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गुनहा खमरिया का संक्रमित युवक कई गांवों में घूमा
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कंटेन्मेंट जोन घोषित गांव गुनहा खमरिया में बैरियर पर तैनात पुलिसकर्मी
- फोटो : POWAYAN
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बंडा। दिल्ली से लौटा युवक कोरोना संक्रमित मिलने के बाद बड़ा इलाके का गांव गुनहा खमरिया कंटेन्मेंट जोन घोषित कर दिया गया है। गुनहा खमरिया गांव और उसके आसपास पांच सौ मीटर का इलाका बैरियर लगाकर सील कर दिया गया है। लोगों के बाहर आने जाने पर पाबंदी लगा दी गई है। आवाजाही रोकने को बैरियर पर पुलिस तैनात है। लोगों से घरों के अंदर रहने को कहा गया है।
बंडा इलाके के गांव गुनहा खमरिया निवासी 37 वर्षीय युवक दिल्ली में मजदूरी करता था। दिल्ली से लौटने पर पांच मई को युवक अपनी ससुराल लखीमपुर के गांव हरगोविंदपुर चला गया था। वहां वह 14 दिन तक एक स्कूल में क्वारंटीन रहा। इसके बाद युवक अपनी पत्नी और बच्चों के साथ कई दिन ससुराल में रहा था। 23 मई को वह अपने घर गांव गुनहा खमरिया आया था, लेकिन वह जांच कराने नहीं गया। प्रवासी मजदूरों के बैंक खाते में सरकार के एक-एक हजार रुपये पहुंचाने का पता चलने पर 29 मई को युवक बंडा सीएचसी अपना नाम प्रवासी श्रमिकों की सूची में दर्ज कराने पहुंचा। वहां से उसे जांच के लिए जिला अस्पताल भेजा गया था। रविवार 31 मई को युवक की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके बाद उसे एंबुलेंस में कोविड -19 अस्पताल ददरौल में भर्ती करा दिया गया था।
युवक के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद प्रशासन ने गुनहा खमरिया गांव को कंटेन्मेंट जोन घोषित कर दिया। गांव में आने जाने के सभी प्रमुख रास्ते बैरियर लगाकर सील कर दिए गए हैं। पुलिस लाउडस्पीकर ने माध्यम से एनाउंस करके लोगों से घरों में रहने और शांति बनाए रखने की अपील की। उधर, गांव में सफाई का कार्य तेज करा दिया गया है। दवा का छिड़काव भी कराया गया। घरों को सैनिटाइज किया गया है।
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आठ लोगों को सैंपल के लिए, ग्रामीणों की थर्मल स्क्रीनिंग शुरू
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सोमवार को गांव में घर-घर जाकर लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग शुरू कर दी है। संक्रमित युवक के परिवार के सात लोगों और आशा कार्यकर्ता के पुत्र को सैंपल जिला अस्पताल भेजा गया है। जहां उनके सैंपल लेकर जांच को भेजे गए। युवक के संपर्क में आए गांव के आठ अन्य लोगों चिह्नित किया गया है, जिनमें सैंपल लिए जाएंगे। सीएचसी अधीक्षक डॉ. मनोज मिश्रा ने बताया कि गांव के सभी लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी। किसी को बुखार, खांसी आदि पाए जाने पर सैंपल लेकर जांच कराई जाएगी। पसियापुर के आठ और गांव लक्ष्मीपुर के चार लोगों के सैंपल मंगलवार को लिए जाएंगे।
दिल्ली से लौटे युवक के संक्रमित निकलने के बावजूद लोग कोरोना को लेकर लापरवाही बरत रहे हैं। पुलिस के समझाने के बावजूद लोग बेवजह घरों से बाहर निकलकर मजमा लगा रहे हैं। जबकि मास्क नहीं लगा रहे हैं। पशुओं को चारा देने, ठेले से सब्जी आदि लेने निकलने वाले बगैर मास्क या गमछा के नजर आ रहे हैं। सोमवार को गांव में एक जगह कई लोग बिना मास्क के बैठे मिले। उनका कहना था कि मास्क दिए ही नहीं गए हैं तो कहां से लगाएं। अंगोछा या रुमाल बांधने के नाम पर लोग गर्मी लगने का बहाना बना रहे हैं।
