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Shahjahanpur News: व्यावसायिक सिलिंडर की आपूर्ति बंद...फिर भट्ठियां बनीं सहारा
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बेबी आजमी, बाडूजई प्रथम।
शाहजहांपुर। खाड़ी देशों में तनाव भरे माहौल के बीच गैस की आपूर्ति को लेकर संकट गहराने लगा है। घरेलू सिलिंडर की पूर्ति कराने के लिए व्यावसायिक सिलिंडर की आपूर्ति ठप कर दी गई है। इससे होटल, रेस्तरां, ढाबा और निजी प्रतिष्ठान संचालकों की दिक्कत बढ़ गई है। कुछ संचालक फिर कोयले की भट्ठियों की ओर लौटने लगे हैं। इस बीच सर्वर डाउन होने से गैस की बुकिंग और केवाईसी नहीं हो पा रही है। इससे आम उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है।
जनपद में साढ़े छह लाख घरेलू और 40 हजार व्यावसायिक उपभोक्ता हैं। पूर्व में जनपद में प्रतिदिन 10 से 11 हजार घरेलू सिलिंडर तो करीब दो हजार व्यावसायिक सिलिंडर की आपूर्ति होती थी। ईरान और इस्राइल युद्ध के चलते ईधन के संकट के बीच सरकार ने निजी प्रतिष्ठानों पर व्यवसायिक सिलिंडर की आपूर्ति बंद कर दी है।
अधिकारियों के अनुसार, अब व्यावसायिक सिलिंडर का इस्तेमाल सरकारी स्कूलों में एमडीएम बनाने और सरकारी अस्पतालों में मरीजों के खाना बनाने में हो सकेगा। ऐसे में व्यवसायिक सिलिंडर पर रोक लगने से व्यापारियों के सामने संकट खड़ा हो गया है। होटल, रेस्तरां, ढाबा और निजी प्रतिष्ठानों के संचालकों की दिक्कत बढ़ गई हैं। कई होटलों व रेस्टोरेंट में भट्ठियों का इस्तेमाल फिर शुरू हो गया है।
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करीब 150 होटलों और ढाबों का कारोबार ठप होने के कगार पर
शाहजहांपुर। शहर में 150 से अधिक होटल और ढाबे हैं। जो व्यावसायिक सिलिंडर की आपूर्ति ठप होने से बंद होने के कगार पर आ गए हैं।
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होटल और ढाबा व्यापार से जुड़े लोगों की व्यावसायिक सिलिंडर की आपूर्ति ठप होने से कमर टूट गई है। अब तक जैसे-तैसे संचालक व्यवस्था करके काम चला रहे थे, लेकिन अब व्यावसायिक सिलिंडर पर रोक लगने से संकट खड़ा हो गया है। इस मामले में सभी साथियों से बैठकर आगे की रणनीति बनाएंगे।
- सिराज खान, अध्यक्ष, होटल एसोसिएशन
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10 रुपये में भरपेट थाली मिलना हुई बंद
हनुमत धाम के पास और राजकीय मेडिकल कॉलेज में एक ट्रस्ट की ओर से रसोई संचालित की जाती थी। यहां पर 10 रुपये में भरपेट खाना मिलता था। रसोई में प्रतिदिन करीब 1000 लोग खाना खाते थे। गैस की किल्लत होने से बृहस्पतिवार से दोनों जगह रसोई का संचालन बंद कर दिया गया। इससे तीमारदारों और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के सामने दिक्कत आ गई है। रसोई संचालक विनय अग्रवाल ने बताया कि बुधवार तक उनके पास रसोई गैस का स्टॉक था, बृहस्पतिवार को स्टॉक नहीं होने से मजबूरी में दोनों स्थानों पर रसोइयों को बंद करना पड़ा है।
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घरेलू सिलिंडर की मांग बढ़ी... दुश्वारियां बरकरार
घरेलू सिलिंडर की आपूर्ति पिछले दो से तीन दिन में 26 से 27 हजार प्रतिदिन तक पहुंच गई है। सिलिंडर नहीं मिलने की अफवाह के चलते लोगों ने घरों में स्टोर करना शुरू कर दिया है। पूर्व में उपभोक्ता घर बैठे मोबाइल से ऑनलाइन बुकिंग कर लेते थे। तीन दिन से सर्वर डाउन है। इसकी वजह से घर से गैस की बुकिंग नहीं हो पा रही है। गैस एजेंसी पर भी लोगों को बुकिंग के लिए लाइन लगानी पड़ रही है। सर्वर डाउन होने के कारण कार्य बहुत धीमी गति से हो पा रहा है, साथ ही केवाईसी नहीं हो पा रही है। एजेंसी संचालकों के अनुसार, बगैर केवाईसी के लोगों को सिलिंडर नहीं मिल पाएगा। इसके चलते उपभोक्ता परेशान हैं।
