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प्याज की जमाखोरी व मुनाफाखोरी रोकने को चलेगा छापामार अभियान, तहसीलवार टीमों का गठन
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शाहजहांपुर। प्याज की बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए थोक व फुटकर विक्रेताओं के लिए भंडारण की सीमा तय करने के साथ ही जमाखोरी और मुनाफाखोरी को खत्म करने के लिए अभियान चलाकर छापे मारे जाएंगे, इसके लिए तहसीलवार पांच टीमों का गठन कर दिया गया है।
जिला पूर्ति अधिकारी पूरन सिंह ने बताया कि शासनादेश के मुताबिक अब थोक विक्रेता 50 और फुटकर विक्रेता 10 मीट्रिक टन प्याज का ही भंडारण कर सकेंगे। इससे अधिक प्याज रखना जमाखोरी और मुनाफाखोरी माना जाएगा। इस पर अंकुश लगाने के लिए अभियान चलाकर छापे मारे जाएंगे। डीएम इंद्र विक्रम सिंह के निर्देश पर पांच टीमों का गठन किया गया है, जिनका नेतृत्व संबंधित तहसीलों के एसडीएम करेंगे। सदर तहसील की टीम में एसडीएम सदर, जिला खाद्य एव विपणन अधिकारी, क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी, मंडी सचिव रोजा शामिल है। तिलहर, पुवायां, कलान और जलालाबाद तहसील की टीमों में संबंधित एसडीएम, विपणन निरीक्षक, पूर्ति निरीक्षक और मंडी सचिव रहेंगे। यह टीमें व्यापारियों के प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर रोजाना रिपोर्ट देगी।
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जिला पूर्ति अधिकारी पूरन सिंह ने बताया कि शासनादेश के मुताबिक अब थोक विक्रेता 50 और फुटकर विक्रेता 10 मीट्रिक टन प्याज का ही भंडारण कर सकेंगे। इससे अधिक प्याज रखना जमाखोरी और मुनाफाखोरी माना जाएगा। इस पर अंकुश लगाने के लिए अभियान चलाकर छापे मारे जाएंगे। डीएम इंद्र विक्रम सिंह के निर्देश पर पांच टीमों का गठन किया गया है, जिनका नेतृत्व संबंधित तहसीलों के एसडीएम करेंगे। सदर तहसील की टीम में एसडीएम सदर, जिला खाद्य एव विपणन अधिकारी, क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी, मंडी सचिव रोजा शामिल है। तिलहर, पुवायां, कलान और जलालाबाद तहसील की टीमों में संबंधित एसडीएम, विपणन निरीक्षक, पूर्ति निरीक्षक और मंडी सचिव रहेंगे। यह टीमें व्यापारियों के प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर रोजाना रिपोर्ट देगी।
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