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प्रयोगशाला जांच में सोनपापड़ी पास, उसमें इस्तेमाल तेल हुआ फेल
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शाहजहांपुर। दिवाली पर छापे के दौरान फैक्टरी से बरामद सोनपापड़ी उसे बनाने वाले तेल की जांच में खेल हो गया। लखनऊ स्थित राजकीय प्रयोगशाला की जांच में सोनपापड़ी का सैंपल पास हो गया लेकिन जिस तेल से वह बनाई गई थी, उसका नमूना अधोमानक निकला। मूंगफली दाना के नमूने में भी कुछ ऐसा ही हुआ। इसके चलते खाद्य सुरक्षा विभाग के अभिहित अधिकारी ने यह दोनों सैंपल जांच के लिए अब दूसरे प्रदेश की प्रयोगशाला में भेजे हैं।
दिवाली से पहले अल्हागंज में कटरा-बिल्हौर हाईवे के किनारे एफएसडीए अधिकारियों ने सोनपापड़ी फैक्टरी पर छापा मारा था। वहां कई क्विंटल सोनपापड़ी, मैदा, रिफाइंड तेल, मिठाई पर चिपकाने के लिए मूंगफली दाना के रंगीन टुकड़े बरामद किए। बरामद सोनपापड़ी रामगंगा किनारे जमीन में गड़वाकर सभी नमूने जांच को राजकीय प्रयोगशाला भेज दिए। मगर पिछले दिनों जब रिपोर्ट आई तो एसफएसडीए के अधिकारी भी चौंक गए। जांच में सोनपापड़ी, रंगीन मूंगफली दाना का सैंपल पास हो गया लेकिन तेल अधोमानक निकला। अफसरों का कहना है कि अधोमानक तेल से बनी सोनपापड़ी का सैंपल पास होने से जांच पर सवाल उठ रहे हैं। इसी वजह से सोनपापड़ी और मूंगफली दाना के सैंपल दोबारा जांच के लिए दूसरे प्रदेश की लैब में भेजे हैं।
दिवाली पर दिल्ली में पकड़ी गई नकली जीरा फैक्टरी के संचालक और उसके कारिंदों के तार जलालाबाद से जुड़े निकले थे। फैक्टरी संचालक की तलाश मेें दिल्ली पुलिस ने जलालाबाद में दस्तक दी तो एसफएसडीए भी सक्रिय हो गया। एसफएसडीए ने याकूबपुर तिराहा के दो सौंफ गोदामों से दो नमूने लिए थे। दिसंबर के आखिरी सप्ताह में आई जांच रिपोर्ट में एक नमूना फेल हो गया, इसमें अखाद्य हरा रंग पाया गया है। मगर इस कारोबार से जुड़े लोगों की सत्ता में पकड़ होने के चलते अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
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सोनपापड़ी और रंगीन मूंगफली दाना के सैंपल पास होना संदेहास्पद है। इन दोनों ही सैंपल की दूसरे प्रदेश की लैब से जांच कराने को नमूने भेजे गए हैं।
- विजय कुमार वर्मा, अभिहीत अधिकारी, खाद्य सुरक्षा विभाग
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दिवाली से पहले अल्हागंज में कटरा-बिल्हौर हाईवे के किनारे एफएसडीए अधिकारियों ने सोनपापड़ी फैक्टरी पर छापा मारा था। वहां कई क्विंटल सोनपापड़ी, मैदा, रिफाइंड तेल, मिठाई पर चिपकाने के लिए मूंगफली दाना के रंगीन टुकड़े बरामद किए। बरामद सोनपापड़ी रामगंगा किनारे जमीन में गड़वाकर सभी नमूने जांच को राजकीय प्रयोगशाला भेज दिए। मगर पिछले दिनों जब रिपोर्ट आई तो एसफएसडीए के अधिकारी भी चौंक गए। जांच में सोनपापड़ी, रंगीन मूंगफली दाना का सैंपल पास हो गया लेकिन तेल अधोमानक निकला। अफसरों का कहना है कि अधोमानक तेल से बनी सोनपापड़ी का सैंपल पास होने से जांच पर सवाल उठ रहे हैं। इसी वजह से सोनपापड़ी और मूंगफली दाना के सैंपल दोबारा जांच के लिए दूसरे प्रदेश की लैब में भेजे हैं।
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दिवाली पर दिल्ली में पकड़ी गई नकली जीरा फैक्टरी के संचालक और उसके कारिंदों के तार जलालाबाद से जुड़े निकले थे। फैक्टरी संचालक की तलाश मेें दिल्ली पुलिस ने जलालाबाद में दस्तक दी तो एसफएसडीए भी सक्रिय हो गया। एसफएसडीए ने याकूबपुर तिराहा के दो सौंफ गोदामों से दो नमूने लिए थे। दिसंबर के आखिरी सप्ताह में आई जांच रिपोर्ट में एक नमूना फेल हो गया, इसमें अखाद्य हरा रंग पाया गया है। मगर इस कारोबार से जुड़े लोगों की सत्ता में पकड़ होने के चलते अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
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सोनपापड़ी और रंगीन मूंगफली दाना के सैंपल पास होना संदेहास्पद है। इन दोनों ही सैंपल की दूसरे प्रदेश की लैब से जांच कराने को नमूने भेजे गए हैं।
- विजय कुमार वर्मा, अभिहीत अधिकारी, खाद्य सुरक्षा विभाग