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अधिकारियों ने गैस एजेंसियों का लिया जायजा
डीएम धर्मेंद्र प्रताप के निर्देश पर बृहस्पतिवार को एडीएम एफआर अरविंद कुमार, डीएसओ चमन शर्मा, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड के प्रतिनिधि ने संयुक्त रूप से टाउनहॉल स्थित सतकरतार गैस एजेंसी, मशीनरी मार्केट स्थित रोहित गैस एजेंसी, केरूगंज स्थित शाहजहांपुर गैस एजेंसी का जायजा लिया।
किसी भी एजेंसी पर सिलिंडर स्टॉक में अनियमितता नहीं मिली। गैस एजेंसियों पर केवाईसी को लेकर उपभोक्ताओं की समस्या सामने आई। अधिकारियों के अनुसार, सिलिंडर बुकिंग के लिए पेट्रोलियम गैस डिवीजन की तीन कंपनियों में इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (इंडेन) के सर्वर में समस्या आ रही थी, लेकिन हिंदुस्तान पेट्रोलियम (एचपी) और भारत पेट्रोलियम (बीपीसीएल) के सर्वर में कोई समस्या नहीं है। इंडेन गैस एजेंसियों का सर्वर धीमा चलने के कारण बुकिंग में कमी आई है। ऑयल कंपनी की ओर से सर्वर को ठीक करने का प्रयास किया जा रहा है। डीएसओ ने बताया कि 10 मार्च तक गैस बुकिंग कराने वाले उपभोक्ताओं को 26037 गैस सिलिंडरों की डिलीवरी की जा चुकी है। गैस सिलिंडरों की अवैध कालाबाजारी व भंडारण पर कार्रवाई की जाएगी। तहसील स्तर पर गठित टीमें लगातार निगरानी कर रहीं हैं।
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इंडक्शन और इलेक्ट्रानिक उपकरणों की बिक्री में 10 प्रतिशत की वृद्धि
रसोई गैस सिलिंडर के लिए मची मारामारी की वजह से लोगों ने वैकल्पिक इस्तेमाल करने के लिए इंडक्शन चूल्हा, इलेक्ट्रानिक केतली आदि खरीदना शुरू कर दी है। इससे इनकी मांग बढ़ गई है। इंडक्शन चूल्हे की मांग में दस प्रतिशत तक उछाल आया है। सिलिंडर के अभाव में लोगों ने इंडक्शन चूल्हे का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। हालात यही रहे तो इंडक्शन चूल्हा और इलेक्ट्रानिक उपकरणों की मांग और अधिक बढ़ जाएगी।
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परिवार में सभी लोगो रोजा रख रहे हैं। सहरी के समय सिलिंडर खत्म हो गया। शाम को रोजा इफ्तार भी करना है, सिलिंडर नहीं होने से परेशान हैं। ऑनलाइन बुकिंग भी नहीं हो पा रही है।
- बेबी आजमी, बाडूजई प्रथम
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तीन दिन पहले सिलिंडर खत्म हो गया। तब से गैस एजेंसी के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन केवाईसी नहीं हो पा रही है। इस वजह से गैस की बुकिंग नहीं हो पा रही। घर में चूल्हे पर खाना बनाना पड़ रहा है।
- शबाना, राईखुर्द
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व्यावसायिक सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। ढाबे पर सिलिंडरों में गैस खत्म हो गई है। कोयले की भट्ठी का इंतजाम किया है। इससे खाना बना रहे हैं। दाल-चावल और सब्जी बना रहे हैं। जिससे ग्राहकों को लौटना नहीं पड़े।
- तहजीब खां, ढाबा संचालक
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गैस की किल्लत की वजह से ढाबे पर ताला लगाने की स्थिति बन रही है। अब तक काम चला रहे थे, लेकिन अब व्यवस्था गड़बड़ा गई है। एक-दिन यही हालात रहे तो ढाबा बंद करना पड़ेगा।
- अरुण वर्मा, ढाबा संचालक
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व्यावसायिक सिलिंडर की आपूर्ति जिले में नहीं हो रही है। घरेलू सिलिंडर की आपूर्ति में कोई दिक्कत नहीं है। प्रशासनिक टीमें निगरानी कर रहीं हैं। अगर कोई जमाखोरी या ओवररेटिंग करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-धर्मेंद्र प्रताप सिंह, डीएम
