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बजट : किसी के लिए बेहतर तो किसी के हाथ लगी निराशा
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अतुल गुप्ता, वरिष्ठ नागरिक
शाहजहांपुर। वित्त मंत्री ने रविवार को आम बजट पेश किया। इसमें कई सेक्टर के लिए घोषणा की गईं, लेकिन काफी वर्ग के हाथ खाली रह गए। केंद्रीय बजट को लेकर लोगों ने अपनी मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है। किसी ने बजट को बेहतर और जन उपयोगी बताया तो कुछ को निराशा हाथ लगी है।
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बजट से जागी उम्मीद
बजट से देशवासियों की उम्मीद जगी है। इसमें रोजगार बढ़ाने, किसानों की मदद, शिक्षा और स्वास्थ्य को और बेहतर बनाने महिला सशक्तीकरण, सड़क-रेल जैसी बुनियादी सुविधाओं का ध्यान रखा गया है। भारत नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है।
- अरुण सागर, लोकसभा सांसद
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पेंशनरों के हाथ लगी निराशा
पेंशनर के लिए बजट में काेई खास प्रावधान नहीं किया है। आठवें वेतन आयोग, आयकर स्लैब में बदलाव और वरिष्ठ नागरिकों को रेल किराये में छूट बहाल करने समेत कई मुद्दों पर उम्मीद थी, लेकिन निराशा हाथ लगी है।
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-अतुल गुप्ता, जिला संयोजक, संयुक्त पेंशनर्स कल्याण समिति
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दिव्यांग कर्मी निराश
नया कर टैक्स रिजीम दिव्यांग कर्मचारियों के लिए निराशाजनक है। पहले 80 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता पर 80 यू और 80 डीडी के तहत 1,25,000 की छूट मिलती थी, जो अब नहीं है। दिव्यांगों को राहत देते हुए छूट को ढाई लाख किया जाए।
- अमन सक्सेना, महासचिव, अखिल उत्तर प्रदेश बधिर संस्था
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दवा को सस्ता करना सही निर्णय
कैंसर और डायबिटीज की दवा सस्ता करने का निर्णय सराहनीय है। मध्यमवर्गीय लोगों की तरफ भी सरकार को ध्यान देना चाहिए था। महंगाई पर नियंत्रण करने के लिए प्रयास भी किए जाते हैं। कर स्लैब में परिवर्तन की जरूरत थी।
- डॉ.आंचल कौशल, चिकित्सक
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स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी मजबूती
बजट में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है। चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार और स्वास्थ्य ढांचे के सुदृढ़ीकरण से आम जनता को बेहतर उपचार उपलब्ध होगा। चिकित्सा क्षेत्र में कार्यरत लोगों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
- डॉ. मनोज अग्रवाल, तिलहर
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जमीन से जुड़ी जरूरतों का रखा ध्यान
बजट में महिलाओं के लिए प्रावधान जमीन से जुड़ी जरूरतों को ध्यान में रखकर किए गए हैं। लखपति दीदी, शी-मार्ट जैसी योजनाएं महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक होंगी। गर्ल्स हॉस्टल की घोषणा से बेटियों की शिक्षा को मजबूती मिलेगी।
-स्वाति सिंह, अध्यक्ष, भोर फाउंडेशन
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औद्योगिक क्षेत्र को बढ़ावा
केंद्रीय बजट में निर्माण उद्योग और ऑटोमोबाइल के क्षेत्र की घोषणाएं स्वागत योग्य हैं। इन क्षेत्रों में निवेश और औद्योगिक विस्तार को बढ़ावा मिलने की संभावना है। कुछ सेक्टर्स में विशिष्ट प्रोत्साहन के लिए आगे कदम उठाने की आवश्यकता है।
- शुभम खन्ना, केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य-आईआईए
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विशेषज्ञ टिप्पणी...
रोजगारपरक शिक्षा की ओर ले जाएगा बजट
बजट में शिक्षा, रोजगार और कृषि पर विशेष ध्यान दिया गया है। शिक्षा क्षेत्र में पिछले वर्ष से लगभग 8.27 प्रतिशत से अधिक धनराशि बढ़ाने से कॉलेजों में विद्यार्थियों को रोजगार, कौशल क्षमता को बढ़ावा मिलेगा। विश्वविद्यालय टाउनशिप जैसी योजनाएं शिक्षा और उद्योग के बीच समन्वय बनाएंगे। विकसित और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे ले जाएगा।
-डॉ.रामशंकर पांडेय, असिस्टेंट प्रोफेसर, अर्थशास्त्र विभाग एसएस कॉलेज
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बजट में कोई खास प्रावधान नहीं
