{"_id":"6952b7b683336bf1c40aa5a1","slug":"children-were-given-vitamin-a-supplements-to-protect-them-from-diseases-shahjahanpur-news-c-122-1-sbly1042-161686-2025-12-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: बच्चों को बीमारियों से बचाने के लिए विटामिन-ए की खुराक पिलाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: बच्चों को बीमारियों से बचाने के लिए विटामिन-ए की खुराक पिलाई
विज्ञापन
मोहल्ला गढ़ी गाड़ीपुरा में बच्चों को विटामिन-ए की खुराक पिलाते स्वास्थ्य कर्मी। स्रोत: स्वास्थ्
शाहजहांपुर। कुपोषण कम करने और रतौंधी समेत कई तरह की बीमारियों से बचाने वाली विटामिन-ए की खुराक बच्चों को पिलाने का अभियान शुरू कर दिया गया है। एक महीने तक बच्चों को दवा पिलाई जाएगी।
विटामिन-ए संपूर्ण कार्यक्रम के दूसरे चरण के शुरू में बच्चों को विटामिन-ए की खुराक पिलाई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की कार्यकर्ता बच्चों को घरों में जाकर दवा पिलाने में सहयोग कर रहीं हैं। नोडल अधिकारी डॉ. मोहम्मद आसिफ ने बताया कि नौ से 12 महीने तक के बच्चों को प्रथम डोज दी जाएगी। इसके तहत 48446 बच्चों को दवा पिलाई जाएगी।
दूसरी डोज एक साल से दो वर्ष के बच्चों को मिलेगी। इसमें 92557 बच्चे चिह्नित हैं। तीसरी डोज 297532 बच्चों को पिलाई जाएगी। यह छह माह से पांच वर्ष तक के बच्चों पिलाई जाती है। उन्होंने बताया कि विटामिन-ए के स्रोत के रूप में मां का दूध, गाजर, केला, अंडा, कलेजी, आम, पालक, पपीता है।
विज्ञापन
-
ये हैं विटामिन-ए के फायदे
-कुपोषण कम करता है और बच्चों के शारीरिक विकास में मदद करता है।
-रतौंधी जैसी आंखों की बीमारियों से बचाव होता है। आंख की परत की सुरक्षा करता है।
-दस्त और खसरा से होने वाली मृत्यु दर को कम करता है।
-बाल मृत्यु दर घटाने में मदद करता है। शरीर की बीमारियाें से लड़ने की क्षमता बढ़ती है।
विज्ञापन
विटामिन-ए संपूर्ण कार्यक्रम के दूसरे चरण के शुरू में बच्चों को विटामिन-ए की खुराक पिलाई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की कार्यकर्ता बच्चों को घरों में जाकर दवा पिलाने में सहयोग कर रहीं हैं। नोडल अधिकारी डॉ. मोहम्मद आसिफ ने बताया कि नौ से 12 महीने तक के बच्चों को प्रथम डोज दी जाएगी। इसके तहत 48446 बच्चों को दवा पिलाई जाएगी।
विज्ञापन
दूसरी डोज एक साल से दो वर्ष के बच्चों को मिलेगी। इसमें 92557 बच्चे चिह्नित हैं। तीसरी डोज 297532 बच्चों को पिलाई जाएगी। यह छह माह से पांच वर्ष तक के बच्चों पिलाई जाती है। उन्होंने बताया कि विटामिन-ए के स्रोत के रूप में मां का दूध, गाजर, केला, अंडा, कलेजी, आम, पालक, पपीता है।
विज्ञापन
-
ये हैं विटामिन-ए के फायदे
-कुपोषण कम करता है और बच्चों के शारीरिक विकास में मदद करता है।
-रतौंधी जैसी आंखों की बीमारियों से बचाव होता है। आंख की परत की सुरक्षा करता है।
-दस्त और खसरा से होने वाली मृत्यु दर को कम करता है।
-बाल मृत्यु दर घटाने में मदद करता है। शरीर की बीमारियाें से लड़ने की क्षमता बढ़ती है।