फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   Court acquits former Union Minister Chinmayanand in misdeeds case

UP: शिष्या से दुष्कर्म के मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री चिन्मयानंद दोषमुक्त, एमपीएमएलए कोर्ट ने किया बरी

Thu, 01 Feb 2024 04:48 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर Published by: मुकेश कुमार Updated Thu, 01 Feb 2024 04:48 PM IST
सार

Shahjahanpur News: शिष्या से दुष्कर्म के मुकदमे में पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद को एमपी-एमएलए कोर्ट ने दोषमुक्त करार दिया है। अदालत ने साक्ष्य पर्याप्त नहीं मानते हुए चिन्मयानंद को बरी कर दिया। 

विज्ञापन
Court acquits former Union Minister Chinmayanand in misdeeds case
अपने वकील के साथ पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में शिष्या से दुष्कर्म के 12 साल पुराने मुकदमे में पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद को एमपीएमएलए कोर्ट ने दोषमुक्त करार देते हुए बाइज्जत बरी कर दिया। बृहस्पतिवार को कोर्ट ने यह फैसला सुनाया। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने बताया कि स्वामी चिन्मयानंद पर साजिशन झूठे आरोप लगाए गए थे। 

विज्ञापन


30 नवंबर 2011 को पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री और मुमुक्षु आश्रम के अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ उनकी शिष्या ने चौक कोतवाली में दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि चिन्मयानंद ने अपने कर्मचारियों की मदद से शिष्या को मुमुक्षु आश्रम में बंधक बनाकर कई बार दुष्कर्म किया। पुलिस ने विवेचना के बाद चिन्मयानंद के खिलाफ आरोपपत्र अदालत भेजा। 
विज्ञापन


भाजपा की सरकार बनने पर 2018 में मुकदमा वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। इसकी जानकारी होने पर पीड़िता ने एतराज जताया तो अदालत ने लोकहित से जुड़ा मामला न मानते हुए प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया था। चिन्मयानंद के कोर्ट में हाजिर न होने पर 30 नवंबर 2022 को एमपी-एमएलए कोर्ट ने गैरजमानती वारंट जारी किया था। हाईकोर्ट से उन्हें अंतरिम जमानत मिली थी। इसके बाद चिन्मयानंद एमपी-एमएलए कोर्ट में हाजिर हुए थे। 

विज्ञापन
विज्ञापन

एमपी-एमएलए कोर्ट ने सुनाया फैसला 
चिन्मयानंद के हाजिर होने के बाद अदालती प्रक्रिया में तेजी आई। बृहस्पतिवार को एमपी-एमएलए कोर्ट/अपर जिला जज तृतीय अहसान हुसैन ने मुकदमे का फैसला सुनाया। अदालत ने स्वामी चिन्मयानंद को दोषी ठहराने के लिए पेश किए गए साक्ष्यों को पर्याप्त नहीं माना। अदालत ने चिन्मयानंद को दोषमुक्त करते हुए बरी कर दिया। 

अदालत का फैसला आने पर चिन्मयानंद ने राहत की सांस ली। हालांकि अदालत से निकलने के बाद वह मीडिया से बात किए बिना चले गए। उनके वकील फिरोज हसन खां ने बताया कि अभियोजन पक्ष की ओर से छह गवाह पेश किए गए। इनमें मेडिकल करने वालीं डॉ. सईद फातिमा, एफआईआर लेखक खुर्शीद अहमद, रेडियोलॉजिस्ट डॉ. एमपी गंगवार, बीपी गौतम और विवेचक मुकदमा इंस्पेक्टर नरेंद्र प्रताप सिंह शामिल थे। 

बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता फिरोज हसन खां ने सभी गवाहों से जिरह की। जिरह की प्रक्रिया पूरी होने के बाद विशेष लोक अभियोजक नीलिमा सक्सेना ने और बचाव पक्ष से अधिवक्ता फिरोज हसन खां और मनेंद्र सिंह ने अदालत में अपने तर्क पेश किए। इसके बाद न्यायालय ने अपना निर्णय सुनाया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed