{"_id":"6170754b83448f0acd549f69","slug":"crime-shahjahanpur-news-bly4635809164","type":"story","status":"publish","title_hn":"आरोपी वकील ने कमीज से खून के धब्बे मिटाने की कोशिश की थी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आरोपी वकील ने कमीज से खून के धब्बे मिटाने की कोशिश की थी
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शाहजहांपुर। कचहरी परिसर में वकील भूपेंद्र सिंह की हत्या के आरोपी सुरेश गुप्ता ने अपनी कमीज पर पड़े खून के धब्बे पानी से धोने की कोशिश की थी। कोर्ट के आदेश पर न्यायिक हिरासत में भेजने के बाद उन्हें अस्थायी जेल में बुुजुर्ग बंदियों के साथ बैरक नंबर तीन में रखा गया है। जहां वह रातभर बेचैन रहे । जेल में उन्होंने थोड़ा सा खाना खाया। किसी से बातचीत भी नहीं की।
कोतवाली क्षेत्र में जनता इंटर कॉलेज के पास रहने वाले सुरेश गुप्ता की किरायेदारी के विवाद में सन 2000 से भूपेंद्र सिंह से रंजिश चल रही थी। भूपेंद्र सिंह ने सुरेश गुप्ता पर 24 मुकदमे दर्ज करा दिए थे। कुछ मुकदमे सुरेश गुप्ता की ओर से भी दर्ज कराए गए थे। सोमवार को पूर्वाह्न 11:45 बजे भूपेंद्र सिंह की एसीजेएम दफ्तर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हरकत में आई पुलिस ने सीसीटीवी चेक कराए तो भूपेंद्र सिंह के पीछे-पीछे वकील सुरेश गुप्ता सीढ़ी चढ़ते हुए देखे गए। पुलिस ने सुरेश गुप्ता को चार घंटे बाद ही गिरफ्तार कर लिया था। सुरेश गुप्ता ने पुलिस को बताया कि मुकदमों से परेशान होकर उन्होंने भूपेंद्र सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी। मंगलवार को सुरेश गुप्ता को जेल भेज दिया गया।
सुरेश गुप्ता की कोरोना जांच कराई गई जो निगेटिव मिली। इसके बाद क्वारंटीन सेल में रखा गया है। वहां पर बैरक नंबर तीन में बंदी नंबर 3395 के रूप में सुरेश गुप्ता रखे गए हैं। जेल सूत्रों के मुताबिक पहली रात सुरेश गुप्ता ने किसी से बात नहीं की। उनकी बैरक में अधिकतर कैदी बुजुर्ग हैं। उन्होंने खाना भी बहुत कम खाया और बेचैनी में रात काटी।
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पहले गुनाह छुपाते रहे, बाद में खुलकर बोले सुरेश गुप्ता
भूपेंद्र सिंह की हत्या की साजिश बहुत पहले से सुरेश गुप्ता कर रहे थे। वह हर हाल में भूपेंद्र सिंह को रास्ते से हटाना चाहते थे। एसीजेएम कार्यालय में लोगों के कम आने-जाने के कारण उन्हें वह जगह मुफीद लगी। सीसीटीवी में दिख रहा है कि सुरेश गुप्ता धीमे-धीमे सीढ़ी चढ़ रहे हैं, लेकिन उतरते समय चाल काफी तेज थी। पुलिस के सूत्रों के मुताबिक हत्याकांड के बाद सुरेश गुप्ता अपनी सीट पर जाकर बैठ गए थे। वारदात के बाद उनकी कमीज, बनियाइन और पेट में खून के धब्बे पड़ गए थे। उन्होंने वारदात के बाद खून के दाग छुपाने के लिए फाइल का इस्तेमाल किया। सीट पर बैठने के बाद पानी से शर्ट के खून के दाग धोए, लेकिन बनियाइन और पेट में खून लगा रहा। शर्ट पर दाग धुंधले हो गए थे। पुलिसकर्मी जब उन्हें पकड़ने गए तो पहले उन्होंने उन्हें हड़काने का प्रयास किया। बाद में पुलिस वालों ने उन्हें समझाया कि यहां पर रहने से खतरा हो सकता है तो वे पुलिस वालों के साथ चले गए। उन्होंने एक सीनियर वकील को फोन कर कहा कि वारदात में उनका नाम सामने आ रहा है, वे निर्दोष हैं और सामने आना चाहते हैं। इस पर वकील ने खतरे को देखते हुए उन्हें सामने न आने की सलाह दी। इसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की गिरफ्त में जब सुरेश गुप्ता ने खुद को फंसता पाया तो उन्होंने अपना गुनाह कुबूल कर लिया और सब कुछ पुलिस को बता दिया।
जेल अधीक्षक बीडी पांडेय ने बताया कि आरोपी सुरेश गुप्ता बैरक नंबर तीन में बंद है। 15 दिन बाद उन्हें जेल में शिफ्ट कर दिया जाएगा। उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया है। बीमारी मिलने पर उन्हें चिकित्सीय सहायता दी जाएगी।
