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गन्ने का नहीं मिल रहा भुगतान...किसान परेशान

Tue, 16 Feb 2021 12:35 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 16 Feb 2021 12:35 AM IST
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पुवायां। चीनी मिलें किसान का गन्ना तो खरीद रही हैं, लेकिन भुगतान में हीलाहवाली की जा रही है। मकसूदापुर की बजाज चीनी मिल तो अभी तक पिछले पेराई सत्र में खरीदे गए गन्ने का भुगतान तक नहीं दे पाई है। इस कारण किसान अब गन्ने से दूरी बनाने लगे हैं।
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गन्ना नकदी फसल माना जाता था। किसान मिलों पर गन्ना बेचते थे, इसके बाद तत्काल भुगतान भी मिल जाता था, लेकिन पिछले कई वर्ष से बड़ी चीनी मिलों ने स्थित बेहद खराब कर दी है। नियमानुसार गन्ना बेचने के बाद 14 दिन में किसान को भुगतान मिल जाना चाहिए, लेकिन हालत यह है कि एक साल हो जाने के बाद भी भुगतान नहीं मिल पाता है।
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बजाज चीनी मिल पर गत वर्ष का बकाया, पुवायां मिल ने किया भुगतान
पुवायां। बजाज चीनी मिल मकसूदापुर मिल गत वर्ष 16 अप्रैल तक चली थी। चार अप्रैल तक का भुगतान 285.96 करोड़ कर दिया गया है। गत वर्ष का 12 दिन का भुगतान 14.52 करोड़ रुपये अभी शेष है। उधर, पुवायां की किसान सहकारी चीनी मिल ने गत पेराई सत्र का पूरा भुगतान कर दिया है। वर्तमान पेराई सत्र में 15.71 लाख क्विंटल गन्ना खरीदा गया है। इस बार मिल 20 नवंबर से चली थी। अब तक आठ दिसंबर तक खरीदे गन्ने का भुगतान कर दिया गया है। अब 40.10 करोड़ का भुगतान बकाया है।
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बच्चों की फीस मांग रहे स्कूल संचालक
पुवायां। किसानों को गन्ने का भुगतान नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। स्कूल संचालक फीस जमा करने का दबाव बना रहे हैं। अब स्कूल भी खुल गए हैं। इससे फीस जमा करने पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है।
कहां से दें गन्ने की छिलाई और ढुलाई
पुवायां। गन्ने की छिलाई के लिए श्रमिकों को प्रति क्विंटल 40 रुपये देने पड़ते हैं। एक ट्रॉली की पर्ची 40 क्विंटल की होती है। इस प्रकार एक पर्ची पर श्रमिकों को 16 सौ रुपये और ढुलाई के लिए आठ सौ रुपये देने पड़ते हैं। मिल से भुगतान नहीं मिलने के कारण किसान को छिलाई और ढुलाई जेब से देनी पड़ती है। इसके अलावा गन्ने में लगने वाले कीटनाशक, खरपतवारनाशक, गुड़ाई, सिंचाई आदि पर भी खर्च करना पड़ता है।
अभी तक गत पेराई सत्र मार्च तक का भुगतान आया है। चीनी मिल अधिकारी मनमानी कर रहे हैं। किसान भुगतान को लेकर बेहद परेशान हैं। शासन- प्रशासन को किसानों की सुध लेनी चाहिए। - आशीष सिंह, गांव नरौठा हंसराम, खुटार

मेरा बजाज चीनी मिल पर करीब 60 हजार रुपये बकाया है। श्रमिकों को भुगतान धान आदि की बिक्री से मिले रुपयों से करना पड़ा है। घरेलू जरूरतों का सामान खरीदने, बच्चों की स्कूल फीस देने में समस्या आ रही है। - जसपाल सिंह, कुइयां महोलिया बंडा
गत सत्र का केवल 12 दिन का भुगतान शेष रह गया है। पुराना भुगतान होने के तुरंत बाद वर्तमान पेराई सत्र का भुगतान शुरू कर दिया जाएगा।
- हितेंद्र सिंह, जीएम, बजाज चीनी मिल, मकसूदापुर
गत सत्र का पूरा भुगतान कर दिया है। इस सत्र का भुगतान किया जा रहा है। किसानों को जल्द से जल्द भुगतान का प्रयास किया जा रहा है।
- रमेश चंद्र श्रीवास्तव, जीएम, किसान सहकारी चीनी मिल पुवायां
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