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नमी के कारण गिरी कच्ची दीवार, बालक की दबकर मौत
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रामकृपाल। फाइल फोटो
- फोटो : SHAHJAHANPUR
तिलहर (शाहजहांपुर)। गांव बरैंचा में बुधवार की सुबह मकान के बरामदे की कच्ची दीवार गिरने से नीचे दबकर एक बच्चा बुरी तरह घायल हो गया। परिजन ने मलबा हटाकर बच्चे को बाहर निकाला। इलाज के लिए अस्पताल ले जाते समय रास्ते में बच्चे की मौत हो गई।
तिलहर क्षेत्र के गांव बरैंचा निवासी रीतराम वर्मा का 12 वर्षीय बेटा रामकृपाल बुधवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे अपने घर के अंदर बरामदे में था। तभी बरामदे की कच्ची दीवार भरभराकर ढह गई। रामकृपाल दीवार के मलबे के नीचे दबकर बेहोश हो गया। घटना के समय उसका पिता रीतराम आटा चक्की पर था और परिवार के अन्य लोग घर के दूसरी ओर थे।
दीवार गिरने की आवाज सुनकर सभी लोग दौड़कर आए। दीवार के पास खून के छींटे देखकर परिजनों ने मलबा हटाकर बच्चे को बाहर निकाला। उसकी सांसें चलती देखकर परिजन उसे इलाज के लिए शाहजहांपुर लेकर आ रहे थे। रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। बताते हैं कि कच्ची दीवार के पास में घरेलू बर्तन धुले जाते हैं। संभवत पानी कच्ची दीवार में जाने से दीवार बैठ गई। रीतिराम के अब चार बेटे हैं। रामकृपाल की मां मीरा देवी और परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है।
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बच्चे की मौत की सूचना पर क्षेत्रीय लेखपाल ललित मोहन दोपहर करीब 3:30 बजे गांव पहुंचे और पीड़ित परिजन से घटना की जानकारी ली। ललित मोहन ने बताया कि वह अपनी रिपोर्ट तहसील प्रशासन को भेज रहे हैं।
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तिलहर क्षेत्र के गांव बरैंचा निवासी रीतराम वर्मा का 12 वर्षीय बेटा रामकृपाल बुधवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे अपने घर के अंदर बरामदे में था। तभी बरामदे की कच्ची दीवार भरभराकर ढह गई। रामकृपाल दीवार के मलबे के नीचे दबकर बेहोश हो गया। घटना के समय उसका पिता रीतराम आटा चक्की पर था और परिवार के अन्य लोग घर के दूसरी ओर थे।
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दीवार गिरने की आवाज सुनकर सभी लोग दौड़कर आए। दीवार के पास खून के छींटे देखकर परिजनों ने मलबा हटाकर बच्चे को बाहर निकाला। उसकी सांसें चलती देखकर परिजन उसे इलाज के लिए शाहजहांपुर लेकर आ रहे थे। रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। बताते हैं कि कच्ची दीवार के पास में घरेलू बर्तन धुले जाते हैं। संभवत पानी कच्ची दीवार में जाने से दीवार बैठ गई। रीतिराम के अब चार बेटे हैं। रामकृपाल की मां मीरा देवी और परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है।
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बच्चे की मौत की सूचना पर क्षेत्रीय लेखपाल ललित मोहन दोपहर करीब 3:30 बजे गांव पहुंचे और पीड़ित परिजन से घटना की जानकारी ली। ललित मोहन ने बताया कि वह अपनी रिपोर्ट तहसील प्रशासन को भेज रहे हैं।