बजट में कोई खास प्रावधान नहीं किया गया है। विदेशों का रुपया निर्माण इकाइयों के बजाय शेयर बाजार के लिए आ रहा है। जब तक निर्माण इकाइयों के लिए रुपया नहीं आएगा, रुपये के गिरने की स्थिति नहीं थमेगी। घाटा बढ़ रहा है। इससे महंगाई और ब्याज की दरें बढ़ेंगी। अपना रुपया और कमजोर होगा। रुपये को नियंत्रित करने के लिए ठोस कार्ययोजना की जरूरत है।
-संजय सक्सेना, सीए
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बजट से जागी उम्मीद
बजट से देशवासियों की उम्मीद जगी है। इसमें रोजगार बढ़ाने, किसानों की मदद, शिक्षा और स्वास्थ्य को और बेहतर बनाने महिला सशक्तीकरण, सड़क-रेल जैसी बुनियादी सुविधाओं का ध्यान रखा गया है। भारत नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है।
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- अरुण सागर, लोकसभा सांसद
पेंशनरों के हाथ लगी निराशा
पेंशनर के लिए बजट में काेई खास प्रावधान नहीं किया है। आठवें वेतन आयोग, आयकर स्लैब में बदलाव और वरिष्ठ नागरिकों को रेल किराये में छूट बहाल करने समेत कई मुद्दों पर उम्मीद थी, लेकिन निराशा हाथ लगी है।
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-अतुल गुप्ता, जिला संयोजक, संयुक्त पेंशनर्स कल्याण समिति
दिव्यांग कर्मी निराश
नया कर टैक्स रिजीम दिव्यांग कर्मचारियों के लिए निराशाजनक है। पहले 80 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता पर 80 यू और 80 डीडी के तहत 1,25,000 की छूट मिलती थी, जो अब नहीं है। दिव्यांगों को राहत देते हुए छूट को ढाई लाख किया जाए।
- अमन सक्सेना, महासचिव, अखिल उत्तर प्रदेश बधिर संस्था
दवा को सस्ता करना सही निर्णय
कैंसर और डायबिटीज की दवा सस्ता करने का निर्णय सराहनीय है। मध्यमवर्गीय लोगों की तरफ भी सरकार को ध्यान देना चाहिए था। महंगाई पर नियंत्रण करने के लिए प्रयास भी किए जाते हैं। कर स्लैब में परिवर्तन की जरूरत थी।
- डॉ.आंचल कौशल, चिकित्सक
स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी मजबूती
बजट में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है। चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार और स्वास्थ्य ढांचे के सुदृढ़ीकरण से आम जनता को बेहतर उपचार उपलब्ध होगा। चिकित्सा क्षेत्र में कार्यरत लोगों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
- डॉ. मनोज अग्रवाल, तिलहर
जमीन से जुड़ी जरूरतों का रखा ध्यान
बजट में महिलाओं के लिए प्रावधान जमीन से जुड़ी जरूरतों को ध्यान में रखकर किए गए हैं। लखपति दीदी, शी-मार्ट जैसी योजनाएं महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक होंगी। गर्ल्स हॉस्टल की घोषणा से बेटियों की शिक्षा को मजबूती मिलेगी।
-स्वाति सिंह, अध्यक्ष, भोर फाउंडेशन
औद्योगिक क्षेत्र को बढ़ावा
केंद्रीय बजट में निर्माण उद्योग और ऑटोमोबाइल के क्षेत्र की घोषणाएं स्वागत योग्य हैं। इन क्षेत्रों में निवेश और औद्योगिक विस्तार को बढ़ावा मिलने की संभावना है। कुछ सेक्टर्स में विशिष्ट प्रोत्साहन के लिए आगे कदम उठाने की आवश्यकता है।
- शुभम खन्ना, केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य-आईआईए
विशेषज्ञ टिप्पणी...
रोजगारपरक शिक्षा की ओर ले जाएगा बजट
बजट में शिक्षा, रोजगार और कृषि पर विशेष ध्यान दिया गया है। शिक्षा क्षेत्र में पिछले वर्ष से लगभग 8.27 प्रतिशत से अधिक धनराशि बढ़ाने से कॉलेजों में विद्यार्थियों को रोजगार, कौशल क्षमता को बढ़ावा मिलेगा। विश्वविद्यालय टाउनशिप जैसी योजनाएं शिक्षा और उद्योग के बीच समन्वय बनाएंगे। विकसित और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे ले जाएगा।
-डॉ.रामशंकर पांडेय, असिस्टेंट प्रोफेसर, अर्थशास्त्र विभाग एसएस कॉलेज
बजट में कोई खास प्रावधान नहीं
बजट में कोई खास प्रावधान नहीं किया गया है। विदेशों का रुपया निर्माण इकाइयों के बजाय शेयर बाजार के लिए आ रहा है। जब तक निर्माण इकाइयों के लिए रुपया नहीं आएगा, रुपये के गिरने की स्थिति नहीं थमेगी। घाटा बढ़ रहा है। इससे महंगाई और ब्याज की दरें बढ़ेंगी। अपना रुपया और कमजोर होगा। रुपये को नियंत्रित करने के लिए ठोस कार्ययोजना की जरूरत है।
-संजय सक्सेना, सीए

अतुल गुप्ता, वरिष्ठ नागरिक

अतुल गुप्ता, वरिष्ठ नागरिक

अतुल गुप्ता, वरिष्ठ नागरिक

अतुल गुप्ता, वरिष्ठ नागरिक

अतुल गुप्ता, वरिष्ठ नागरिक

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अतुल गुप्ता, वरिष्ठ नागरिक

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