संक्रमित युवक के परिवार और उससे मिलने वालों को सैंपल जांच के लिए भिजवाया जाएगा। गांव के अन्य लोगों की भी जांच की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पर सतर्क नजर रख रही है। गांव पसियापुर और लक्ष्मीपुर के लोगों के सैंपल मंगलवार को लिए जाएंगे। -मनोज मिश्रा, सीएचसी अधीक्षक बंडा
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बंडा इलाके के गांव गुनहा खमरिया निवासी 37 वर्षीय युवक दिल्ली में मजदूरी करता था। दिल्ली से लौटने पर पांच मई को युवक अपनी ससुराल लखीमपुर के गांव हरगोविंदपुर चला गया था। वहां वह 14 दिन तक एक स्कूल में क्वारंटीन रहा। इसके बाद युवक अपनी पत्नी और बच्चों के साथ कई दिन ससुराल में रहा था। 23 मई को वह अपने घर गांव गुनहा खमरिया आया था, लेकिन वह जांच कराने नहीं गया। प्रवासी मजदूरों के बैंक खाते में सरकार के एक-एक हजार रुपये पहुंचाने का पता चलने पर 29 मई को युवक बंडा सीएचसी अपना नाम प्रवासी श्रमिकों की सूची में दर्ज कराने पहुंचा। वहां से उसे जांच के लिए जिला अस्पताल भेजा गया था। रविवार 31 मई को युवक की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके बाद उसे एंबुलेंस में कोविड -19 अस्पताल ददरौल में भर्ती करा दिया गया था।
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युवक के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद प्रशासन ने गुनहा खमरिया गांव को कंटेन्मेंट जोन घोषित कर दिया। गांव में आने जाने के सभी प्रमुख रास्ते बैरियर लगाकर सील कर दिए गए हैं। पुलिस लाउडस्पीकर ने माध्यम से एनाउंस करके लोगों से घरों में रहने और शांति बनाए रखने की अपील की। उधर, गांव में सफाई का कार्य तेज करा दिया गया है। दवा का छिड़काव भी कराया गया। घरों को सैनिटाइज किया गया है।
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आठ लोगों को सैंपल के लिए, ग्रामीणों की थर्मल स्क्रीनिंग शुरू
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सोमवार को गांव में घर-घर जाकर लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग शुरू कर दी है। संक्रमित युवक के परिवार के सात लोगों और आशा कार्यकर्ता के पुत्र को सैंपल जिला अस्पताल भेजा गया है। जहां उनके सैंपल लेकर जांच को भेजे गए। युवक के संपर्क में आए गांव के आठ अन्य लोगों चिह्नित किया गया है, जिनमें सैंपल लिए जाएंगे। सीएचसी अधीक्षक डॉ. मनोज मिश्रा ने बताया कि गांव के सभी लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी। किसी को बुखार, खांसी आदि पाए जाने पर सैंपल लेकर जांच कराई जाएगी। पसियापुर के आठ और गांव लक्ष्मीपुर के चार लोगों के सैंपल मंगलवार को लिए जाएंगे।
दिल्ली से लौटे युवक के संक्रमित निकलने के बावजूद लोग कोरोना को लेकर लापरवाही बरत रहे हैं। पुलिस के समझाने के बावजूद लोग बेवजह घरों से बाहर निकलकर मजमा लगा रहे हैं। जबकि मास्क नहीं लगा रहे हैं। पशुओं को चारा देने, ठेले से सब्जी आदि लेने निकलने वाले बगैर मास्क या गमछा के नजर आ रहे हैं। सोमवार को गांव में एक जगह कई लोग बिना मास्क के बैठे मिले। उनका कहना था कि मास्क दिए ही नहीं गए हैं तो कहां से लगाएं। अंगोछा या रुमाल बांधने के नाम पर लोग गर्मी लगने का बहाना बना रहे हैं।
संक्रमित युवक के परिवार और उससे मिलने वालों को सैंपल जांच के लिए भिजवाया जाएगा। गांव के अन्य लोगों की भी जांच की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पर सतर्क नजर रख रही है। गांव पसियापुर और लक्ष्मीपुर के लोगों के सैंपल मंगलवार को लिए जाएंगे। -मनोज मिश्रा, सीएचसी अधीक्षक बंडा