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लखीमपुर खीरी हिंसा: भाकियू अध्यक्ष चढ़ूनी बोले- केंद्रीय गृह राज्यमंत्री का इस्तीफा और उनके बेटे की हो गिरफ्तारी
Thu, 07 Oct 2021 03:21 PM IST
प्राची प्रियम
संवाद न्यूज एजेंसी, खुटार (शाहजहांपुर)
संवाद न्यूज एजेंसी, खुटार (शाहजहांपुर)
Published by: प्राची प्रियम
Updated Thu, 07 Oct 2021 03:21 PM IST
सार
किसान नेता ने कहा कि प्रदेश सरकार जितना प्रयास लोगों को मौके पर जाने से रोकने में कर रही है, उतना आरोपियों को गिरफ्तार करने में करती तो आरोपी जेल में होते, लेकिन पुलिस जांच-जांच का खेल खेल रही है।
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भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी गुट) के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी गुट) के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा कि केंद्र सरकार को केंद्रीय गृह राज्यमंत्री का तत्काल इस्तीफा लेना चाहिए और पुलिस को मंत्री पुत्र सहित सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर जेल भेजना चाहिए। लखीमपुर से पीलीभीत जाते समय गुरुवार सुबह करीब 11 बजे गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने खुटार के लौहंगापुर गुरुद्वारे में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में गुंडाराज चरम पर है।
लखीमपुर की घटना जलियांवाला बाग जैसी घटना है। घटना के बाद सरकार ने इंटरनेट सेवा बंद करा दी, जिससे घटना की सत्यता लोगों को पता न लग सके, लेकिन अब जो वीडियो सामने आ रहे हैं उसमें साफ दिख रहा है कि किसान शांतिपूर्ण धरने को जा रहे थे। किसानों पर पीछे से गाड़ी चढ़ा दी गई।
किसान नेता ने कहा कि उनको दो दिन तक मौके पर जाने नहीं दिया गया। वह वेश बदलकर और गाड़ियां बदलकर लखीमपुर पहुंच सके। प्रदेश सरकार जितना प्रयास लोगों को मौके पर जाने से रोकने में कर रही है, उतना आरोपियों को गिरफ्तार करने में करती तो आरोपी जेल में होते, लेकिन पुलिस जांच-जांच का खेल खेल रही है।
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पीड़ित परिवारों से जो मिलना चाहता है उसे मिलने नहीं दिया जाता है। उन्होंने कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर विचार कर आगे की रणनीति तय की जाएगी। गुरनाम सिंह चढ़ूनी के साथ प्रदेश अध्यक्ष गुरुसेवक सिंह, जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह गिल, तरविंदर सिंह मोमी, जसप्रीत सिंह, सुधीर ठाकर सहित तमाम किसान नेता मौजूद रहे।
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लखीमपुर की घटना जलियांवाला बाग जैसी घटना है। घटना के बाद सरकार ने इंटरनेट सेवा बंद करा दी, जिससे घटना की सत्यता लोगों को पता न लग सके, लेकिन अब जो वीडियो सामने आ रहे हैं उसमें साफ दिख रहा है कि किसान शांतिपूर्ण धरने को जा रहे थे। किसानों पर पीछे से गाड़ी चढ़ा दी गई।
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किसान नेता ने कहा कि उनको दो दिन तक मौके पर जाने नहीं दिया गया। वह वेश बदलकर और गाड़ियां बदलकर लखीमपुर पहुंच सके। प्रदेश सरकार जितना प्रयास लोगों को मौके पर जाने से रोकने में कर रही है, उतना आरोपियों को गिरफ्तार करने में करती तो आरोपी जेल में होते, लेकिन पुलिस जांच-जांच का खेल खेल रही है।
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पीड़ित परिवारों से जो मिलना चाहता है उसे मिलने नहीं दिया जाता है। उन्होंने कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर विचार कर आगे की रणनीति तय की जाएगी। गुरनाम सिंह चढ़ूनी के साथ प्रदेश अध्यक्ष गुरुसेवक सिंह, जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह गिल, तरविंदर सिंह मोमी, जसप्रीत सिंह, सुधीर ठाकर सहित तमाम किसान नेता मौजूद रहे।