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सीजेएम कोर्ट में एसआईटी ने दाखिल की चार्जशीट, चिन्मयानंद समेत पांचों आरोपियों की हुई पेशी
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शाहजहांपुर। चिन्मयानंद और छात्रा प्रकरण की विवेचना पूरी करने के बाद एसआईटी ने बुधवार को सीजेएम कोर्ट में दोनों ही मामलों की चार्जशीट दाखिल कर दी। चार्जशीट दाखिल करने के दौरान दुष्कर्म के आरोपी चिन्मयानंद और उनसे पांच करोड़ की फिरौती मांगने के आरोपी छात्रा व उसके दोस्त संजय, सचिन, विक्रम को सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। कार्यवाही पूरी करने के बाद चिन्मयानंद समेत पांचों आरोपियों को जेल भेज दिया गया। खास बात यह रही कि चिन्मयानंद, छात्रा और तीनों लड़कों को अलग-अलग समय पेश किया गया। कार्यवाही के भारी पुलिस बल तैनात रहा।
एसआईटी ने चिन्मयानंद और छात्रा प्रकरण की करीब दो महीने में विवेचना पूरी की। मंगलवार को एसआईटी ने प्रेस कांफ्रेंस कर दोनों मामलों में चार्जशीट तैयार कर लेने की बात कही थी। बुधवार सुबह कोर्ट खुलने के बाद एसआईटी के सदस्य चिन्मयानंद और छात्रा व उसके दोस्तों के खिलाफ आरोप पत्र लेकर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट में पहुंचे। सुबह लगभग 10:30 बजे चिन्मयानंद को जिला जेल से पुलिस अभिरक्षा में सीजेएम कोर्ट लाया गया। यहां एसआईटी ने चिन्मयानंद उर्फ कृष्णपाल सिंह के खिलाफ धारा 376 सी, 354 डी, 342, 506 के तहत आरोप तय करते हुए चार्जशीट दाखिल की। लगभग 15 मिनट में कोर्ट की कार्यवाही पूरी होने के बाद चिन्मयानंद को वापस जेल भेज दिया गया। इसके बाद एसआईटी ने छात्रा और उसके दोस्त संजय, सचिन, विक्रम के खिलाफ चिन्मयानंद से पांच करोड़ की फिरौती मांगे जाने व आईटी एक्ट आदि में आरोप तय करते हुए सीजेएम कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। चिन्मयानंद के चले जाने के बाद छात्रा को कोर्ट में पेश किया गया। उसके दोस्त संजय, सचिन, विक्रम को आखिर में सुबह 11:53 बजे सीजेएम कोर्ट लाया गया। चार्जशीट पेश किए जाने के दौरान आरोपी मौजूद रहे। चार्जशीट पर आरोपियों के हस्ताक्षर भी करवाए गए। कोर्ट की कार्रवाई पूरी होने के बाद 12:15 बजे छात्रा और उसके दोस्तों को जेल वापस भेज दिया गया। छात्रा और उसके दोस्तों के खिलाफ दायर की चार्जशीट में भाजपा नेता व जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन डीपीएस राठौर और भाजयुमो के पूर्व जिला महामंत्री अजीत सिंह का नाम भी चिन्मयानंद से सवा करोड़ रुपये मांगे जाने में आरोपी बनाया गया है। कानून के जानकारों के मुताबिक आरोपियों को चार्जशीट की एक-एक कॉपी उपलब्ध कराई जाएगी।
एसएस लॉ कॉलेज में एलएलएम की छात्रा 23 अगस्त को हॉस्टल से गायब हुई थी। अगले दिन 24 अगस्त को छात्रा ने चिन्मयानंद पर शोषण का आरोप लगाते हुए वीडियो वायरल किया था। 25 अगस्त को पिता ने चौक कोतवाली में छात्रा के अपहरण की तहरीर चिन्मयानंद व कुछ अन्य लोगों के खिलाफ दी थी। जिसके आधार पर 27 अगस्त को रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इससे पहले 25 अगस्त को चिन्मयानंद के अधिवक्ता ओमसिंह की ओर से पांच करोड़ की फिरौती मांगने के आरोप में अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस को तलाशी के दौरान 30 अगस्त को छात्रा और उसका दोस्त संजय राजस्थान के दौसा में मिले थे। दो सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को हाईकोर्ट की निगरानी में एसआईटी गठित करने के निर्देश दिए थे। छह सितंबर को एसआईटी ने शाहजहांपुर पहुंचकर विवेचना शुरू की। जांच के दौरान चिन्मयानंद की मालिश वाला अश्लील वीडियो वायरल हुआ था। 20 सितंबर को एसआईटी ने चिन्मयानंद और उनसे फिरौती मांगने के आरोपी संजय, सचिन और विक्रम को जेल भेजा था। पांच दिन बाद 25 सितंबर को छात्रा को जेल भेजा गया था। पांच नवंबर को एसआईटी ने दोनों मामलों की विवेचना पूरी कर चार्जशीट तैयार करने का ऐलान किया था। छह नवंबर को सीजेएम कोर्ट में विवेचना दाखिल कर दी गई।
