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Shahjahanpur News: गांवों में सुलभ नहीं सामुदायिक शाैचालय
Mon, 05 May 2025 12:48 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Mon, 05 May 2025 12:48 AM IST
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देवकली में बने सार्वजनिक शौचालय में लटका ताला। संवाद
शाहजहांपुर। स्वच्छता अभियान के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायतों में बने सामुदायिक शौचालय सुलभ नहीं हैं। कुछ जगह इनकी दीवारों पर उपले पाथे जा रहे हैं तो कहीं ताले लटक रहे हैं। बाकी जगह पसरी गंदगी के कारण अंदर घुसना तक मुश्किल है।
प्रधानमंत्री स्वच्छ भारत मिशन के तहत वर्ष 2014 में जनपद की प्रत्येक ग्राम पंचायत में सामुदायिक शौचालय बनवाने की योजना शुरू की गई। एक शौचालय को बनाने में करीब पांच लाख रुपये तक का खर्च आया। प्रत्येक सामुदायिक शौचालय की देखभाल के लिए प्रति माह नौ हजार रुपये खर्च होते हैं। इसमें छह हजार रुपये देखभाल के लिए स्वयं सहायता समूह को दिए जाते हैं।
साफ-सफाई के लिए तीन हजार रुपये का सामान आता है। इसके बाद भी अधिकांश ग्राम पंचायतों में शौचालय बंद हैं या इतनी गंदगी है कि इसमें लोग जाना पसंद ही नहीं करते हैं। शौचालय के ऊपर रखवाई गए टैंक तक लापता हो गए हैं। सबमर्सिबल खराब हैं। वहीं, प्लास्टर भी टूट गया है, जिससे ये देखने में खंडहर लगते हैं।
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अंदर गंदगी, इसलिए बाहर खड़े होकर करते हैं लघुशंका
जैतीपुर। महिला व पुरुषों के लिए सामुदायिक शौचालय अलग-अलग हिस्से में बनाए गए हैं। ब्लाॅक गेट के पास सामुदायिक शौचालय बना है। इसमें इतनी गंदगी है कि लोग लघुशंका बाहर खड़े होकर कर लेते हैं। यहां से रोजाना जनप्रतिनिधि निकलते रहते हैं। बझेड़ा भगवानपुर में शौचालय के ऊपर रखा पानी का टैंक नदारद है। अंदर गंदगी के कारण लोग इसका इस्तेमाल नहीं करते और बाहर कंडे पाथे जाते हैं।
नौगवां गोविंदपुर स्थित शौचालय में वर्षों से ताला लटक रहा है। गौहावर में शौचालय का प्लास्टर छूट गया है। खेड़ा रठ, शिकारपुर में शौचालय आबादी से दूर बना है। संवाद
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सफाई के लिए कर्मचारी आते ही नहीं
देवकली। क्षेत्र के गांव कमालपुर और रनमस्तपुर समेत कई ग्राम पंचायतों में शौचालयों में ताले लटक रहे हैं। इनकी देखभाल के लिए लगाए गए कर्मचारी आते ही नहीं है। गंदगी के कारण इन शौचालयों का इस्तेमाल नहीं हो पाता। ग्रामीण कई बार इनके बंद होने की शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई अधिकारी ध्यान नहीं देता है। संवाद
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पानी तक की व्यवस्था नहीं
कुर्रियाकलां। क्षेत्र की ग्राम पंचायत निकरा में कई वर्ष पहले सार्वजनिक शौचालय बनवाया गया। कुछ दिन तो इसकी देखभाल हुई। लोगों ने इसका इस्तेमाल भी किया। वर्तमान में कोई देखभाल करने के लिए नहीं आता। शौचालय में गंदगी की वजह से घुसना मुश्किल है। दरवाजे तक टूट गए हैं। पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। जिम्मेदार लोग इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। लाखों रुपये खर्च करके बनाया गया शौचालय खंडहर हो गया है। संवाद
