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नकली नोटों के शक नें किसान नेता से फिर पूछताछ
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शाहजहांपुर। नकली नोट के सौदागरों को हिरासत में लेने के बाद भी क्राइम ब्रांच की स्वाट टीम 36 घंटे की पूछताछ के बाद भी अभी तक उनसे सरगना का नाम तक नहीं उगलवा पाई है। मीडिया को जानकारी देने से बच रही स्वाट टीम पकड़े गए लोगों से अभी भी पूछताछ कर रही है।
दरअसल क्राइम ब्रांच की स्वाट टीम को सूचना मिली थी कि नकली नोट के खेल में शामिल किसान नेता और उसका एक साथी खैरपुर गांव में मौजूद हैं। इस पर स्वाट टीम ने शनिवार दोपहर करीब दो बजे छापा मारकर दो लोगों को हिरासत में ले लिया था। बताया जा रहा है कि इन लोगों के पास से नकली नोट की भारी खेप भी बरामद हुई है। दोनों को स्वाट टीम पुलिस लाइन स्थित कार्यालय ले गई। जहां दोनों से पूरी रात पूछताछ की, लेकिन उनसे नकली नोट के सरगना का नाम नहीं उगलवा पाई। रविवार सुबह से देर शाम तक दोनों से पूछताछ की जाती रही, लेकिन नतीजा शून्य रहा। अब नकली नोट की बरामदगी के मामले में स्वाट टीम जानकारी देने से पीछे हट रही है। टीम का कहना है कि हिरासत में लिए गए लोग नकली नोटों के मामले में नहीं किसी अन्य मामले में लाए गए हैं। बताया जा रहा है कि हिरासत में लिए गए लोग नकली नोट के कारोबार में काफी लंबे समय से जुड़े हुए हैं। एक किसान को सरसों बिक्री का पेमेंट करने पर मामला खुला तो स्वाट टीम दोनों को पकड़ लाई थी।
खैरपुर में लगभग छह वर्ष पहले एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर उसके पास से अफीम बरामद की गई थी, इसमें आरोप लगा था कि पुलिस टीम ने मुख्य आरोपी को छोड़ दिया और उसके नौकर को जेल भेज दिया। इसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
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पहले भी पकड़े जा चुके हैं नकली नोट के सौदागर
सात जून 2019 को थाना जैतीपुर के अमईपुर सड़ा निवासी हरपाल सिंह को पुवायां पुलिस ने गिरफ्तार कर उसके पास से 1.98 लाख रुपये के नकली नोट बरामद किए थे। उसने बंडा के गांव बिलंदापुर निवासी हरविंदर सिंह को नकली नोट दिखाकर उनसे ठगी कर ली थी।
20 मार्च 2013 को रोजा पुलिस ने बिहार के दरभंगा के थाना जाले के गांव मदिलमन निवासी रहमत अली और असलम को गिरफ्तार किया था। पुलिस टीम ने रहमत अली के पास से तीन लाख 27 हजार पांच सौ रुपये बरामद किए थे और असलम के पास से 51 हजार रुपये बरामद किए थे।
दिसंबर 2012 में रोजा पुलिस ने पांच हजार रुपये के नकली नोटों के साथ तीन लोगों को गिरफ्तार कर उन्हें जेल भेजा था। वर्ष 2008 में बंडा और पीलीभीत के कारोबारियों के पास से 83 हजार रुपये के नकली नोट बरामद किए थे।
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दरअसल क्राइम ब्रांच की स्वाट टीम को सूचना मिली थी कि नकली नोट के खेल में शामिल किसान नेता और उसका एक साथी खैरपुर गांव में मौजूद हैं। इस पर स्वाट टीम ने शनिवार दोपहर करीब दो बजे छापा मारकर दो लोगों को हिरासत में ले लिया था। बताया जा रहा है कि इन लोगों के पास से नकली नोट की भारी खेप भी बरामद हुई है। दोनों को स्वाट टीम पुलिस लाइन स्थित कार्यालय ले गई। जहां दोनों से पूरी रात पूछताछ की, लेकिन उनसे नकली नोट के सरगना का नाम नहीं उगलवा पाई। रविवार सुबह से देर शाम तक दोनों से पूछताछ की जाती रही, लेकिन नतीजा शून्य रहा। अब नकली नोट की बरामदगी के मामले में स्वाट टीम जानकारी देने से पीछे हट रही है। टीम का कहना है कि हिरासत में लिए गए लोग नकली नोटों के मामले में नहीं किसी अन्य मामले में लाए गए हैं। बताया जा रहा है कि हिरासत में लिए गए लोग नकली नोट के कारोबार में काफी लंबे समय से जुड़े हुए हैं। एक किसान को सरसों बिक्री का पेमेंट करने पर मामला खुला तो स्वाट टीम दोनों को पकड़ लाई थी।
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खैरपुर में लगभग छह वर्ष पहले एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर उसके पास से अफीम बरामद की गई थी, इसमें आरोप लगा था कि पुलिस टीम ने मुख्य आरोपी को छोड़ दिया और उसके नौकर को जेल भेज दिया। इसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
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पहले भी पकड़े जा चुके हैं नकली नोट के सौदागर
सात जून 2019 को थाना जैतीपुर के अमईपुर सड़ा निवासी हरपाल सिंह को पुवायां पुलिस ने गिरफ्तार कर उसके पास से 1.98 लाख रुपये के नकली नोट बरामद किए थे। उसने बंडा के गांव बिलंदापुर निवासी हरविंदर सिंह को नकली नोट दिखाकर उनसे ठगी कर ली थी।
20 मार्च 2013 को रोजा पुलिस ने बिहार के दरभंगा के थाना जाले के गांव मदिलमन निवासी रहमत अली और असलम को गिरफ्तार किया था। पुलिस टीम ने रहमत अली के पास से तीन लाख 27 हजार पांच सौ रुपये बरामद किए थे और असलम के पास से 51 हजार रुपये बरामद किए थे।
दिसंबर 2012 में रोजा पुलिस ने पांच हजार रुपये के नकली नोटों के साथ तीन लोगों को गिरफ्तार कर उन्हें जेल भेजा था। वर्ष 2008 में बंडा और पीलीभीत के कारोबारियों के पास से 83 हजार रुपये के नकली नोट बरामद किए थे।