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खतरे के निशान पर पहुंची रामगंगा, परौर में कटान तेज
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शाहजहांपुर में शुक्रवार दोपहर खन्नौत नदी में आई बाढ़ के पानी से घिरा लोधीपुर का एक मकान। संवाद
- फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। चार दिन पहले हुई भारी वर्षा के बाद पश्चिमी यूपी और उत्तराखंड के बांधों-बैराजों से पानी की निकासी ज्यादा होने के कारण जिले से होकर बहने वाली गंगा-रामगंगा समेत सभी नदियों में शुक्रवार को उफान और बढ़ गया। शुक्रवार को परौर क्षेत्र में रामगंगा का जलस्तर 93 सेमी बढ़ गया। इससे नरायन नगला गांव के पश्चिमी के किनारे भूमि कटान तेज हो गया।
उधर, कलान के भैंसार बांध पर गंगा का जलस्तर 62 सेमी बढ़कर 143.02 मीटर हो जाने से ढाई घाट से लेकर मिर्जापुर तक तटीय गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। इधर, शहर के समीप होकर बहने वाली गर्रा में पानी 20 सेमी और खन्नौत में 10 सेमी बढ़ने से दोनों नदियां आबादी में बढ़ रही हैं। वहीं जैतीपुर, खुदागंज, मिर्जापुर, परौर के कई गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं।
मिर्जापुर क्षेत्र में रामगंगा के तटवर्ती गांव मौजमपुर में पिछले वर्ष की बाढ़ में आधे से ज्यादा घर बाढ़ में ढह गए थे। इस बार फिर उफनाई रामगंगा का पानी मौजमपुर में पहुंच गया है। वहां नदी के किनारे की जमीन धंस जाने से घरों के ढहने का खतरा बढ़ गया है। गांव के मंदिर का कुछ हिस्सा नदी में धंस गया है। उधर, परौर क्षेत्र के मोहनपुर, बिचपुरी, नारायणनगर पश्चिमी आदि गांव रामगंगा की बाढ़ से घिर गए हैं।
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इस बीच, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सुनील कुमार भास्कर ने शुक्रवार को क्षेत्र भ्रमण कर बाढ़ का जायजा लिया और अभियंताओं को नारायणनगर पश्चिमी में उपजाऊ जमीन का कटान रोकने को जरूरी दिशा निर्देश दिए।
एक्सईएन भास्कर ने बताया कि अभी रामगंगा और गंगा के जलस्तर में वृद्घि जारी रहने की संभावना है। सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण कक्ष से लिपिक सत्येंद्र वर्मा ने बताया कि बरेली के चौबारी घाट पर रामगंगा खतरे के निशान 161.71 मीटर पर पहुंच गई है। उन्होंने बताया कि विभिन्न बैराजों से अभी रामगंगा में एक लाख क्यूसेक पानी निकल रहा है, इसलिए नदी का जलस्तर शनिवार को भी बढ़ने के आसार हैं। इसी तरह नरौरा बैराज से निकल रहा 2.33 लाख क्यूसेक पानी गंगा में उफान बढ़ाएगा। बारिश थमी होने से खन्नौत में पानी कम होने के आसार हैं, लेकिन गर्रा के जलस्तर में गिरावट की संभावना कम है क्योंकि उसमें ड्यूनी डाम से 19483 क्यूसेक पानी की निकासी हो रही है।
जैतीपुर। रामगंगा और बहगुल नदी के किनारे बसे क्षेत्र के वैवहा नवदिया, धर्मपुर कंकलिया, धुबला करीम नगर, घसाकल्याणपुर, खूबपूर, अचिंतपुर, केसी नगला, सुरजूपुर, गौहावर, शिवराजपुर, जगतियापुर, मरेना, सरसवा, नगला देहतमाली सहित कई गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। इन गांवों का दूसरे केसीनगला और निजामपुर नगरिया के बीच संपर्क मार्ग बंद हो गया है। बाढ़ से पशुओं के सामने चारे का संकट पैदा हो गया है। वही बहगुल नदी में लगातार बढ़ रहे जलस्तर से सुरजूपुर, जगत, अवा, पलीहुरा, बमिहाना, सलेमपुर, पहरा, गोहावर आदि गांव के ग्रामीणों की फसलें डूब चुकी हैं। नदी किनारे बने घरों पर संकट खड़ा हो गया है। ग्राम पंचायत मरेना में बनी अस्थाई गौशाला में राम गंगा की बाढ़ का पानी पहुंच गया। प्रधान रामचंद्र वर्मा ने ग्रामीणों की सहायता से गोवंशीय पशुओं को बाहर निकलवाया। ग्राम पंचायत को खूबपुर अचिंतपुर का प्राथमिक विद्यालय राम गंगा के किनारे होने के कारण पानी से चारों तरफ गिर गया है।
खुदागंज क्षेत्र के गांवों में घुसा गर्रा का पानी
खुदागंज। यहां के कई गांवों में गर्रा की बाढ़ का पानी घुसने से वहां के लोग भयभीत हैं कि उन्हें कहीं गांव छोड़कर जाना न पड़ जाए। गांव होशीपुर और कुआंडांडा खंजन के ग्रामीण काफी डरे हुए हैं क्योंकि बाढ़ का पानी दो दिन से लगातार बढ़ रहा है। बाढ़ से इन गांवों के कई घरों समेत विद्यालय परिसर में पानी भर गया। गांव की सड़कों पर भी पानी आ गया है और ब्लॉक मुख्यालय तक जाने का मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गया है। इससे लोगों को पीलीभीत जिला होकर अपने खुदागंज ब्लॉक मुख्यालय तक आना पड़ रहा है। होशीपुर के ग्राम प्रधान पुत्र रंजीत सिंह ने बताया कि गांव के चारों तरफ बाढ़ का पानी है। इस वजह से आने-जाने का मार्ग भी बाधित हो गया है। जमीलापुर के पास भी बाढ़ का पानी आ गया है।