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एसआईटी ने चिन्मयानंद और छात्रा प्रकरण की करीब दो महीने में विवेचना पूरी की। मंगलवार को एसआईटी ने प्रेस कांफ्रेंस कर दोनों मामलों में चार्जशीट तैयार कर लेने की बात कही थी। बुधवार सुबह कोर्ट खुलने के बाद एसआईटी के सदस्य चिन्मयानंद और छात्रा व उसके दोस्तों के खिलाफ आरोप पत्र लेकर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट में पहुंचे। सुबह लगभग 10:30 बजे चिन्मयानंद को जिला जेल से पुलिस अभिरक्षा में सीजेएम कोर्ट लाया गया। यहां एसआईटी ने चिन्मयानंद उर्फ कृष्णपाल सिंह के खिलाफ धारा 376 सी, 354 डी, 342, 506 के तहत आरोप तय करते हुए चार्जशीट दाखिल की। लगभग 15 मिनट में कोर्ट की कार्यवाही पूरी होने के बाद चिन्मयानंद को वापस जेल भेज दिया गया। इसके बाद एसआईटी ने छात्रा और उसके दोस्त संजय, सचिन, विक्रम के खिलाफ चिन्मयानंद से पांच करोड़ की फिरौती मांगे जाने व आईटी एक्ट आदि में आरोप तय करते हुए सीजेएम कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। चिन्मयानंद के चले जाने के बाद छात्रा को कोर्ट में पेश किया गया। उसके दोस्त संजय, सचिन, विक्रम को आखिर में सुबह 11:53 बजे सीजेएम कोर्ट लाया गया। चार्जशीट पेश किए जाने के दौरान आरोपी मौजूद रहे। चार्जशीट पर आरोपियों के हस्ताक्षर भी करवाए गए। कोर्ट की कार्रवाई पूरी होने के बाद 12:15 बजे छात्रा और उसके दोस्तों को जेल वापस भेज दिया गया। छात्रा और उसके दोस्तों के खिलाफ दायर की चार्जशीट में भाजपा नेता व जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन डीपीएस राठौर और भाजयुमो के पूर्व जिला महामंत्री अजीत सिंह का नाम भी चिन्मयानंद से सवा करोड़ रुपये मांगे जाने में आरोपी बनाया गया है। कानून के जानकारों के मुताबिक आरोपियों को चार्जशीट की एक-एक कॉपी उपलब्ध कराई जाएगी।
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एसएस लॉ कॉलेज में एलएलएम की छात्रा 23 अगस्त को हॉस्टल से गायब हुई थी। अगले दिन 24 अगस्त को छात्रा ने चिन्मयानंद पर शोषण का आरोप लगाते हुए वीडियो वायरल किया था। 25 अगस्त को पिता ने चौक कोतवाली में छात्रा के अपहरण की तहरीर चिन्मयानंद व कुछ अन्य लोगों के खिलाफ दी थी। जिसके आधार पर 27 अगस्त को रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इससे पहले 25 अगस्त को चिन्मयानंद के अधिवक्ता ओमसिंह की ओर से पांच करोड़ की फिरौती मांगने के आरोप में अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस को तलाशी के दौरान 30 अगस्त को छात्रा और उसका दोस्त संजय राजस्थान के दौसा में मिले थे। दो सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को हाईकोर्ट की निगरानी में एसआईटी गठित करने के निर्देश दिए थे। छह सितंबर को एसआईटी ने शाहजहांपुर पहुंचकर विवेचना शुरू की। जांच के दौरान चिन्मयानंद की मालिश वाला अश्लील वीडियो वायरल हुआ था। 20 सितंबर को एसआईटी ने चिन्मयानंद और उनसे फिरौती मांगने के आरोपी संजय, सचिन और विक्रम को जेल भेजा था। पांच दिन बाद 25 सितंबर को छात्रा को जेल भेजा गया था। पांच नवंबर को एसआईटी ने दोनों मामलों की विवेचना पूरी कर चार्जशीट तैयार करने का ऐलान किया था। छह नवंबर को सीजेएम कोर्ट में विवेचना दाखिल कर दी गई।
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