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सभी गैस एजेंसियों पर पर्याप्त भंडार है। सर्वर धीमा होने की वजह से गैस बुकिंग और केवाईसी में दिक्कत आ रही है। इस पर कंपनी के लोग काम कर रहे हैं। टीमें लगातार गैस एजेंसियों की निगरानी कर रहे हैं। व्यावसायिक सिलिंडर की आपूर्ति शासन स्तर पर बंद की गई है। घरेलू सिलिंडर नियमानुसार दिए जा रहे हैं।
- चमन शर्मा, जिला पूर्ति अधिकारी
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जनपद में साढ़े छह लाख घरेलू और 40 हजार व्यावसायिक उपभोक्ता हैं। पूर्व में जनपद में प्रतिदिन 10 से 11 हजार घरेलू सिलिंडर तो करीब दो हजार व्यावसायिक सिलिंडर की आपूर्ति होती थी। ईरान और इस्राइल युद्ध के चलते ईधन के संकट के बीच सरकार ने निजी प्रतिष्ठानों पर व्यवसायिक सिलिंडर की आपूर्ति बंद कर दी है।
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अधिकारियों के अनुसार, अब व्यावसायिक सिलिंडर का इस्तेमाल सरकारी स्कूलों में एमडीएम बनाने और सरकारी अस्पतालों में मरीजों के खाना बनाने में हो सकेगा। ऐसे में व्यवसायिक सिलिंडर पर रोक लगने से व्यापारियों के सामने संकट खड़ा हो गया है। होटल, रेस्तरां, ढाबा और निजी प्रतिष्ठानों के संचालकों की दिक्कत बढ़ गई हैं। कई होटलों व रेस्टोरेंट में भट्ठियों का इस्तेमाल फिर शुरू हो गया है।
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करीब 150 होटलों और ढाबों का कारोबार ठप होने के कगार पर
शाहजहांपुर। शहर में 150 से अधिक होटल और ढाबे हैं। जो व्यावसायिक सिलिंडर की आपूर्ति ठप होने से बंद होने के कगार पर आ गए हैं।
होटल और ढाबा व्यापार से जुड़े लोगों की व्यावसायिक सिलिंडर की आपूर्ति ठप होने से कमर टूट गई है। अब तक जैसे-तैसे संचालक व्यवस्था करके काम चला रहे थे, लेकिन अब व्यावसायिक सिलिंडर पर रोक लगने से संकट खड़ा हो गया है। इस मामले में सभी साथियों से बैठकर आगे की रणनीति बनाएंगे।
- सिराज खान, अध्यक्ष, होटल एसोसिएशन
10 रुपये में भरपेट थाली मिलना हुई बंद
हनुमत धाम के पास और राजकीय मेडिकल कॉलेज में एक ट्रस्ट की ओर से रसोई संचालित की जाती थी। यहां पर 10 रुपये में भरपेट खाना मिलता था। रसोई में प्रतिदिन करीब 1000 लोग खाना खाते थे। गैस की किल्लत होने से बृहस्पतिवार से दोनों जगह रसोई का संचालन बंद कर दिया गया। इससे तीमारदारों और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के सामने दिक्कत आ गई है। रसोई संचालक विनय अग्रवाल ने बताया कि बुधवार तक उनके पास रसोई गैस का स्टॉक था, बृहस्पतिवार को स्टॉक नहीं होने से मजबूरी में दोनों स्थानों पर रसोइयों को बंद करना पड़ा है।
घरेलू सिलिंडर की मांग बढ़ी... दुश्वारियां बरकरार
घरेलू सिलिंडर की आपूर्ति पिछले दो से तीन दिन में 26 से 27 हजार प्रतिदिन तक पहुंच गई है। सिलिंडर नहीं मिलने की अफवाह के चलते लोगों ने घरों में स्टोर करना शुरू कर दिया है। पूर्व में उपभोक्ता घर बैठे मोबाइल से ऑनलाइन बुकिंग कर लेते थे। तीन दिन से सर्वर डाउन है। इसकी वजह से घर से गैस की बुकिंग नहीं हो पा रही है। गैस एजेंसी पर भी लोगों को बुकिंग के लिए लाइन लगानी पड़ रही है। सर्वर डाउन होने के कारण कार्य बहुत धीमी गति से हो पा रहा है, साथ ही केवाईसी नहीं हो पा रही है। एजेंसी संचालकों के अनुसार, बगैर केवाईसी के लोगों को सिलिंडर नहीं मिल पाएगा। इसके चलते उपभोक्ता परेशान हैं।
अधिकारियों ने गैस एजेंसियों का लिया जायजा