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जिन ग्राम पंचायतों में सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति ठीक नहीं है, उनको सही कराया जाएगा। संबंधित क्षेत्र के खंड विकास अधिकारी और सचिवों को निर्देश दिए हैं कि वे इनकी जांच कर रिपोर्ट दें।
- घनश्याम सागर, डीपीआरओ
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प्रधानमंत्री स्वच्छ भारत मिशन के तहत वर्ष 2014 में जनपद की प्रत्येक ग्राम पंचायत में सामुदायिक शौचालय बनवाने की योजना शुरू की गई। एक शौचालय को बनाने में करीब पांच लाख रुपये तक का खर्च आया। प्रत्येक सामुदायिक शौचालय की देखभाल के लिए प्रति माह नौ हजार रुपये खर्च होते हैं। इसमें छह हजार रुपये देखभाल के लिए स्वयं सहायता समूह को दिए जाते हैं।
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साफ-सफाई के लिए तीन हजार रुपये का सामान आता है। इसके बाद भी अधिकांश ग्राम पंचायतों में शौचालय बंद हैं या इतनी गंदगी है कि इसमें लोग जाना पसंद ही नहीं करते हैं। शौचालय के ऊपर रखवाई गए टैंक तक लापता हो गए हैं। सबमर्सिबल खराब हैं। वहीं, प्लास्टर भी टूट गया है, जिससे ये देखने में खंडहर लगते हैं।
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अंदर गंदगी, इसलिए बाहर खड़े होकर करते हैं लघुशंका
जैतीपुर। महिला व पुरुषों के लिए सामुदायिक शौचालय अलग-अलग हिस्से में बनाए गए हैं। ब्लाॅक गेट के पास सामुदायिक शौचालय बना है। इसमें इतनी गंदगी है कि लोग लघुशंका बाहर खड़े होकर कर लेते हैं। यहां से रोजाना जनप्रतिनिधि निकलते रहते हैं। बझेड़ा भगवानपुर में शौचालय के ऊपर रखा पानी का टैंक नदारद है। अंदर गंदगी के कारण लोग इसका इस्तेमाल नहीं करते और बाहर कंडे पाथे जाते हैं।
नौगवां गोविंदपुर स्थित शौचालय में वर्षों से ताला लटक रहा है। गौहावर में शौचालय का प्लास्टर छूट गया है। खेड़ा रठ, शिकारपुर में शौचालय आबादी से दूर बना है। संवाद
सफाई के लिए कर्मचारी आते ही नहीं
देवकली। क्षेत्र के गांव कमालपुर और रनमस्तपुर समेत कई ग्राम पंचायतों में शौचालयों में ताले लटक रहे हैं। इनकी देखभाल के लिए लगाए गए कर्मचारी आते ही नहीं है। गंदगी के कारण इन शौचालयों का इस्तेमाल नहीं हो पाता। ग्रामीण कई बार इनके बंद होने की शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई अधिकारी ध्यान नहीं देता है। संवाद
पानी तक की व्यवस्था नहीं
कुर्रियाकलां। क्षेत्र की ग्राम पंचायत निकरा में कई वर्ष पहले सार्वजनिक शौचालय बनवाया गया। कुछ दिन तो इसकी देखभाल हुई। लोगों ने इसका इस्तेमाल भी किया। वर्तमान में कोई देखभाल करने के लिए नहीं आता। शौचालय में गंदगी की वजह से घुसना मुश्किल है। दरवाजे तक टूट गए हैं। पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। जिम्मेदार लोग इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। लाखों रुपये खर्च करके बनाया गया शौचालय खंडहर हो गया है। संवाद
जिन ग्राम पंचायतों में सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति ठीक नहीं है, उनको सही कराया जाएगा। संबंधित क्षेत्र के खंड विकास अधिकारी और सचिवों को निर्देश दिए हैं कि वे इनकी जांच कर रिपोर्ट दें।
- घनश्याम सागर, डीपीआरओ

देवकली में बने सार्वजनिक शौचालय में लटका ताला। संवाद

देवकली में बने सार्वजनिक शौचालय में लटका ताला। संवाद