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राशन वितरण: कार्रवाई के बावजूद नहीं थम रहीं कालाबाजारी और घटतौली की शिकायतें

Sat, 11 Apr 2020 11:58 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 11 Apr 2020 11:58 PM IST
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Civic Amenities,ration card
शाहजहांपुर में राशन की दुकान से गेंहू व चावल लेते लोग । फाइल फोटो - फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। लॉकडाउन में बेेरोजगार हुए दिहाड़ी मजदूरों के घर का चूल्हा जलता रहे इसलिए सरकार ने राशन मुहैया कराने के लिए प्रशासन को निर्देश दिए हैं। मगर गरीबों की यह योजना घटतौली और कालाबाजारी की शिकार हो गई। आपूर्ति विभाग और कलक्ट्रेट के कंट्रोल रूम में दस दिन में प्रशासन के पास गड़बड़ी की 250 शिकायतें आ चुकी हैं। प्रशासन भी इन पर शिकंजा कसने के लिए अब तक सात कोटेदारों पर घपलेबाजी के आरोप में रिपोर्ट दर्ज करा चुका है और 11 दुकानों को निलंबित कर चुका है। इसके बावजूद कुछ कोटेदार गरीबों का हक मारने से बाज नहीं आ रहे हैं। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि अधिकतर कार्डधारकों को राशन बांटने के साथ अब ऐसे लोगों को राशन वितरण के लिए चिह्नित किया जा रहा है, जिनके पास किसी भी तरह का कार्ड नहीं है।
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जिले में अंत्योदय और पात्र गृहस्थी श्रेणी के 575126 राशन कार्ड हैं। लॉकडाउन लागू होने के बाद एक अप्रैल से इन सभी कार्डधारकों को उचित दर दुकानों से 20 किलो गेहूं और 15 किलो चावल का मुफ्त वितरण शुरू हुआ तो दुकानों पर भीड़ जुटने लगी। इसके साथ ही यूनिट कटने, मात्रा से कम राशन देने और घटतौली की शिकायतें भी आने लगीं। एसडीएम और पूर्ति निरीक्षक के स्तर से शिकायतों का निस्तारण नहीं हुआ तो जिला प्रशासन और आपूर्ति विभाग के कंट्रोल रूम में लोगों ने शिकायतें दर्ज करानी शुरू कर दीं। ऐसे में अधिकारियों ने कोटेदारों को बिना राशनकार्ड वाले लोगों को भी मुफ्त राशन देने के साथ उनके नाम अलग रजिस्टर में दर्ज कर राशन कार्ड बनवाने के निर्देश दिए। जिला आपूर्ति अधिकारी ने भी दुकानों पर नियुक्त किए गए वितरण अधिकारियों को यह काम अपने स्तर से करने के निर्देश दिए, लेकिन व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ।
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प्रशासन दे रहा राहत, कोटेदार भटका रहे
प्रशासन ने अपने स्तर से आटा, चावल, दाल, आलू, सरसों तेल, मसाले, नमक आदि के पैकेट बांटने शुरू किए, लेकिन कोटेदारों ने नए राशनकार्ड के ऑनलाइन आवेदन कराने के बहाने गरीबों को भटकने को मजबूर कर दिया। वेबसाइट नहीं चलने पर ऑनलाइन आवेदन करने में लोगों की दिक्कतें बढ़ीं तो तिलहर के भाजपा विधायक रोशन लाल वर्मा को डीएम को पत्र भेजना पड़ा।
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इस तरह की आ रही शिकायतें
बीते दस दिन मेें राशन संबंधी समस्याओं को लेकर आपूर्ति विभाग और प्रशासन के कंट्रोल रूम को 250 से ज्यादा शिकायतें मिलीं। इनमें शहर के मोहल्ला बहादुरगंज निवासी अर्चना चौरसिया ने कंट्रोल रूम को बताया कि कार्ड होने पर भी राशन नहीं मिला। भावलखेड़ा ब्लॉक के गांव निजामपुर की रुचि गुप्ता ने कहा कि राशनकार्ड बनवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन नहीं हो रहा है। इसी तरह सेहरामऊ दक्षिणी की विनीता वर्मा ने अकारण यूनिट काटकर राशन कम दिए जाने की शिकायत की। सिंधौली क्षेत्र के गांव सहोरा निवासी शिव गणेश और खुदागंज क्षेत्र के गांव चठिया निवासी रामसागर भी यूनिट कटने की शिकायत कर चुके हैं। तिलहर क्षेत्र के गांव परशुरामपुर निवासी धर्मेंद्र, गांव हरिहरपुर की मनरेगा कार्ड धारक आरती सिंह और जलालाबाद तहसील के गांव फरीदपुर निवासी कमलेश भी राशन कम दिए जाने की शिकायत कर चुके हैं।

दो दिन पहले तक 5109 नए राशन कार्ड स्वीकृत हो चुके हैं और यह प्रक्रिया लगातार जारी है। जिन लोगों ने ऑनलाइन आवेदन होने मेें समस्या बताई, उनके आधार नंबर मंगवाकर विभागीय स्तर पर यह काम कराया जा रहा है। जिन लोगों के गलत तरीके से यूनिट कटे, उनके कार्ड पर यूनिट जोड़ने के साथ राशन कम देने और घटतौली अथवा कालाबाजारी में लिप्त कोटेदारों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। - पूरन सिंह चौहान, जिला आपूर्ति अधिकारी
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