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सीडीपीओ ने दर्ज कराई तीन लोगों पर नामजद रिपोर्ट
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पुवायां (शाहजहांपुर)। विभाग में अनुचित काम कराने का दबाव और बड़े नेताओं की धौंस दिखाने वाले युवक को ऐसा करना महंगा साबित हुआ। लगातार धमकी मिलने के बाद पुलिस के सामने फफक के रोने वाली सीडीपीओ ने तीन लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है।
सीडीपीओ प्रियंका गुप्ता ने पुलिस को बताया कि पुवायां में बंडा रोड निवासी धर्मेंद्र कुमार अक्सर उनके कार्यालय में आकर शासकीय, विभागीय कार्यों को अपने अनुसार किए जाने के लिए अनुचित दबाव बनाते थे। मना करने पर कहते कि उनके कई बड़े नेताओं से गहरे संबंध हैं और उन्हें पुवायां में काम नहीं करने दिया जाएगा। दबाव बनाने की नियत से धर्मेंद्र ने आंगनबाड़ी वर्करों के फर्जी हस्ताक्षर कर शिकायत कराई और फर्जी शिकायत के आधार पर विधान परिषद के सभापति रमेश यादव का पैड भी लगाया। जानकारी होने पर महिला कर्मचारी कार्यालय आईं तो धर्मेंद्र ने कर्मचारियों पर अनुचित दबाव बनाकर अपनी बात लिखित रूप से कहने से मना कर दिया गया। जिन कर्मचारियों के नाम से शिकायत की गई है, उन्होंने शपथपत्र देकर शिकायत न करने संबंधी बयान दिए हैं। धर्मेंद्र के परिवार को कोई व्यक्ति विभाग में काम नहीं करता है और कोई लाभार्थी भी नहीं है। इसके बाद भी वह जबरन कार्यालय आते हैं और झूठी शिकायत कर दबाव बनाते हैं। शिकायतों की जांच के लिए 20 अगस्त को डीपीओ पुवायां आई थीं और कर्मचारियों की बैठक तहसील के हाल में बुलाई थी, जिसमें धर्मेंद्र, आंगनबाड़ी कर्मचारी कमला यादव, सीता गुप्ता ने झांसा देकर कर्मचारियों से सादे कागज पर हस्ताक्षर करा लिए। लगातार झूठी शिकायतों और अनुचित दबाव और धमकी के कारण वह मानसिक रूप से परेशान और उत्पीड़ित हो रही है। पुलिस ने धर्मेंद्र, कमला यादव और सीता गुप्ता के खिलाफ धारा 332, 353, 186, 504, 506 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली है। कोतवाली प्रभारी जसवीर सिंह ने बताया कि
तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जाएगी और जो भी दोषी पाया गया उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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सीडीपीओ प्रियंका गुप्ता ने पुलिस को बताया कि पुवायां में बंडा रोड निवासी धर्मेंद्र कुमार अक्सर उनके कार्यालय में आकर शासकीय, विभागीय कार्यों को अपने अनुसार किए जाने के लिए अनुचित दबाव बनाते थे। मना करने पर कहते कि उनके कई बड़े नेताओं से गहरे संबंध हैं और उन्हें पुवायां में काम नहीं करने दिया जाएगा। दबाव बनाने की नियत से धर्मेंद्र ने आंगनबाड़ी वर्करों के फर्जी हस्ताक्षर कर शिकायत कराई और फर्जी शिकायत के आधार पर विधान परिषद के सभापति रमेश यादव का पैड भी लगाया। जानकारी होने पर महिला कर्मचारी कार्यालय आईं तो धर्मेंद्र ने कर्मचारियों पर अनुचित दबाव बनाकर अपनी बात लिखित रूप से कहने से मना कर दिया गया। जिन कर्मचारियों के नाम से शिकायत की गई है, उन्होंने शपथपत्र देकर शिकायत न करने संबंधी बयान दिए हैं। धर्मेंद्र के परिवार को कोई व्यक्ति विभाग में काम नहीं करता है और कोई लाभार्थी भी नहीं है। इसके बाद भी वह जबरन कार्यालय आते हैं और झूठी शिकायत कर दबाव बनाते हैं। शिकायतों की जांच के लिए 20 अगस्त को डीपीओ पुवायां आई थीं और कर्मचारियों की बैठक तहसील के हाल में बुलाई थी, जिसमें धर्मेंद्र, आंगनबाड़ी कर्मचारी कमला यादव, सीता गुप्ता ने झांसा देकर कर्मचारियों से सादे कागज पर हस्ताक्षर करा लिए। लगातार झूठी शिकायतों और अनुचित दबाव और धमकी के कारण वह मानसिक रूप से परेशान और उत्पीड़ित हो रही है। पुलिस ने धर्मेंद्र, कमला यादव और सीता गुप्ता के खिलाफ धारा 332, 353, 186, 504, 506 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली है। कोतवाली प्रभारी जसवीर सिंह ने बताया कि
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तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जाएगी और जो भी दोषी पाया गया उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।