती
पुवायां। सौरभ खुद को अविवाहित युवती बताकर लोगों से बात करता था। लोग मिलने की बात कहते तो वह कह देता था कि उसे घर से निकलने की इजाजत नहीं है। हाईस्कूल तक पढ़ा सौरभ कपड़ा बेचने का काम करता है। उसने वीगो एप आदि पर लड़कियों के नाम से फर्जी एकाउंट बना रखे हैं।
ट्रू कॉलर बताता था एसएसपी ऑफिस
पुवायां। सौरभ भले ही हाईस्कूल तक पढ़ा हो, लेकिन वह बेहद शातिर है। सौरभ ने गूगल पर अपना एक मोबाइल नंबर एसएसपी ऑफिस के नाम से और दूसरा मोबाइल नंबर कांस्टेबल सौरभ मिश्रा के नाम से सेव कर रखा था। यदि कोई ट्रू कॉलर के जरिए उसका नंबर सर्च करता तो एसएसपी कार्यालय और कांस्टेबल सौरभ मिश्रा देखकर यह समझता था कि नंबर किसी पुलिसकर्मी के हैं।