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मध्यान्ह भोजन में पकड़ा घोटाला, 50 विद्यालयों से मांगा गया स्पष्टीकरण
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शाहजहांपुर। सरकारी स्कूलों में बच्चों को मिलने वाले मध्यान्ह भोजन वितरण में बड़ा घोटाला सामने आया है। शासन के निर्देश पर होने वाले निरीक्षण में काफी कम बच्चे मिले जबकि अन्य दिनों भोजन करने वालों की संख्या अधिक दिखाई गई। ऐसे 50 स्कूलों की सूची जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
बीएसए राकेश कुमार ने बताया कि शासन के निर्देश पर जिले के विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन की हकीकत जानने के लिए फरवरी माह में निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान मध्यान्ह भोजन ग्रहण करने वाले बच्चों की संख्या और उसके दिन दिन पहले रजिस्टर में दर्ज बच्चों की संख्या में काफी अंतर देखा गया। ऐसे ओवर रिर्पोटिंग करने वाले 50 विद्यालयों की सूची शासन की ओर जारी की गई है। इनमें मिर्जापुर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय सिकंदरपुर में निरीक्षण वाले दिन 25 थी, जबकि उससे पहले के तीन दिनों में 139, 136 व 137 संख्या दिखाई गई। तीनों दिनों की संख्या को मिलाकर 137.33 प्रतिशत माध्यम भोजन वितरण किया गया। इस तरह से 499.33 प्रतिशत रिपोर्टिंग की गई। ऐसे में ही अन्य स्कूलों में 41 से लेकर 499 प्रतिशत तक रिर्पोटिंग की गई है। उन्होंने कहा कि विद्यालय के प्रधानाचार्य व प्रधानाध्यापक दो दिन के अंदर स्पष्टीकरण दें, वरना उन पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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बीएसए राकेश कुमार ने बताया कि शासन के निर्देश पर जिले के विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन की हकीकत जानने के लिए फरवरी माह में निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान मध्यान्ह भोजन ग्रहण करने वाले बच्चों की संख्या और उसके दिन दिन पहले रजिस्टर में दर्ज बच्चों की संख्या में काफी अंतर देखा गया। ऐसे ओवर रिर्पोटिंग करने वाले 50 विद्यालयों की सूची शासन की ओर जारी की गई है। इनमें मिर्जापुर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय सिकंदरपुर में निरीक्षण वाले दिन 25 थी, जबकि उससे पहले के तीन दिनों में 139, 136 व 137 संख्या दिखाई गई। तीनों दिनों की संख्या को मिलाकर 137.33 प्रतिशत माध्यम भोजन वितरण किया गया। इस तरह से 499.33 प्रतिशत रिपोर्टिंग की गई। ऐसे में ही अन्य स्कूलों में 41 से लेकर 499 प्रतिशत तक रिर्पोटिंग की गई है। उन्होंने कहा कि विद्यालय के प्रधानाचार्य व प्रधानाध्यापक दो दिन के अंदर स्पष्टीकरण दें, वरना उन पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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