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चिन्मयानंद और छात्रा प्रकरण: फिरौती मांगने की आरोपी छात्रा और उसके दोस्त सीजेएम कोर्ट में हुए पेश
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शाहजहांपुर। छात्रा से दुष्कर्म के आरोपी पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री चिन्मयानंद से पांच करोड़ की फिरौती मांगने के मामले में आरोपी एलएलएम की छात्रा और उसके दोस्तों के खिलाफ शुरू हुए मुकदमे की पहली तारीख मंगलवार को सीजेएम कोर्ट में हुई। आरोपी छात्रा को पूर्वाह्न 11:45 बजे और उसके दोस्तों को शाम 3:30 बजे सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। अदालती कार्यवाही के तहत आरोपियों से हस्ताक्षर कराए गए। इसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। कोर्ट ने पेशी की अगली तारीख तीन दिसंबर तय की है। पेशी बाद पुलिस ने आरोपियों को ले जाकर जेल में दाखिल किया।
एलएलएम की छात्रा को जिला कारागार से पुलिस की गाड़ी में महिला बंदियों के साथ जजी कचहरी लाया गया। पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस कचहरी तिराहा के पास जजी कचहरी गेट के बाहर गाड़ी को रोका गया। वहां से दो महिला सिपाही छात्रा को पैदल सीजेएम कोर्ट तक ले गईं। कोर्ट में छह मिनट तक अदालती कार्यवाही चली। आखिर में पत्रावली पर छात्रा से हस्ताक्षर कराए गए। इसके बाद महिला कांस्टेबल छात्रा को लेकर कोर्ट से चलीं गईं। फिर पुलिस लाइंस से गाड़ी मंगाकर छात्रा को जेल लौटाया गया।
वहीं छात्रा के दोस्त संजय, सचिन, विक्रम को जेल से अन्य बंदियों के साथ पुलिस की गाड़ी से जजी कचहरी परिसर लाया गया। पेशी से पहले कचहरी परिसर में बनी हवालात में तीनों आरोपियों को अन्य बंदियों के साथ रखा गया। शाम करीब 3:30 बजे तीनों आरोपी संजय, सचिन और विक्रम को हवालात से निकालकर सीजेएम कोर्ट ले जाया गया। वहां पांच मिनट में अदालती कार्यवाही पूरी करने के साथ संजय, सचिन, विक्रम के हस्ताक्षर कराए गए। इसके बाद पुलिस ने तीनों को ले जाकर दोबारा हवालात में बंद कर दिया। वहां से तीनों शाम को बंदियों के साथ जेल में दाखिल किए गए। जेलर राजेश कुमार राय के मुताबिक आरोपी छात्रा को पेशी के बाद दोपहर लगभग 1:30 बजे जेल में दाखिल किया गया।
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उधर, मंगलवार को संजय, सचिन, विक्रम के वकील प्रमोद तिवारी ने कोर्ट से अभियोजन प्रपत्र की नकलें प्राप्त करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया। जिस पर बहस के बाद सीजेएम ने नकलें देने का आदेश दे दिया। चूंकि प्रमोद तिवारी आरोपी तीनों लड़कों के वकील हैं इसलिए प्रपत्रों के अलग-अलग सेट मांगे हैं।
छात्रा के बयानों की प्रति चिन्मयानंद को न देने को दिया प्रार्थना पत्र
आरोपी छात्रा के वकील कलविंदर सिंह की ओर से मंगलवार को सीजेएम कोर्ट में एक प्रार्थना पत्र दिया गया, जिसमें सीआरपीसी की धारा 164 के तहत लिए गए बयानों की प्रमाणित नकल चिन्मयानंद को न देने की गुजारिश की गई है। उन्होंने प्रार्थना पत्र के साथ उच्चतम न्यायालय के उस आदेश की कॉपी भी कोर्ट को दी, जिसमें छात्रा के बयानों की कॉपी न देने का आदेश उच्चतम न्यायालय की ओर से जारी किया था। वकील की ओर से कहा गया कि यदि 164 सीआरपीसी की नकल जारी करने के लिए कोई कार्यवाही लंबित हो तो रोकने की कृपा की जाए।
परीक्षा में शामिल होने की मांगी अनुमति
