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Shahjahanpur News: क्राइम ब्रांच ने पकड़े पेंशन घोटाले के दो आरोपी
Sat, 24 Feb 2024 02:06 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Sat, 24 Feb 2024 02:06 AM IST
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शाहजहांपुर। समाज कल्याण विभाग में पेंशन घोटाले के दो और आरोपियों को क्राइम ब्रांच ने पकड़ लिया। उनके पास से जिलास्तरीय अधिकारियों और ब्लॉकों के बीडीओ की फर्जी मोहर बरामद हुई हैं। इससे पहले एक आरोपी को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
तीन अप्रैल, 2023 को मीरानपुर कटरा के विधायक वीर विक्रम सिंह प्रिंस ने मामला सदन में उठाया था, जिसके बाद दो करोड़ 52 लाख 39 हजार रुपये के पेंशन घोटाले की जांच शुरू हुई थी। मामले में प्रभारी समाज कल्याण अधिकारी वंदना सिंह ने 20 सितंबर 2023 को फर्जीवाड़े की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने पूर्व जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश कुमार के अलावा सीतापुर निवासी विशाल सक्सेना और सूरज, शाहजहांपुर के साकिब, सीतापुर के खुशाल, कांट के प्रियांशु शर्मा, सदर बाजार थाना क्षेत्र निवासी रामऔतार, निकरा निवासी सतीश कश्यप, कांट के पलहौरा गांव निवासी पप्पू को नामजद किया था। आरोप है कि खाता नंबर बदलकर 2390 बुजुर्गों की पेंशन अन्य खातों में भेजकर घोटाला किया गया था। मामले की विवेचना कर रही क्राइम ब्रांच ने शुक्रवार को थाना सदर बाजार क्षेत्र के राजकीय इंटर कॉलेज के आगे पंप के सामने से सीतापुर के अनूप और कांट के जयपाल को पकड़ लिया। जयपाल दलाल बताया जा रहा है। जबकि, अनूप समाज कल्याण अधिकारी के साथ कार्यालय आता था। हालांकि, दोनों का नाम मुकदमे में नहीं है। पुलिस ने आरोपियों से लंबी पूछताछ की। उनके पास से बरामद बैग से ब्लॉकों के बीडीओ व जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी की मोहरें बरामद हुई हैं। बताते हैं कि फर्जीवाड़ा करने के लिए फार्मों पर अधिकारियों की मोहरें लगाकर खुद ही सत्यापित कर देते थे। दोनों को पुलिस शनिवार को जेल भेज सकती है।
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बाबुओं से कराई आरोपियों की पहचान
-पुलिस ने दोनों आरोपियों की पहचान जिला समाज कल्याण विभाग के बाबुओं को बुलाकर कराई है। बताते हैं कि पुलिस उनके रैकेट के अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है। माना जा रहा है कि उनके संपर्क में घोटाले से जुड़े अन्य आरोपी भी होंगे।
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पांच दिसंबर को एक आरोपी पकड़ा था
-पांच दिसंबर को क्राइम ब्रांच ने कांट के कुर्रियाकलां निवासी रामऔतार को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। उसे हर पासबुक पर दो सौ रुपये मिलते थे। इसी लालच में उसने 10 से 15 लोगों को विश्वास में लेकर उनकी पासबुक जयपाल, राजेश और पप्पू को दी थी। इन्हीं खाताें में तीन से 12 हजार रुपये भेजे गए थे। बाद में जनसेवा केंद्र संचालक राजेश ने खाताधारकों को पांच सौ से एक हजार रुपये देकर शेष रुपये हड़प लिए थे।
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-पेंशन घोटाले के प्रकरण में दो आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। उनसे कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। उनसे पूछताछ की जा रही है।
बीएस वीर कुमार, सीओ सिटी
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तीन अप्रैल, 2023 को मीरानपुर कटरा के विधायक वीर विक्रम सिंह प्रिंस ने मामला सदन में उठाया था, जिसके बाद दो करोड़ 52 लाख 39 हजार रुपये के पेंशन घोटाले की जांच शुरू हुई थी। मामले में प्रभारी समाज कल्याण अधिकारी वंदना सिंह ने 20 सितंबर 2023 को फर्जीवाड़े की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने पूर्व जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश कुमार के अलावा सीतापुर निवासी विशाल सक्सेना और सूरज, शाहजहांपुर के साकिब, सीतापुर के खुशाल, कांट के प्रियांशु शर्मा, सदर बाजार थाना क्षेत्र निवासी रामऔतार, निकरा निवासी सतीश कश्यप, कांट के पलहौरा गांव निवासी पप्पू को नामजद किया था। आरोप है कि खाता नंबर बदलकर 2390 बुजुर्गों की पेंशन अन्य खातों में भेजकर घोटाला किया गया था। मामले की विवेचना कर रही क्राइम ब्रांच ने शुक्रवार को थाना सदर बाजार क्षेत्र के राजकीय इंटर कॉलेज के आगे पंप के सामने से सीतापुर के अनूप और कांट के जयपाल को पकड़ लिया। जयपाल दलाल बताया जा रहा है। जबकि, अनूप समाज कल्याण अधिकारी के साथ कार्यालय आता था। हालांकि, दोनों का नाम मुकदमे में नहीं है। पुलिस ने आरोपियों से लंबी पूछताछ की। उनके पास से बरामद बैग से ब्लॉकों के बीडीओ व जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी की मोहरें बरामद हुई हैं। बताते हैं कि फर्जीवाड़ा करने के लिए फार्मों पर अधिकारियों की मोहरें लगाकर खुद ही सत्यापित कर देते थे। दोनों को पुलिस शनिवार को जेल भेज सकती है।
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बाबुओं से कराई आरोपियों की पहचान
-पुलिस ने दोनों आरोपियों की पहचान जिला समाज कल्याण विभाग के बाबुओं को बुलाकर कराई है। बताते हैं कि पुलिस उनके रैकेट के अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है। माना जा रहा है कि उनके संपर्क में घोटाले से जुड़े अन्य आरोपी भी होंगे।
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पांच दिसंबर को एक आरोपी पकड़ा था
-पांच दिसंबर को क्राइम ब्रांच ने कांट के कुर्रियाकलां निवासी रामऔतार को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। उसे हर पासबुक पर दो सौ रुपये मिलते थे। इसी लालच में उसने 10 से 15 लोगों को विश्वास में लेकर उनकी पासबुक जयपाल, राजेश और पप्पू को दी थी। इन्हीं खाताें में तीन से 12 हजार रुपये भेजे गए थे। बाद में जनसेवा केंद्र संचालक राजेश ने खाताधारकों को पांच सौ से एक हजार रुपये देकर शेष रुपये हड़प लिए थे।
-पेंशन घोटाले के प्रकरण में दो आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। उनसे कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। उनसे पूछताछ की जा रही है।
बीएस वीर कुमार, सीओ सिटी