{"_id":"6022e1438ebc3e6ffd159e5e","slug":"civcamenities-shahjahanpur-news-bly436690656","type":"story","status":"publish","title_hn":"गंगा एक्सप्रेस-वे : समझौता पत्र भरवाने का काम पूरा, आज से होगी रजिस्ट्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गंगा एक्सप्रेस-वे : समझौता पत्र भरवाने का काम पूरा, आज से होगी रजिस्ट्री
विज्ञापन
तिलहर (शाहजहांपुर)। मेरठ -प्रयागराज गंगा एक्सप्रेसवे अब हरिद्वार से वाराणसी तक बनेगा। तिलहर तहसील के आठ गांव से होकर गुजरने वाले इस एक्सप्रेस-वे की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। तहसीलदार तृप्ति गुप्ता ने ग्रामीणों से समझौता पत्र भरवा कर मंगलवार को अंतिम रूप दिया। उन्होंने बताया कि मंगलवार को जमीन की रजिस्ट्री के लिए ग्रामीणों को सूचित कर दिया गया है। ग्रामीण रजिस्ट्री करा सकते हैं। किसानों की जमीन सर्किल रेट से 4 गुना अधिक मूल्य पर ली जाएगी। प्रथम चरण में तीन गांवों की सात रजिस्ट्री होनी है। 23 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर का सर्किल रेट है जिसका चार गुना दिया जाएगा।
यह एक्सप्रेस-वे शाहजहांपुर की तहसील तिलहर, जलालाबाद और सदर के 41 गांवों से होकर गुजरेगा। एक्सप्रेस-वे की दूरी पहले 594 किलोमीटर निर्धारित थी लेकिन अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे हरिद्वार से वाराणसी तक बनाना प्रस्तावित किया है। इसको लेकर अब इसकी दूरी 745 किलोमीटर होगी। इसके निर्माण की लागत 36,402 करोड़ रुपये तय की गई है। इस गंगा एक्सप्रेस-वे के बनने के बाद शाहजहांपुर के लोगों को हरिद्वार, प्रयागराज और बनारस तीर्थस्थलों पर जाने के लिए लगभग आधा सफर तय करना होगा। गंगा एक्सप्रेस-वे के निर्माण होने और सर्किल रेट चार गुना मिलने से क्षेत्रीय किसानों में खुशी की लहर है। वे क्षेत्र के विकास को लेकर काफी उत्साहित हैं।
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के सुपरवीजन में गंगा एक्सप्रेस-वे का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। गंगा एक्सप्रेस-वे बनने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश, एनसीआर, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा से उत्तर प्रदेश होते हुए मध्य प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल जाने वालों के लिए एक हाई स्पीड कोरिडोर उपलब्ध हो जाएगा। यह एक्सप्रेस-वे सिक्स लेन का होगा। भविष्य में इसे 8 लेन तक बढ़ाया जा सकेगा। बताते हैं कि गंगा एक्सप्रेस-वे के विस्तार से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी को एक्सपोर्ट हब बनाने की योजना को प्रभावी रूप से लागू किया जा सकेगा। पूर्वांचल के जिलों का एनसीआर के साथ दिल्ली तक सड़क मार्ग से सीधा संपर्क स्थापित होगा। इससे कोलकाता से लेकर दिल्ली तक वाराणसी और प्रयागराज समेत प्रदेश की परिवहन व्यवस्था को मजबूत किया जा सकेगा।
विज्ञापन
तिलहर की तहसीलदार तृप्ति गुप्ता ने बताया कि इस एक्सप्रेस-वे में हरिद्वार से मेरठ, बुलंदशहर, हापुड़, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़, प्रयागराज होकर वाराणसी तक कई जिले शामिल हैं। शाहजहांपुर में तिलहर तहसील के 8 गांव, जलालाबाद के सर्वाधिक 28 गांव और सदर के 5 गांव शामिल हैं। बताया कि तिलहर तहसील में गांव घसा कल्याणपुर, रामपुर खादर, खेड़ाघसा उर्फ पृथ्वीपुर, रपाड़िया, खारम घसा, मथुरा, खमरिया और खिरिया रतन शामिल हैं। तिलहर तहसील के आठ गांव के लगभग 1200 से अधिक किसान लाभान्वित होंगे।
