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दिन भर उमड़ते घुमड़ते रहे बादल, आज बारिश के आसार
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शाहजहांपुर। बारिश के लिहाज से बुधवार का दिन भी खाली चला गया, जबकि आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र ने पश्चिम मध्य यूपी के अन्य जिलों की तरह यहां भी अगले दो-तीन दिन में मध्यम से तेज बारिश होने का पूर्वानुमान जताते हुए अलर्ट जारी किया था। हालांकि, सुबह से बादल उमड़ने-घुमड़ने और वातावरण में आर्र्दता बढ़ने से ठंडी हवा के झोंके चले तो दिन में थर्मामीटर का पारा चार डिग्री लुढ़ककर 33 डिग्री सेल्सियस हो गया और इससे उमस भरी गर्मी से काफी राहत मिली। मौसम वैज्ञानिक के अनुसार हवा के कम दबाव का क्षेत्र विकसित होने से बृहस्पतिवार को बारिश होने की संभावना बढ़ गई है।
बादल रात से ही छाए थे, लेकिन मंगलवार को वायु दाब अधिक होने से रात में चली पुरवाई के झोंकों ने बादल ठहरने नहीं दिए। बुधवार को सुबह से आसमान पर बादलों ने डेरा डालना शुरू कर दिया, लेकिन बीच में धूप निकलने से उमस बढ़ने लगी। दोपहर करीब एक बजे पूर्वी क्षितिज से काली घटाएं उठने पर बारिश होने जैसे आसार बने, लेकिन पुरवा हवा ने बादलों की खेप को आगे धकेल दिया। हालांकि, इसी के साथ आर्द्रता के प्रभाव से नम हवा चली तो माहौल से गर्मी कम होने लगी और आसपास के शहरों मेें बूंदाबांदी, बारिश का आभास होने लगा। इसके बावजूद बरसात को ब्रेक लगा रहा।
गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह के अनुसार हवा में अस्थिरता होने के कारण जिन आंकड़ों के आधार पर मौसम का पूर्वानुमान लगाया जाता है, वह मौसम की क्षेत्रीय स्थिति पर सटीक नहीं बैठ पाते। इसीलिए आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के अलर्ट के 48 घंटे बाद भी जनपद में बारिश नहीं हुई, लेकिन बुधवार को सुबह से शाम तक बैरोमीटर की रीडिंग में अप्रत्याशित गिरावट पाई गई। उन्होंने बताया कि हवा की गति कम हो जाने से रात में बादल जिले के आसमान पर डेरा जमाएंगे और बृहस्पतिवार को सुबह से दोपहर तक बारिश होने के आसार बढ़ गए हैं।
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बादल रात से ही छाए थे, लेकिन मंगलवार को वायु दाब अधिक होने से रात में चली पुरवाई के झोंकों ने बादल ठहरने नहीं दिए। बुधवार को सुबह से आसमान पर बादलों ने डेरा डालना शुरू कर दिया, लेकिन बीच में धूप निकलने से उमस बढ़ने लगी। दोपहर करीब एक बजे पूर्वी क्षितिज से काली घटाएं उठने पर बारिश होने जैसे आसार बने, लेकिन पुरवा हवा ने बादलों की खेप को आगे धकेल दिया। हालांकि, इसी के साथ आर्द्रता के प्रभाव से नम हवा चली तो माहौल से गर्मी कम होने लगी और आसपास के शहरों मेें बूंदाबांदी, बारिश का आभास होने लगा। इसके बावजूद बरसात को ब्रेक लगा रहा।
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गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह के अनुसार हवा में अस्थिरता होने के कारण जिन आंकड़ों के आधार पर मौसम का पूर्वानुमान लगाया जाता है, वह मौसम की क्षेत्रीय स्थिति पर सटीक नहीं बैठ पाते। इसीलिए आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के अलर्ट के 48 घंटे बाद भी जनपद में बारिश नहीं हुई, लेकिन बुधवार को सुबह से शाम तक बैरोमीटर की रीडिंग में अप्रत्याशित गिरावट पाई गई। उन्होंने बताया कि हवा की गति कम हो जाने से रात में बादल जिले के आसमान पर डेरा जमाएंगे और बृहस्पतिवार को सुबह से दोपहर तक बारिश होने के आसार बढ़ गए हैं।
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