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लोनी मिल के गन्ना सेंटर पर तौल कांटा में मिली गड़बड़ी
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शाहजहांपुर। डीएम के निर्देश पर जिला गन्ना अधिकारी डॉ. खुशीराम भार्गव ने बृहस्पतिवार को भावलखेड़ा ब्लॉक में लोनी चीनी मिल (हरदोई) के गन्ना क्रय केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान सिसौआ बी सेंटर के तौल कांटा में गड़बड़ी मिलने पर वहां गन्ना की तौल रोक दी गई। डीसीओ ने डीएम को भेजी जांच आख्या मेें मिल प्रबंधन और तौल लिपिक के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है।
डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने गन्ना क्रय केंद्रों पर घटतौली की शिकायतों पर डीसीओ को आकस्मिक निरीक्षण के निर्देश दिए थे। बृहस्पतिवार को डीसीओ डॉ. भार्गव ने विधिक माप विज्ञान अधिकारी एसके मिश्रा एवं गन्ना विकास निरीक्षक सतीश चंद्र गुप्ता के साथ पहले गौरिया गांव के दोनों गन्ना सेंटरों का निरीक्षण किया लेकिन वहां सब ठीक मिला। फिर टीम ने सिसौआ के दोनों सेंटर चेक किए। सिसौआ बी सेंटर पर इलेक्ट्रॉनिक कांटे की जांच के दौरानआठ क्विंटल के बाट का वजन 7.85 क्विंटल ही निकला। विधिक माप विज्ञान अधिकारी ने निरीक्षण टिप्पणी में कांटा सही होने तक तौल कार्य रोकने की संस्तुति की तो तौल रुकवा दी गई।
फर्जी सट्टा से हो रही गन्ना की तौल
रोजा सहकारी गन्ना विकास समिति से संबद्ध चक वाजिदपुर गांव मेें गन्ना पर्यवेक्षक कृष्ण पाल सिंह ने एक महिला के नाम सर्वे करके फर्जी सट्टा बना दिया, जबकि उसके पास आधा बीघा जमीन भी नहीं है। गांव के राजीव कुमार ने डीएम से की शिकायत में कहा है कि पर्यवेक्षक की मिलीभगत से माफिया गन्ना खरीद रहे हैं। डीसीओ डॉ. भार्गव का कहना है कि गन्ना पर्यवेक्षक कृष्ण पाल के खिलाफ पहले से ही जांच हो रही है और उस पर कार्रवाई तय है।
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इलेक्ट्रॉनिक कांटा पर एक ही बैलगाड़ी का अलग-अलग वजन प्रदर्शित होना साबित करता है कि कांटा त्रुटिपूर्ण है। चीनी मिल प्रबंधन और तौल लिपिक अमित कुमार सिंह दोषी पाए गए हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
- डॉ. भार्गव, जिला गन्ना अधिकारी
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डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने गन्ना क्रय केंद्रों पर घटतौली की शिकायतों पर डीसीओ को आकस्मिक निरीक्षण के निर्देश दिए थे। बृहस्पतिवार को डीसीओ डॉ. भार्गव ने विधिक माप विज्ञान अधिकारी एसके मिश्रा एवं गन्ना विकास निरीक्षक सतीश चंद्र गुप्ता के साथ पहले गौरिया गांव के दोनों गन्ना सेंटरों का निरीक्षण किया लेकिन वहां सब ठीक मिला। फिर टीम ने सिसौआ के दोनों सेंटर चेक किए। सिसौआ बी सेंटर पर इलेक्ट्रॉनिक कांटे की जांच के दौरानआठ क्विंटल के बाट का वजन 7.85 क्विंटल ही निकला। विधिक माप विज्ञान अधिकारी ने निरीक्षण टिप्पणी में कांटा सही होने तक तौल कार्य रोकने की संस्तुति की तो तौल रुकवा दी गई।
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फर्जी सट्टा से हो रही गन्ना की तौल
रोजा सहकारी गन्ना विकास समिति से संबद्ध चक वाजिदपुर गांव मेें गन्ना पर्यवेक्षक कृष्ण पाल सिंह ने एक महिला के नाम सर्वे करके फर्जी सट्टा बना दिया, जबकि उसके पास आधा बीघा जमीन भी नहीं है। गांव के राजीव कुमार ने डीएम से की शिकायत में कहा है कि पर्यवेक्षक की मिलीभगत से माफिया गन्ना खरीद रहे हैं। डीसीओ डॉ. भार्गव का कहना है कि गन्ना पर्यवेक्षक कृष्ण पाल के खिलाफ पहले से ही जांच हो रही है और उस पर कार्रवाई तय है।
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इलेक्ट्रॉनिक कांटा पर एक ही बैलगाड़ी का अलग-अलग वजन प्रदर्शित होना साबित करता है कि कांटा त्रुटिपूर्ण है। चीनी मिल प्रबंधन और तौल लिपिक अमित कुमार सिंह दोषी पाए गए हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
- डॉ. भार्गव, जिला गन्ना अधिकारी