बकौल तहसीलदार सर्किल रेट की फाइल कमिश्नर को गत सप्ताह भेजी गई थी। वह स्वीकृत होकर आ गई है अब किसानों को सर्किल रेट से चार गुना अधिक का मूल्य मिलेगा। उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में गांव घसा कल्याणपुर, खेड़ा घसा और रपडिया गांव के सात किसानों की रजिस्ट्री कराने की तैयारी है। तहसील रजिस्ट्रार के यहां रजिस्ट्री होने के बाद संबंधित किसान की रजिस्ट्री और उसके बैंक खाते आदि कागजात जिला मुख्यालय के पास भेज दिए जाएंगे। वहीं से संबंधित किसानों के खाते में रुपये ट्रांसफर कर दिए जाएंगे।
विज्ञापन
यह एक्सप्रेस-वे शाहजहांपुर की तहसील तिलहर, जलालाबाद और सदर के 41 गांवों से होकर गुजरेगा। एक्सप्रेस-वे की दूरी पहले 594 किलोमीटर निर्धारित थी लेकिन अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे हरिद्वार से वाराणसी तक बनाना प्रस्तावित किया है। इसको लेकर अब इसकी दूरी 745 किलोमीटर होगी। इसके निर्माण की लागत 36,402 करोड़ रुपये तय की गई है। इस गंगा एक्सप्रेस-वे के बनने के बाद शाहजहांपुर के लोगों को हरिद्वार, प्रयागराज और बनारस तीर्थस्थलों पर जाने के लिए लगभग आधा सफर तय करना होगा। गंगा एक्सप्रेस-वे के निर्माण होने और सर्किल रेट चार गुना मिलने से क्षेत्रीय किसानों में खुशी की लहर है। वे क्षेत्र के विकास को लेकर काफी उत्साहित हैं।
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के सुपरवीजन में गंगा एक्सप्रेस-वे का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। गंगा एक्सप्रेस-वे बनने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश, एनसीआर, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा से उत्तर प्रदेश होते हुए मध्य प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल जाने वालों के लिए एक हाई स्पीड कोरिडोर उपलब्ध हो जाएगा। यह एक्सप्रेस-वे सिक्स लेन का होगा। भविष्य में इसे 8 लेन तक बढ़ाया जा सकेगा। बताते हैं कि गंगा एक्सप्रेस-वे के विस्तार से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी को एक्सपोर्ट हब बनाने की योजना को प्रभावी रूप से लागू किया जा सकेगा। पूर्वांचल के जिलों का एनसीआर के साथ दिल्ली तक सड़क मार्ग से सीधा संपर्क स्थापित होगा। इससे कोलकाता से लेकर दिल्ली तक वाराणसी और प्रयागराज समेत प्रदेश की परिवहन व्यवस्था को मजबूत किया जा सकेगा।
विज्ञापन
तिलहर की तहसीलदार तृप्ति गुप्ता ने बताया कि इस एक्सप्रेस-वे में हरिद्वार से मेरठ, बुलंदशहर, हापुड़, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़, प्रयागराज होकर वाराणसी तक कई जिले शामिल हैं। शाहजहांपुर में तिलहर तहसील के 8 गांव, जलालाबाद के सर्वाधिक 28 गांव और सदर के 5 गांव शामिल हैं। बताया कि तिलहर तहसील में गांव घसा कल्याणपुर, रामपुर खादर, खेड़ाघसा उर्फ पृथ्वीपुर, रपाड़िया, खारम घसा, मथुरा, खमरिया और खिरिया रतन शामिल हैं। तिलहर तहसील के आठ गांव के लगभग 1200 से अधिक किसान लाभान्वित होंगे।
बकौल तहसीलदार सर्किल रेट की फाइल कमिश्नर को गत सप्ताह भेजी गई थी। वह स्वीकृत होकर आ गई है अब किसानों को सर्किल रेट से चार गुना अधिक का मूल्य मिलेगा। उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में गांव घसा कल्याणपुर, खेड़ा घसा और रपडिया गांव के सात किसानों की रजिस्ट्री कराने की तैयारी है। तहसील रजिस्ट्रार के यहां रजिस्ट्री होने के बाद संबंधित किसान की रजिस्ट्री और उसके बैंक खाते आदि कागजात जिला मुख्यालय के पास भेज दिए जाएंगे। वहीं से संबंधित किसानों के खाते में रुपये ट्रांसफर कर दिए जाएंगे।