वकील कलविंदर की ओर से सीजेएम कोर्ट को प्रार्थना पत्र देकर बताया गया कि पीड़ित एलएलएम की छात्रा है। उसका प्रवेश एमजेपी रूहेलखंड विश्वविद्यालय बरेली में हो गया है। छात्रा न्यायिक अभिरक्षा में होने के कारण अपनी शिक्षा के लिए नियमित कक्षाओं में उपस्थित नहीं हो सकी है। इसलिए छात्रा को परीक्षा में शामिल होने के लिए कक्षा में 75 प्रतिशत की उपस्थिति अनिवार्यता में छूट देने का आदेश एमजेपी रूहेलखंड विश्वविद्यालय बरेली को दिया जाए। ताकि छात्रा को परीक्षा देने का अवसर मिल सके। छात्रा का दो वर्षीय एलएलएम का चौथा सेमेस्टर है। कोर्ट ने कहा कि यह क्षेत्राधिकार इस अदालत को प्राप्त नहीं है। प्रार्थना पत्र संधार्य नहीं है।
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एलएलएम की छात्रा को जिला कारागार से पुलिस की गाड़ी में महिला बंदियों के साथ जजी कचहरी लाया गया। पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस कचहरी तिराहा के पास जजी कचहरी गेट के बाहर गाड़ी को रोका गया। वहां से दो महिला सिपाही छात्रा को पैदल सीजेएम कोर्ट तक ले गईं। कोर्ट में छह मिनट तक अदालती कार्यवाही चली। आखिर में पत्रावली पर छात्रा से हस्ताक्षर कराए गए। इसके बाद महिला कांस्टेबल छात्रा को लेकर कोर्ट से चलीं गईं। फिर पुलिस लाइंस से गाड़ी मंगाकर छात्रा को जेल लौटाया गया।
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वहीं छात्रा के दोस्त संजय, सचिन, विक्रम को जेल से अन्य बंदियों के साथ पुलिस की गाड़ी से जजी कचहरी परिसर लाया गया। पेशी से पहले कचहरी परिसर में बनी हवालात में तीनों आरोपियों को अन्य बंदियों के साथ रखा गया। शाम करीब 3:30 बजे तीनों आरोपी संजय, सचिन और विक्रम को हवालात से निकालकर सीजेएम कोर्ट ले जाया गया। वहां पांच मिनट में अदालती कार्यवाही पूरी करने के साथ संजय, सचिन, विक्रम के हस्ताक्षर कराए गए। इसके बाद पुलिस ने तीनों को ले जाकर दोबारा हवालात में बंद कर दिया। वहां से तीनों शाम को बंदियों के साथ जेल में दाखिल किए गए। जेलर राजेश कुमार राय के मुताबिक आरोपी छात्रा को पेशी के बाद दोपहर लगभग 1:30 बजे जेल में दाखिल किया गया।
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उधर, मंगलवार को संजय, सचिन, विक्रम के वकील प्रमोद तिवारी ने कोर्ट से अभियोजन प्रपत्र की नकलें प्राप्त करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया। जिस पर बहस के बाद सीजेएम ने नकलें देने का आदेश दे दिया। चूंकि प्रमोद तिवारी आरोपी तीनों लड़कों के वकील हैं इसलिए प्रपत्रों के अलग-अलग सेट मांगे हैं।
छात्रा के बयानों की प्रति चिन्मयानंद को न देने को दिया प्रार्थना पत्र
आरोपी छात्रा के वकील कलविंदर सिंह की ओर से मंगलवार को सीजेएम कोर्ट में एक प्रार्थना पत्र दिया गया, जिसमें सीआरपीसी की धारा 164 के तहत लिए गए बयानों की प्रमाणित नकल चिन्मयानंद को न देने की गुजारिश की गई है। उन्होंने प्रार्थना पत्र के साथ उच्चतम न्यायालय के उस आदेश की कॉपी भी कोर्ट को दी, जिसमें छात्रा के बयानों की कॉपी न देने का आदेश उच्चतम न्यायालय की ओर से जारी किया था। वकील की ओर से कहा गया कि यदि 164 सीआरपीसी की नकल जारी करने के लिए कोई कार्यवाही लंबित हो तो रोकने की कृपा की जाए।
परीक्षा में शामिल होने की मांगी अनुमति
वकील कलविंदर की ओर से सीजेएम कोर्ट को प्रार्थना पत्र देकर बताया गया कि पीड़ित एलएलएम की छात्रा है। उसका प्रवेश एमजेपी रूहेलखंड विश्वविद्यालय बरेली में हो गया है। छात्रा न्यायिक अभिरक्षा में होने के कारण अपनी शिक्षा के लिए नियमित कक्षाओं में उपस्थित नहीं हो सकी है। इसलिए छात्रा को परीक्षा में शामिल होने के लिए कक्षा में 75 प्रतिशत की उपस्थिति अनिवार्यता में छूट देने का आदेश एमजेपी रूहेलखंड विश्वविद्यालय बरेली को दिया जाए। ताकि छात्रा को परीक्षा देने का अवसर मिल सके। छात्रा का दो वर्षीय एलएलएम का चौथा सेमेस्टर है। कोर्ट ने कहा कि यह क्षेत्राधिकार इस अदालत को प्राप्त नहीं है। प्रार्थना पत्र संधार्य नहीं है।