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1616 प्रवासी मजदूरों को लेकर आई श्रमिक स्पेशल
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शाहजहांपुर। लॉकडाउन में देश के विभिन्न राज्यों में फंसे मजदूूरों को उनको घर तक पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार ने श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया है। सोमवार को एक श्रमिक स्पेशल ट्रेन गुजरात के जामनगर से शाहजहांपुर आई, जिसमें शाहजहांपुर और उसके आसपास के 39 जिलों के 1616 लोगों को लाया गया। स्टेशन पहले उनकी स्क्रीनिंग की गई, फिर उन्हें भोजन के पैकेट और पानी की बोतल देकर बसों से घर को रवाना किया गया।
रोजी-रोटी की आस में तमाम लोग अपने घर-परिवार को छोड़कर दूसरे राज्यों में नौकरी करने जाते हैं। कुछ लोग अपने पूरे परिवार के साथ उन स्थानों पर रहते हैं। जिससे उनके परिवार को एक अच्छी जिदंगी बिताने का मौका मिल सके। कोई एक साल तो किसी ने अपनी जिदंगी ही दूसरे राज्यों में मजदूरी कर बिता दी, लेकिन कभी भूखों मरने की नौबत नहीं आई। कोरोना महामारी ने उन लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा कर दिया। फैक्ट्रियां, कारखाने बंद होने से एक-एक पाई को तरस गए और उनके सामने वापस अपने घर लौटने के आलावा कोई विकल्प नहीं बचा।
ढाई घंटे देरी से आई श्रमिक स्पेशल
सोमवार को शाम 5:40 बजे श्रमिक स्पेशल गुजरात के जामनगर से 1616 श्रमिकों को लेकर शाहजहांपुर स्टेशन पहुंची, जोकि ढाई घंटे से ज्यादा लेट रही। श्रमिक स्पेशल के शाहजहांपुर आने का समय दोपहर 03:00 बजे का था, जिसको लेकर जिला व रेल प्रशासन की ओर से सभी तैयारियां कर ली गई थीं। जिससे श्रमिकों को स्क्रीनिगं के बाद बसों में बैठाने में कोई दिक्कत न हो। एक-एक श्रमिक की स्क्रीनिंग हुई, उसके बाद ही श्रमिकों को स्टेशन से बाहर लाया गया। आरपीएफ और जीआरपी ने श्रमिकों को कोच से बाहर निकाला। जिला प्रशासन ने श्रमिकों को भोजन की व्यवस्था कराई। स्टेशन के गेट से बाहर निकलने पर श्रमिकों की खाने के पैकेट व पानी उपलब्ध कराया गया।
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पीलीभीत के 293, शाहजहांपुर के चार प्रवासी मजदूर आए
श्रमिक स्पेशल ट्रेन से 39 जिलों के प्रवासी मजदूरों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया गया, जिसमें बलिया के 44, गोरखपुर 105, गाजीपुर 36, आजमगढ़ 09, कानपुर 90, पीलीभीत 293, आगरा 11, जोनपुर 06, फैजाबाद 02, सुल्तानपुर 29, कुशीनगर 24, हरदोई 139, देवरिया 25, बरेली 250, प्रतापगढ़ 18, मऊ 11, बस्ती 19, अलीगढ़ 46, झांसी 28, औरैया 08, मिर्जापुर 03, गोंडा 08, अलीगढ़ 01, भदोही 37, जालोन 251, शाहजहांपुर 04, फतेहपुर 40, अमेठी 18, वाराणसी 10, उन्नाव 17, हमीरपुर 01, इटावा 09, उरई 08, बलरामपुर 09, अमरोहा 04, महाराजगंज 03 कुल 1616 मजदूर शामिल रहे। मुरादाबाद और अकबरपुर का एक भी मजदूर नहीं था। श्रमिकों को भेजने के लिए परिवहन निगम की करीब पांच दर्जन बसों की व्यवस्था की गई।
डीएम और एसपी लेते रहे व्यवस्था का जायजा
श्रमिक स्पेशल ट्रेन के आने पर डीएम इंद्र विक्रम सिंह और एसपी डॉ. एस चन्नप्पा ने रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। दोपहर करीब एक बजे रेलवे स्टेशन पहुंचकर दोनों अधिकारियों ने व्यवस्थाओं को देखा और कहीं भी चूक न होने की हिदायत ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों को दी। इसके बाद दोनों अधिकारी स्टेशन से चले गए, शाम को 05:40 बजे श्रमिक स्पेशल के पहुंचने से पहले डीएम व एसपी सवा पांच बजे फिर स्टेशन पहुंचे और मोर्चा संभाल लिया। स्टेशन पर भीड़ न लगाने के निर्देश दिए। मीडिया कर्मियों को भी गेट के बाहर कर दिया गया, लेकिन ट्रेन के आने पर अंदर बुला लिया गया।