डीएम धर्मेंद्र प्रताप के निर्देश पर बृहस्पतिवार को एडीएम एफआर अरविंद कुमार, डीएसओ चमन शर्मा, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड के प्रतिनिधि ने संयुक्त रूप से टाउनहॉल स्थित सतकरतार गैस एजेंसी, मशीनरी मार्केट स्थित रोहित गैस एजेंसी, केरूगंज स्थित शाहजहांपुर गैस एजेंसी का जायजा लिया।
किसी भी एजेंसी पर सिलिंडर स्टॉक में अनियमितता नहीं मिली। गैस एजेंसियों पर केवाईसी को लेकर उपभोक्ताओं की समस्या सामने आई। अधिकारियों के अनुसार, सिलिंडर बुकिंग के लिए पेट्रोलियम गैस डिवीजन की तीन कंपनियों में इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (इंडेन) के सर्वर में समस्या आ रही थी, लेकिन हिंदुस्तान पेट्रोलियम (एचपी) और भारत पेट्रोलियम (बीपीसीएल) के सर्वर में कोई समस्या नहीं है। इंडेन गैस एजेंसियों का सर्वर धीमा चलने के कारण बुकिंग में कमी आई है। ऑयल कंपनी की ओर से सर्वर को ठीक करने का प्रयास किया जा रहा है। डीएसओ ने बताया कि 10 मार्च तक गैस बुकिंग कराने वाले उपभोक्ताओं को 26037 गैस सिलिंडरों की डिलीवरी की जा चुकी है। गैस सिलिंडरों की अवैध कालाबाजारी व भंडारण पर कार्रवाई की जाएगी। तहसील स्तर पर गठित टीमें लगातार निगरानी कर रहीं हैं।
इंडक्शन और इलेक्ट्रानिक उपकरणों की बिक्री में 10 प्रतिशत की वृद्धि
रसोई गैस सिलिंडर के लिए मची मारामारी की वजह से लोगों ने वैकल्पिक इस्तेमाल करने के लिए इंडक्शन चूल्हा, इलेक्ट्रानिक केतली आदि खरीदना शुरू कर दी है। इससे इनकी मांग बढ़ गई है। इंडक्शन चूल्हे की मांग में दस प्रतिशत तक उछाल आया है। सिलिंडर के अभाव में लोगों ने इंडक्शन चूल्हे का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। हालात यही रहे तो इंडक्शन चूल्हा और इलेक्ट्रानिक उपकरणों की मांग और अधिक बढ़ जाएगी।
परिवार में सभी लोगो रोजा रख रहे हैं। सहरी के समय सिलिंडर खत्म हो गया। शाम को रोजा इफ्तार भी करना है, सिलिंडर नहीं होने से परेशान हैं। ऑनलाइन बुकिंग भी नहीं हो पा रही है।
- बेबी आजमी, बाडूजई प्रथम
तीन दिन पहले सिलिंडर खत्म हो गया। तब से गैस एजेंसी के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन केवाईसी नहीं हो पा रही है। इस वजह से गैस की बुकिंग नहीं हो पा रही। घर में चूल्हे पर खाना बनाना पड़ रहा है।
- शबाना, राईखुर्द
व्यावसायिक सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। ढाबे पर सिलिंडरों में गैस खत्म हो गई है। कोयले की भट्ठी का इंतजाम किया है। इससे खाना बना रहे हैं। दाल-चावल और सब्जी बना रहे हैं। जिससे ग्राहकों को लौटना नहीं पड़े।
- तहजीब खां, ढाबा संचालक
गैस की किल्लत की वजह से ढाबे पर ताला लगाने की स्थिति बन रही है। अब तक काम चला रहे थे, लेकिन अब व्यवस्था गड़बड़ा गई है। एक-दिन यही हालात रहे तो ढाबा बंद करना पड़ेगा।
- अरुण वर्मा, ढाबा संचालक
व्यावसायिक सिलिंडर की आपूर्ति जिले में नहीं हो रही है। घरेलू सिलिंडर की आपूर्ति में कोई दिक्कत नहीं है। प्रशासनिक टीमें निगरानी कर रहीं हैं। अगर कोई जमाखोरी या ओवररेटिंग करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-धर्मेंद्र प्रताप सिंह, डीएम
सभी गैस एजेंसियों पर पर्याप्त भंडार है। सर्वर धीमा होने की वजह से गैस बुकिंग और केवाईसी में दिक्कत आ रही है। इस पर कंपनी के लोग काम कर रहे हैं। टीमें लगातार गैस एजेंसियों की निगरानी कर रहे हैं। व्यावसायिक सिलिंडर की आपूर्ति शासन स्तर पर बंद की गई है। घरेलू सिलिंडर नियमानुसार दिए जा रहे हैं।
- चमन शर्मा, जिला पूर्ति अधिकारी

बेबी आजमी, बाडूजई प्रथम।

बेबी आजमी, बाडूजई प्रथम।

बेबी आजमी, बाडूजई प्रथम।

बेबी आजमी, बाडूजई प्रथम।

बेबी आजमी, बाडूजई प्रथम।

बेबी आजमी, बाडूजई प्रथम।

बेबी आजमी, बाडूजई प्रथम।