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उधर, कलान के भैंसार बांध पर गंगा का जलस्तर 62 सेमी बढ़कर 143.02 मीटर हो जाने से ढाई घाट से लेकर मिर्जापुर तक तटीय गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। इधर, शहर के समीप होकर बहने वाली गर्रा में पानी 20 सेमी और खन्नौत में 10 सेमी बढ़ने से दोनों नदियां आबादी में बढ़ रही हैं। वहीं जैतीपुर, खुदागंज, मिर्जापुर, परौर के कई गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं।
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मिर्जापुर क्षेत्र में रामगंगा के तटवर्ती गांव मौजमपुर में पिछले वर्ष की बाढ़ में आधे से ज्यादा घर बाढ़ में ढह गए थे। इस बार फिर उफनाई रामगंगा का पानी मौजमपुर में पहुंच गया है। वहां नदी के किनारे की जमीन धंस जाने से घरों के ढहने का खतरा बढ़ गया है। गांव के मंदिर का कुछ हिस्सा नदी में धंस गया है। उधर, परौर क्षेत्र के मोहनपुर, बिचपुरी, नारायणनगर पश्चिमी आदि गांव रामगंगा की बाढ़ से घिर गए हैं।
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इस बीच, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सुनील कुमार भास्कर ने शुक्रवार को क्षेत्र भ्रमण कर बाढ़ का जायजा लिया और अभियंताओं को नारायणनगर पश्चिमी में उपजाऊ जमीन का कटान रोकने को जरूरी दिशा निर्देश दिए।
एक्सईएन भास्कर ने बताया कि अभी रामगंगा और गंगा के जलस्तर में वृद्घि जारी रहने की संभावना है। सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण कक्ष से लिपिक सत्येंद्र वर्मा ने बताया कि बरेली के चौबारी घाट पर रामगंगा खतरे के निशान 161.71 मीटर पर पहुंच गई है। उन्होंने बताया कि विभिन्न बैराजों से अभी रामगंगा में एक लाख क्यूसेक पानी निकल रहा है, इसलिए नदी का जलस्तर शनिवार को भी बढ़ने के आसार हैं। इसी तरह नरौरा बैराज से निकल रहा 2.33 लाख क्यूसेक पानी गंगा में उफान बढ़ाएगा। बारिश थमी होने से खन्नौत में पानी कम होने के आसार हैं, लेकिन गर्रा के जलस्तर में गिरावट की संभावना कम है क्योंकि उसमें ड्यूनी डाम से 19483 क्यूसेक पानी की निकासी हो रही है।
जैतीपुर। रामगंगा और बहगुल नदी के किनारे बसे क्षेत्र के वैवहा नवदिया, धर्मपुर कंकलिया, धुबला करीम नगर, घसाकल्याणपुर, खूबपूर, अचिंतपुर, केसी नगला, सुरजूपुर, गौहावर, शिवराजपुर, जगतियापुर, मरेना, सरसवा, नगला देहतमाली सहित कई गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। इन गांवों का दूसरे केसीनगला और निजामपुर नगरिया के बीच संपर्क मार्ग बंद हो गया है। बाढ़ से पशुओं के सामने चारे का संकट पैदा हो गया है। वही बहगुल नदी में लगातार बढ़ रहे जलस्तर से सुरजूपुर, जगत, अवा, पलीहुरा, बमिहाना, सलेमपुर, पहरा, गोहावर आदि गांव के ग्रामीणों की फसलें डूब चुकी हैं। नदी किनारे बने घरों पर संकट खड़ा हो गया है। ग्राम पंचायत मरेना में बनी अस्थाई गौशाला में राम गंगा की बाढ़ का पानी पहुंच गया। प्रधान रामचंद्र वर्मा ने ग्रामीणों की सहायता से गोवंशीय पशुओं को बाहर निकलवाया। ग्राम पंचायत को खूबपुर अचिंतपुर का प्राथमिक विद्यालय राम गंगा के किनारे होने के कारण पानी से चारों तरफ गिर गया है।
खुदागंज क्षेत्र के गांवों में घुसा गर्रा का पानी
खुदागंज। यहां के कई गांवों में गर्रा की बाढ़ का पानी घुसने से वहां के लोग भयभीत हैं कि उन्हें कहीं गांव छोड़कर जाना न पड़ जाए। गांव होशीपुर और कुआंडांडा खंजन के ग्रामीण काफी डरे हुए हैं क्योंकि बाढ़ का पानी दो दिन से लगातार बढ़ रहा है। बाढ़ से इन गांवों के कई घरों समेत विद्यालय परिसर में पानी भर गया। गांव की सड़कों पर भी पानी आ गया है और ब्लॉक मुख्यालय तक जाने का मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गया है। इससे लोगों को पीलीभीत जिला होकर अपने खुदागंज ब्लॉक मुख्यालय तक आना पड़ रहा है। होशीपुर के ग्राम प्रधान पुत्र रंजीत सिंह ने बताया कि गांव के चारों तरफ बाढ़ का पानी है। इस वजह से आने-जाने का मार्ग भी बाधित हो गया है। जमीलापुर के पास भी बाढ़ का पानी आ गया है।