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रोजी-रोटी की आस में तमाम लोग अपने घर-परिवार को छोड़कर दूसरे राज्यों में नौकरी करने जाते हैं। कुछ लोग अपने पूरे परिवार के साथ उन स्थानों पर रहते हैं। जिससे उनके परिवार को एक अच्छी जिदंगी बिताने का मौका मिल सके। कोई एक साल तो किसी ने अपनी जिदंगी ही दूसरे राज्यों में मजदूरी कर बिता दी, लेकिन कभी भूखों मरने की नौबत नहीं आई। कोरोना महामारी ने उन लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा कर दिया। फैक्ट्रियां, कारखाने बंद होने से एक-एक पाई को तरस गए और उनके सामने वापस अपने घर लौटने के आलावा कोई विकल्प नहीं बचा।
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ढाई घंटे देरी से आई श्रमिक स्पेशल
सोमवार को शाम 5:40 बजे श्रमिक स्पेशल गुजरात के जामनगर से 1616 श्रमिकों को लेकर शाहजहांपुर स्टेशन पहुंची, जोकि ढाई घंटे से ज्यादा लेट रही। श्रमिक स्पेशल के शाहजहांपुर आने का समय दोपहर 03:00 बजे का था, जिसको लेकर जिला व रेल प्रशासन की ओर से सभी तैयारियां कर ली गई थीं। जिससे श्रमिकों को स्क्रीनिगं के बाद बसों में बैठाने में कोई दिक्कत न हो। एक-एक श्रमिक की स्क्रीनिंग हुई, उसके बाद ही श्रमिकों को स्टेशन से बाहर लाया गया। आरपीएफ और जीआरपी ने श्रमिकों को कोच से बाहर निकाला। जिला प्रशासन ने श्रमिकों को भोजन की व्यवस्था कराई। स्टेशन के गेट से बाहर निकलने पर श्रमिकों की खाने के पैकेट व पानी उपलब्ध कराया गया।
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पीलीभीत के 293, शाहजहांपुर के चार प्रवासी मजदूर आए
श्रमिक स्पेशल ट्रेन से 39 जिलों के प्रवासी मजदूरों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया गया, जिसमें बलिया के 44, गोरखपुर 105, गाजीपुर 36, आजमगढ़ 09, कानपुर 90, पीलीभीत 293, आगरा 11, जोनपुर 06, फैजाबाद 02, सुल्तानपुर 29, कुशीनगर 24, हरदोई 139, देवरिया 25, बरेली 250, प्रतापगढ़ 18, मऊ 11, बस्ती 19, अलीगढ़ 46, झांसी 28, औरैया 08, मिर्जापुर 03, गोंडा 08, अलीगढ़ 01, भदोही 37, जालोन 251, शाहजहांपुर 04, फतेहपुर 40, अमेठी 18, वाराणसी 10, उन्नाव 17, हमीरपुर 01, इटावा 09, उरई 08, बलरामपुर 09, अमरोहा 04, महाराजगंज 03 कुल 1616 मजदूर शामिल रहे। मुरादाबाद और अकबरपुर का एक भी मजदूर नहीं था। श्रमिकों को भेजने के लिए परिवहन निगम की करीब पांच दर्जन बसों की व्यवस्था की गई।
डीएम और एसपी लेते रहे व्यवस्था का जायजा
श्रमिक स्पेशल ट्रेन के आने पर डीएम इंद्र विक्रम सिंह और एसपी डॉ. एस चन्नप्पा ने रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। दोपहर करीब एक बजे रेलवे स्टेशन पहुंचकर दोनों अधिकारियों ने व्यवस्थाओं को देखा और कहीं भी चूक न होने की हिदायत ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों को दी। इसके बाद दोनों अधिकारी स्टेशन से चले गए, शाम को 05:40 बजे श्रमिक स्पेशल के पहुंचने से पहले डीएम व एसपी सवा पांच बजे फिर स्टेशन पहुंचे और मोर्चा संभाल लिया। स्टेशन पर भीड़ न लगाने के निर्देश दिए। मीडिया कर्मियों को भी गेट के बाहर कर दिया गया, लेकिन ट्रेन के आने पर अंदर बुला लिया गया।