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संक्रमण का खतरा: कंटेन्मेंट जोन बिलहरी में खुलेआम आवाजाही
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कंटेन्मेंट जोन बिलहरी गांव में ट्रैक्टर पर खाद के बोरे लादकर जाता किसान।
- फोटो : SHAHJAHANPUR
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तिलहर। जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है। बावजूद इसके लोग कोरोना संक्रमण को लेकर लापरवाही बरत रहे हैं। पुलिस भी ढीली नजर आने लगी है। कंटेन्मेंट जोन बने तिलहर इलाके के बिलहरी गांव में मुंबई से लौटे हेयर ड्रेसर और उसकी पत्नी के कोरोना संक्रमित निकलने के बाद जगह-जगह बैरियर लगाकर पूरा गांव सील कर दिया गया था। लोगों के घरों से निकलने पर पाबंदी लगा दी गई थी। लोग घरों से बाहर न घूमें इसके लिए पुलिस तैनात की गई थी। मगर दो दिनों से पुलिस बिलहरी गांव में गायब है। बृहस्पतिवार को बिलहरी गांव में लोग घरों से बाहर गलियों में घूमते रहे। खेतों पर जाकर भी काम किया। केवल एक होमगार्ड के सहारे छोड़ दिया गया। लोग ारों से निकलकर गांव में घूमने वालों में प्रवासी कामगार भी शामिल हैं। गांव में हो रही चहल पहल से कोरोना फूटने का खतरा है।
मीरानपुर कटरा के मूल निवासी हेयर ड्रेसर अपनी ससुराल बिलहरी गांव जाकर रहने लगा। वह मुंबई में हेयर सैलून पर काम करता था। वह 14 मई को मुंबई से लौटा था। तबीयत खराब होने पर 19 मई को तिलहर सीएचसी गया। तब उसे क्वारंटीन करने के साथ सैंपल जांच के लिए भेजा गया था, जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। हेयर ड्रेसर चार दिन तक अपने घर में रहा था, जिससे उसकी पत्नी और परिवार के बाकी लोगों की जांच कराई गई। 25 मई को आई रिपोर्ट में हेयर ड्रेसर की पत्नी कोरोना पॉजिटिव पाई गई। इससे बिलहरी को कंटेन्मेंट जोन घोषित करने के साथ बैरियर लगाकर गांव को सील कर दिया गया था। लोग घरों से बाहर न निकलें इसके लिए एक दरोगा और दो पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया था। इनके अलावा बिलहरी गांव में जयपुर और दिल्ली से 20 प्रवासी कामगार लौटकर आए हैं, जिन्हें होम क्वारंटीन किया गया है। बुधवार को बिलहरी गांव में एक होमगार्ड था, बृहस्पतिवार को होमगार्ड भी गायब हो यगा।
बृहस्पतिवार शाम करीब चार बजे बिलहरी गांव में घुसने के रास्ते पर लगा बैरियर खुला हुआ था। एक ट्रैक्टर पर खाद के बोरे लादे एक किसान बैरियर से निकलकर गांव के अंदर घुस रहा था। गांव के प्राइमरी स्कूल के सामने सड़क पर तमाम ग्रामीण टहल रहे थे। कुछ लोग खड़े आपस में बातचीत कर रहे थे। गांव में लोग बेखौफ होकर घूम रहे थे। यानी कंटोनमेंट जोन में लॉकाडाउन की धज्जियां उड़ाई जा रही थीं। ग्रामीण खेतों पर काम करने आ जा रहे हैं। कुछ लोग तिलहर बाजार की ओर आते जाते दिखे।
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एएनएम और आशा वर्कर भी गांव में नहीं थीं। ग्रामीणों ने बताया कि जिस दिन कोरोना पॉजिटिव मरीज पाए गए थे उसके दूसरे दिन तक स्वास्थ्य टीमें जांच करती रहीं। उसके बाद गांव में कोई स्वास्थ्य टीम नहीं आई है। गांव की आशा वर्कर को भी कोई मतलब नहीं है। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि न स्वास्थ्य विभाग की टीमें आ रहीं और न ही पुलिस या कोई अधिकारी। कंटेन्मेंट जोन होने के बावजूद गांव में सब कुछ सामान्य तरीके से चल रहा है। गांव में इसी तरह चहल पहल रही तो कभी कोरोना बम फूट सकता है।
