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मिलावट में लिप्त सात विक्रेताओं पर एफएसडीए ने दायर किए मुकदमे
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शाहजहांपुर। खान-पान की वस्तुओं में मिलावट की रोकथाम के लिए कुछ माह पूर्व जिन वस्तुओं के नमूने लिए गए थे, उनमें से सात नमूने राजकीय जन विश्लेषक प्रयोगशाला में फेल हो गए थे। जांच रिपोर्ट में दूध और पनीर के नमूने मिलावटी पाए जाने के कारण अधोमानक बताए जाने पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफएसडीए) ने संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ विभाग के न्याय निर्णायक अधिकारी/एडीएम प्रशासन के न्यायालय में मंगलवार को मुकदमे दायर करा दिए। इन पर अधिकतम दो लाख रुपये का जुर्माना हो सकता है।
एफएसडीए के अभिहीत अधिकारी विजय कुमार वर्मा ने बताया कि निगोही क्षेत्र के गांव पचदेवरा निवासी सोनू से दूध, शहर के मोहल्ला चमकनी गाड़ीपुरा निवासी मुश्ताक से पनीर, गुर्री (रोजा) क्षेत्र के गांव जहानपुर निवासी दयाशंकर से दूध, सदर बाजार क्षेत्र में कृष्णानगर कॉलोनी निवासी आदित्य व चमकनी के गुरजीत से पनीर, सिंधौली क्षेत्र के गांव काजीपुर तेरा निवासी रफ्फन खां से दूध, शहर के मोहल्ला चमकनी निवासी गुरजीत बग्गा से पनीर और फर्रुखाबाद के अमृतपुर थानांतर्गत गांव करनापुर निवासी सत्येंद्र सिंह से दूध के नमूने लिए गए थे। उन्होंने बताया कि दूध के सभी नमूने जांच में मिश्रित पाए गए, जिनमें चिकनाई निकालकर पानी की मिलावट का संदेह जताया है। इसी तरह पनीर के नमूने भी विभिन्न कमियों के कारण अधोमानक प्रमाणित हुए हैं। इन पर एडीएम प्रशासन के न्यायालय में सुनवाई होगी, जिसमें इन लोगों पर अधिकतम दो लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
वर्जन
जो मुकदमे दायर कराए गए हैं, उनमें से एक मुकदमे में दो प्रतिवादी बनाए गए हैं। उन्होंने बताया कि एक मुकदमे में प्रतिवादी रफ्फन खां वही दूध विक्रेता है, जिसे शहर के लोगों ने एक पशु की नांद से पानी भरकर दूध के कंटेनर में मिलाते हुए पकड़ा था। सभी विक्रेताओं के खिलाफ भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 51 और 58 के तहत वाद दायर किए गए हैं और उन पर अधिकतम दो लाख रुपये जुर्माना होना तय है।
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-विजय कुमार वर्मा,
अभिहीत अधिकारी, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग
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एफएसडीए के अभिहीत अधिकारी विजय कुमार वर्मा ने बताया कि निगोही क्षेत्र के गांव पचदेवरा निवासी सोनू से दूध, शहर के मोहल्ला चमकनी गाड़ीपुरा निवासी मुश्ताक से पनीर, गुर्री (रोजा) क्षेत्र के गांव जहानपुर निवासी दयाशंकर से दूध, सदर बाजार क्षेत्र में कृष्णानगर कॉलोनी निवासी आदित्य व चमकनी के गुरजीत से पनीर, सिंधौली क्षेत्र के गांव काजीपुर तेरा निवासी रफ्फन खां से दूध, शहर के मोहल्ला चमकनी निवासी गुरजीत बग्गा से पनीर और फर्रुखाबाद के अमृतपुर थानांतर्गत गांव करनापुर निवासी सत्येंद्र सिंह से दूध के नमूने लिए गए थे। उन्होंने बताया कि दूध के सभी नमूने जांच में मिश्रित पाए गए, जिनमें चिकनाई निकालकर पानी की मिलावट का संदेह जताया है। इसी तरह पनीर के नमूने भी विभिन्न कमियों के कारण अधोमानक प्रमाणित हुए हैं। इन पर एडीएम प्रशासन के न्यायालय में सुनवाई होगी, जिसमें इन लोगों पर अधिकतम दो लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
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जो मुकदमे दायर कराए गए हैं, उनमें से एक मुकदमे में दो प्रतिवादी बनाए गए हैं। उन्होंने बताया कि एक मुकदमे में प्रतिवादी रफ्फन खां वही दूध विक्रेता है, जिसे शहर के लोगों ने एक पशु की नांद से पानी भरकर दूध के कंटेनर में मिलाते हुए पकड़ा था। सभी विक्रेताओं के खिलाफ भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 51 और 58 के तहत वाद दायर किए गए हैं और उन पर अधिकतम दो लाख रुपये जुर्माना होना तय है।
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-विजय कुमार वर्मा,
अभिहीत अधिकारी, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग