फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   Brother hugged the neck so Rund

भाई से गले मिले तो रूंध गए गले

Sun, 25 Oct 2015 12:13 AM IST
शाहजहांपुर
शाहजहांपुर Updated Sun, 25 Oct 2015 12:13 AM IST
विज्ञापन
Brother hugged the neck so Rund
भाइयों का प्रेम देखने के लिए शनिवार को चौक में हजारों नर-नारियों की भीड़ उमड़ी। अवसर था चौदह वर्षों का वनवास काटने के बाद भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और माता सीता के अयोध्या लौटने का। शुक्रवार को रामलीला मैदान से शुरू हुई शोभायात्रा नगर का भ्रमण करते हुए सुबह तड़के चौक पहुंच गई। यहां भरत मिलाप देखने और प्रभु राम के दर्शन के लिए हजारों की भीड़ जुटी। ग्रामीण अंचल से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। इन लोगों ने सड़क किनारे ही दुकानों के चबूतरों पर रात बिताई। सुबह जैसे ही हनुमान जी ने अयोध्या में भरत को राम, लक्ष्मण और माता सीता के लौटने की सूचना दी, वैसे ही भरत और शत्रुघ्न बड़े भइया से मिलने के लिए नंगे पैर दौड़ पड़े। चारों भाई एक-दूसरे से गले मिले तो उनके गले रूंध गए और सभी की आंखें भर आईं। भाइयों का प्यार देखकर हजारों नर-नारियों की भी आंखें छलछला उठीं। जय-जयकार के बीच श्रद्धालुओं ने चारों भाइयों पर पुष्पवर्षा की। इसके बाद नंगू लाल मंदिर में आरती कर प्रसाद बांटा गया। यहां से राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और सीता जी वीर हनुमान के साथ क्षेत्र के सभी मंदिरों और परंपरानुसार श्रद्धालुओं के आवास पर ले जाए गए, वहां आरती कर भोग लगाया गया। गली-गली सभी को दर्शन देने केे बाद शोभायात्रा का विसर्जन भोलागंज में राम-जानकी मंदिर में किया गया।
विज्ञापन

व्यवस्था में समिति अध्यक्ष निर्भय चंद्र सेठ, संरक्षक विधायक सुरेश खन्ना, मेला निर्देशक कृष्ण मोहन शर्मा, महेश श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष राज कुमार अग्रवाल और वीरेंद्र पाल सिंह यादव, सुरेश सिंघल, नरेंद्र गुरु, राम मोहन वर्मा, जवाहर रस्तोगी, मनोज त्रिपाठी, मनोज खन्ना, मनोज शर्मा गोपाल, अखिल टंडन, प्रदीप मेहरोत्रा, विनोद अग्रवाल, राकेश मेहरोत्रा, मोतीलाल प्रजापति, अजय खन्ना, राजीव खन्ना, अजय शर्मा, सुरेंद्र सिंह सेठ, सुधीर गुप्ता, वेद प्रकाश मौर्य, शिवम वर्मा आदि का सहयोग रहा।
विज्ञापन


राजगद्दी शोभायात्रा में हुई लिल्ली घोड़ी की वापसी
कुछ दशक पहले अक्सर बारातों की शोभा बनने वाली लिल्ली घोड़ी का जमाना शायद लौट आया है। इस बार राजगद्दी शोभायात्रा में लिल्ली घोड़ी देखकर लोगों को ऐसा ही महसूस हुआ। लिल्ली घोड़ी के साथ उसके सवार सुमित कश्यप ने बाकायदा शोभायात्रा भर पूरी रात साथ दिया और भरत मिलाप के बाद वह श्रीराम दरबार के आगे बैंड की धुन पर नृत्य करते हुए श्रीराम जी की सवारी के साथ अंत तक रहा। लिल्ली घोड़ी देखकर शहरवासी ही बल्कि गांव वाले भी बहुत खुश हुए। 
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed