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दरार-पर-दरार लेकिन पुल बरकरार!

Sun, 23 Aug 2015 11:34 PM IST
पुवायां।
पुवायां। Updated Sun, 23 Aug 2015 11:34 PM IST
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But intact bridge over the crack-crack!
क्षेत्र में भैंसी नदी पर बंडा और खुटार रोड पर बने जर्जर पुलों के पिलर बेहद खराब हालत में हैं। ऐसे में इस पुल से गुजरने वाले भारी वाहनों से हादसे का खतरा मंडरा रहा है। क्षेत्र की जनता की तमाम बार मांग के बाद भी विभाग और जनप्रतिनिधियों की ओर से नदी पर बनने वाले नए पुलों के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।
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बता दें कि खुटार मार्ग पर भैंसी नदी के पुल के जर्जर होने के कारण हर वर्ष मरम्मत की जाती है। जिस कारण शाहजहांपुर से खुटार, मैलानी, भीरा, पलिया, पूरनपुर जाने वाले वाहन बंडा होकर जाते है। कई दिनों तक मरम्मत होने से राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। वर्ष 2014 में इस पुल पर भारी वाहनों का प्रवेश वर्जित होने का बोर्ड भी लगाया गया था और कुछ दिन बाद मरम्मत करके उसे हटा लिया गया। पुवायां की चीनी मिल में मुख्यमंत्री के आने के समय इस पुल पर सड़क बनाई गई जो 24 घंटे में ही उखड़ गई। इसके बाद लकड़ी के पटलों पर पत्थर और मिट्टी डालकर काम चलाया जा रहा है। पीडब्लूडी विभाग के दो कर्मचारी रोजाना पुल पर काम करते देखे जा सकते हैं।
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उधर बंडा मार्ग पर भैंसी नदी का पुल तो बेहद जर्जर हालत में हैं। इस पुल के कई पटले तो नीचे धंस गए हैं। जहां पर गड्ढा हो जाता है तो उसे मिट्टी डालकर पाट दिया जाता है। उसे नीचे से सही करने की जरूरत नहीं समझी जाती है। इसके अलावा इस पुल के पिलर भी जर्जर हो गए हैं और कुछ की तो ईंटें तक निकलकर गिरने लगी है। इतने जर्जर पुल से विभागीय अधिकारी और जनप्रतिनिधि ऊपर से निकल जाते है, लेकिन नीचे से पुल की हालत देखने की जहमत कोई नहीं उठाता है।
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क्या हुआ तेरा वादा!
पुवायां। इन जर्जर पुलों की सुध वैसे तो कोई लेने वाला नहीं है, लेकिन चुनाव के समय नेताओं को पुलों का पूरा ख्याल रहता है। हर पार्टी का नेता जनसभाओं में मंच से भैंसी नदी के पुलों को बनवाने की हामी भरता रहा है, लेकिन तमाम चुनाव आए और बीत गए, लेकिन पुलों पर किसी की भी नजरें इनायत नहीं हो सकी है। इससे क्षेत्रीय जनता के बीच जनप्रतिनिधियों की वादा खिलाफी को लेकर तमाम तरह की चर्चाएं हैं।
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