- बिलहरी गांव कंटेंनमेंट जोन घोषित है। गांव को बल्ली लगाकर सील किया गया है। गांव में पुलिस का पहरा बैठाया गया है, जिससे कोई कानून का उल्लंघन न करें। आवश्यक वस्तुओं की होम डिलीवरी के आदेश दिए गए हैं। यदि गांव में सुरक्षा व्यवस्था ठीक नहीं हो रही है और लोग गांव में सड़कों पर निकल रहे हैं इसके लिए सीओ से बात करके सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाएगी। मै भी गांव का निरीक्षण करूंगा जो भी दोषी होगा उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। - वेद सिंह चौहान, एसडीएम तिलहर।
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मीरानपुर कटरा के मूल निवासी हेयर ड्रेसर अपनी ससुराल बिलहरी गांव जाकर रहने लगा। वह मुंबई में हेयर सैलून पर काम करता था। वह 14 मई को मुंबई से लौटा था। तबीयत खराब होने पर 19 मई को तिलहर सीएचसी गया। तब उसे क्वारंटीन करने के साथ सैंपल जांच के लिए भेजा गया था, जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। हेयर ड्रेसर चार दिन तक अपने घर में रहा था, जिससे उसकी पत्नी और परिवार के बाकी लोगों की जांच कराई गई। 25 मई को आई रिपोर्ट में हेयर ड्रेसर की पत्नी कोरोना पॉजिटिव पाई गई। इससे बिलहरी को कंटेन्मेंट जोन घोषित करने के साथ बैरियर लगाकर गांव को सील कर दिया गया था। लोग घरों से बाहर न निकलें इसके लिए एक दरोगा और दो पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया था। इनके अलावा बिलहरी गांव में जयपुर और दिल्ली से 20 प्रवासी कामगार लौटकर आए हैं, जिन्हें होम क्वारंटीन किया गया है। बुधवार को बिलहरी गांव में एक होमगार्ड था, बृहस्पतिवार को होमगार्ड भी गायब हो यगा।
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बृहस्पतिवार शाम करीब चार बजे बिलहरी गांव में घुसने के रास्ते पर लगा बैरियर खुला हुआ था। एक ट्रैक्टर पर खाद के बोरे लादे एक किसान बैरियर से निकलकर गांव के अंदर घुस रहा था। गांव के प्राइमरी स्कूल के सामने सड़क पर तमाम ग्रामीण टहल रहे थे। कुछ लोग खड़े आपस में बातचीत कर रहे थे। गांव में लोग बेखौफ होकर घूम रहे थे। यानी कंटोनमेंट जोन में लॉकाडाउन की धज्जियां उड़ाई जा रही थीं। ग्रामीण खेतों पर काम करने आ जा रहे हैं। कुछ लोग तिलहर बाजार की ओर आते जाते दिखे।
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एएनएम और आशा वर्कर भी गांव में नहीं थीं। ग्रामीणों ने बताया कि जिस दिन कोरोना पॉजिटिव मरीज पाए गए थे उसके दूसरे दिन तक स्वास्थ्य टीमें जांच करती रहीं। उसके बाद गांव में कोई स्वास्थ्य टीम नहीं आई है। गांव की आशा वर्कर को भी कोई मतलब नहीं है। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि न स्वास्थ्य विभाग की टीमें आ रहीं और न ही पुलिस या कोई अधिकारी। कंटेन्मेंट जोन होने के बावजूद गांव में सब कुछ सामान्य तरीके से चल रहा है। गांव में इसी तरह चहल पहल रही तो कभी कोरोना बम फूट सकता है।
- बिलहरी गांव कंटेंनमेंट जोन घोषित है। गांव को बल्ली लगाकर सील किया गया है। गांव में पुलिस का पहरा बैठाया गया है, जिससे कोई कानून का उल्लंघन न करें। आवश्यक वस्तुओं की होम डिलीवरी के आदेश दिए गए हैं। यदि गांव में सुरक्षा व्यवस्था ठीक नहीं हो रही है और लोग गांव में सड़कों पर निकल रहे हैं इसके लिए सीओ से बात करके सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाएगी। मै भी गांव का निरीक्षण करूंगा जो भी दोषी होगा उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। - वेद सिंह चौहान, एसडीएम तिलहर।