कचहरी की बढ़ेगी सुरक्षा
कचहरी परिसर में तमंचा ले जाकर वकील को गोली मारने के बाद पुलिस ने कचहरी की सुरक्षा व्यवस्था में इजाफा किया है। एसपी सिटी संजय कुमार ने बताया कि कचहरी की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने के लिए 17 पुलिसकर्मियों को बढ़ाया गया है। अन्य उपायों पर विचार किया जा रहा है।
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कोतवाली क्षेत्र में जनता इंटर कॉलेज के पास रहने वाले सुरेश गुप्ता की किरायेदारी के विवाद में सन 2000 से भूपेंद्र सिंह से रंजिश चल रही थी। भूपेंद्र सिंह ने सुरेश गुप्ता पर 24 मुकदमे दर्ज करा दिए थे। कुछ मुकदमे सुरेश गुप्ता की ओर से भी दर्ज कराए गए थे। सोमवार को पूर्वाह्न 11:45 बजे भूपेंद्र सिंह की एसीजेएम दफ्तर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हरकत में आई पुलिस ने सीसीटीवी चेक कराए तो भूपेंद्र सिंह के पीछे-पीछे वकील सुरेश गुप्ता सीढ़ी चढ़ते हुए देखे गए। पुलिस ने सुरेश गुप्ता को चार घंटे बाद ही गिरफ्तार कर लिया था। सुरेश गुप्ता ने पुलिस को बताया कि मुकदमों से परेशान होकर उन्होंने भूपेंद्र सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी। मंगलवार को सुरेश गुप्ता को जेल भेज दिया गया।
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सुरेश गुप्ता की कोरोना जांच कराई गई जो निगेटिव मिली। इसके बाद क्वारंटीन सेल में रखा गया है। वहां पर बैरक नंबर तीन में बंदी नंबर 3395 के रूप में सुरेश गुप्ता रखे गए हैं। जेल सूत्रों के मुताबिक पहली रात सुरेश गुप्ता ने किसी से बात नहीं की। उनकी बैरक में अधिकतर कैदी बुजुर्ग हैं। उन्होंने खाना भी बहुत कम खाया और बेचैनी में रात काटी।
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पहले गुनाह छुपाते रहे, बाद में खुलकर बोले सुरेश गुप्ता
भूपेंद्र सिंह की हत्या की साजिश बहुत पहले से सुरेश गुप्ता कर रहे थे। वह हर हाल में भूपेंद्र सिंह को रास्ते से हटाना चाहते थे। एसीजेएम कार्यालय में लोगों के कम आने-जाने के कारण उन्हें वह जगह मुफीद लगी। सीसीटीवी में दिख रहा है कि सुरेश गुप्ता धीमे-धीमे सीढ़ी चढ़ रहे हैं, लेकिन उतरते समय चाल काफी तेज थी। पुलिस के सूत्रों के मुताबिक हत्याकांड के बाद सुरेश गुप्ता अपनी सीट पर जाकर बैठ गए थे। वारदात के बाद उनकी कमीज, बनियाइन और पेट में खून के धब्बे पड़ गए थे। उन्होंने वारदात के बाद खून के दाग छुपाने के लिए फाइल का इस्तेमाल किया। सीट पर बैठने के बाद पानी से शर्ट के खून के दाग धोए, लेकिन बनियाइन और पेट में खून लगा रहा। शर्ट पर दाग धुंधले हो गए थे। पुलिसकर्मी जब उन्हें पकड़ने गए तो पहले उन्होंने उन्हें हड़काने का प्रयास किया। बाद में पुलिस वालों ने उन्हें समझाया कि यहां पर रहने से खतरा हो सकता है तो वे पुलिस वालों के साथ चले गए। उन्होंने एक सीनियर वकील को फोन कर कहा कि वारदात में उनका नाम सामने आ रहा है, वे निर्दोष हैं और सामने आना चाहते हैं। इस पर वकील ने खतरे को देखते हुए उन्हें सामने न आने की सलाह दी। इसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की गिरफ्त में जब सुरेश गुप्ता ने खुद को फंसता पाया तो उन्होंने अपना गुनाह कुबूल कर लिया और सब कुछ पुलिस को बता दिया।
जेल अधीक्षक बीडी पांडेय ने बताया कि आरोपी सुरेश गुप्ता बैरक नंबर तीन में बंद है। 15 दिन बाद उन्हें जेल में शिफ्ट कर दिया जाएगा। उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया है। बीमारी मिलने पर उन्हें चिकित्सीय सहायता दी जाएगी।
कचहरी की बढ़ेगी सुरक्षा
कचहरी परिसर में तमंचा ले जाकर वकील को गोली मारने के बाद पुलिस ने कचहरी की सुरक्षा व्यवस्था में इजाफा किया है। एसपी सिटी संजय कुमार ने बताया कि कचहरी की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने के लिए 17 पुलिसकर्मियों को बढ़ाया गया है। अन्य उपायों पर विचार किया जा रहा है।