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सोशल मीडिया से जुटा रहे रक्त, बचा रहे दूसरों का जीवन
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इब्तिदा वेलफेयर सोसाइटी के सदस्य रक्तदान करते हुए
- फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। इब्तिदा वेलफेयर सोसायटी की ओर से फेसबुक पर शाहजहांपुर एक्सप्रेस पेज चलाया जाता है। पेज पर किसी जरूरतमंद की ओर से ब्लड मांगे जाने पर तत्काल ग्रुप के सदस्य रक्तदान करने पहुंच जाते हैं। सोसाइटी का गठन वर्ष 2018 में हुआ था। लोधीपुर निवासी सैफ ने पांच बार रक्तदान किया। वह अभी 12वीं पास हुए हैं। टीम की सबसे बड़ी मजबूती समाज का सहयोग भी है।
अगर टीम के पास कोई ब्लड की मांग आती तो वो व्हाट्सएप ग्रुप में शेयर किया जाता है। इसमें जुड़े सदस्य मदद को आगे आते थे। अगर फिर भी न बात बन पाती तो यह मैसेज सोशल मीडिया पर वायरल किया जाता था। इसके माध्यम से इंसानियत से जुड़े लोग मदद को आगे आ जाते थे। पांच-छह सौ बार टीम ने लोगों को जरूरत पर रक्त मुहैया कराया है।
इस्लामिया इंटर कॉलेज के शिक्षक फैसल रियाज बताते हैं कि इस टीम के कार्य को देखते हुए वो 2020 में जुड़ गए थे। उनके पढ़ाए हुए कई विद्यार्थी व दोस्तों ने इस रक्तदान में हिस्सा लिया और अभी भी लेते रहते हैं। फैसल बताते हैं कि अप्रैल 2021 में उनके पास एक केस आया, जिसमें बच्ची को ब्लड कैंसर था। इलाज मुंबई में होना था और फ्लाइट बंद थी। घर वालों ने जब उनसे संपर्क किया तो ग्रुप में अपडेट कर दिया। सोशल मीडिया पर जब लोगों ने पोस्ट देखी तो तमाम लोग पूरे महीने बच्ची के लिए रक्तदान करने पहुंचे। आज उस बच्ची का इलाज मुंबई में चल रहा है।
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टीम है भंग, होगा पुनर्गठन
रियाज ने बताया कि टीम फिलहाल भंग है, लेकिन जल्द ही टीम गठित की जाएगी। उनका कहना कि टीम तो कार्य अभी भी कर रही, जब जिसको जरूरत होती याद करता और उसको रक्त का प्रबंध किया जाता। लेकिन पुन: गठन होना बाकी है। शुरुआत में इसके जिलाध्यक्ष अजान खां, उपाध्यक्ष फाजिल खान, नगराध्यक्ष अहमद सफवान, महासचिव रेहान खान थे। महिला विंग जिलाध्यक्ष काजल यादव रहीं थीं।
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अगर टीम के पास कोई ब्लड की मांग आती तो वो व्हाट्सएप ग्रुप में शेयर किया जाता है। इसमें जुड़े सदस्य मदद को आगे आते थे। अगर फिर भी न बात बन पाती तो यह मैसेज सोशल मीडिया पर वायरल किया जाता था। इसके माध्यम से इंसानियत से जुड़े लोग मदद को आगे आ जाते थे। पांच-छह सौ बार टीम ने लोगों को जरूरत पर रक्त मुहैया कराया है।
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इस्लामिया इंटर कॉलेज के शिक्षक फैसल रियाज बताते हैं कि इस टीम के कार्य को देखते हुए वो 2020 में जुड़ गए थे। उनके पढ़ाए हुए कई विद्यार्थी व दोस्तों ने इस रक्तदान में हिस्सा लिया और अभी भी लेते रहते हैं। फैसल बताते हैं कि अप्रैल 2021 में उनके पास एक केस आया, जिसमें बच्ची को ब्लड कैंसर था। इलाज मुंबई में होना था और फ्लाइट बंद थी। घर वालों ने जब उनसे संपर्क किया तो ग्रुप में अपडेट कर दिया। सोशल मीडिया पर जब लोगों ने पोस्ट देखी तो तमाम लोग पूरे महीने बच्ची के लिए रक्तदान करने पहुंचे। आज उस बच्ची का इलाज मुंबई में चल रहा है।
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टीम है भंग, होगा पुनर्गठन
रियाज ने बताया कि टीम फिलहाल भंग है, लेकिन जल्द ही टीम गठित की जाएगी। उनका कहना कि टीम तो कार्य अभी भी कर रही, जब जिसको जरूरत होती याद करता और उसको रक्त का प्रबंध किया जाता। लेकिन पुन: गठन होना बाकी है। शुरुआत में इसके जिलाध्यक्ष अजान खां, उपाध्यक्ष फाजिल खान, नगराध्यक्ष अहमद सफवान, महासचिव रेहान खान थे। महिला विंग जिलाध्यक्ष काजल यादव रहीं थीं।