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भगवान सालिगराम की हुईं माता तुलसी
अमर उजाला ब्यूरो पुुुवायां
Updated Fri, 11 Nov 2016 11:35 PM IST
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एकादश्ाी
- फोटो : अमर उजाला
बैंडबाजों के साथ निकली सालिगराम की बारात
भारी संख्या में उमड़े श्रद्धालु
पुवायां में शुक्रवार को बारात के स्वागत सत्कार के बाद भगवान सालिगराम के साथ तुलसी का विवाह करा दिया गया। इस दौरान डांडिया नृत्य और मां काली की फूलों की होली ने बारातियों और जनातियों का मन मोह लिया।
माता तुलसी और भगवान सालिगराम के विवाह की तैयारियां कई दिनों से की जा रही थीं। शुक्रवार दोपहर बाद कसमभरा मठिया के शिव मंदिर से शुरू हुई भगवान सालिगराम की बारात नगर के कई मार्गों से होती हुई वापस मंदिर जाकर समाप्त हुई। यहां बारात का भव्य स्वागत किया गया और द्वाराचार की रस्में पूरी की गईं। इसके बाद भगवान सालिगराम का माता तुलसी से विवाह कराया गया। विवाह के दौरान उझानी और बदायूं से आए कलाकारों ने डांडिया नृत्य प्रस्तुत किया। बारात के बाद लंगर का आयोजन किया गया इसमें नगर सहित देहात क्षेत्र के तमाम गांवों से आए लोगों ने भाग लेकर प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम में समिति सदस्यों के अलावा तमाम लोगों का सहयोग रहा।
परंपरागत तरीके से मनाई गई देवोत्थानी एकादशी
शाहजहांपुर। देवोत्थानी एकादशी का त्योहार शुक्रवार को परंपरागत तरीके से मनाया गया। लाला तेली बजरिया स्थित प्राचीन शिव बड़ा मंदिर में लोगों ने गन्ने का पूजन किया। शाम के वक्त महिलाओं ने अपने आंगन में आटे का चौक सजाकर गन्ने रखे। इस दौरान पुरुषों और बच्चों ने गन्ने को तोड़कर उसके ऊपर के हिस्से को चारों दिशाओं में फेंककर सुख शांति की कामना की। आज घरों में महिलाओं ने शकरकंद, सिंघाडे़ उबालकर एक- दूसरे को वितरित किए। इस मौके पर सुरेश चंद्र मिश्र, कांती पांडेय, प्रेमवती मिश्रा, नेहा मिश्रा, गायत्री सक्सेना, आशू, मंजू अग्रवाल, सुमन, पूनम सक्सेना, रूपा सक्सेना, प्रीति पाठक, पिंकी पाठक, रामबेटी, प्रमिला अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
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भारी संख्या में उमड़े श्रद्धालु
पुवायां में शुक्रवार को बारात के स्वागत सत्कार के बाद भगवान सालिगराम के साथ तुलसी का विवाह करा दिया गया। इस दौरान डांडिया नृत्य और मां काली की फूलों की होली ने बारातियों और जनातियों का मन मोह लिया।
माता तुलसी और भगवान सालिगराम के विवाह की तैयारियां कई दिनों से की जा रही थीं। शुक्रवार दोपहर बाद कसमभरा मठिया के शिव मंदिर से शुरू हुई भगवान सालिगराम की बारात नगर के कई मार्गों से होती हुई वापस मंदिर जाकर समाप्त हुई। यहां बारात का भव्य स्वागत किया गया और द्वाराचार की रस्में पूरी की गईं। इसके बाद भगवान सालिगराम का माता तुलसी से विवाह कराया गया। विवाह के दौरान उझानी और बदायूं से आए कलाकारों ने डांडिया नृत्य प्रस्तुत किया। बारात के बाद लंगर का आयोजन किया गया इसमें नगर सहित देहात क्षेत्र के तमाम गांवों से आए लोगों ने भाग लेकर प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम में समिति सदस्यों के अलावा तमाम लोगों का सहयोग रहा।
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परंपरागत तरीके से मनाई गई देवोत्थानी एकादशी
शाहजहांपुर। देवोत्थानी एकादशी का त्योहार शुक्रवार को परंपरागत तरीके से मनाया गया। लाला तेली बजरिया स्थित प्राचीन शिव बड़ा मंदिर में लोगों ने गन्ने का पूजन किया। शाम के वक्त महिलाओं ने अपने आंगन में आटे का चौक सजाकर गन्ने रखे। इस दौरान पुरुषों और बच्चों ने गन्ने को तोड़कर उसके ऊपर के हिस्से को चारों दिशाओं में फेंककर सुख शांति की कामना की। आज घरों में महिलाओं ने शकरकंद, सिंघाडे़ उबालकर एक- दूसरे को वितरित किए। इस मौके पर सुरेश चंद्र मिश्र, कांती पांडेय, प्रेमवती मिश्रा, नेहा मिश्रा, गायत्री सक्सेना, आशू, मंजू अग्रवाल, सुमन, पूनम सक्सेना, रूपा सक्सेना, प्रीति पाठक, पिंकी पाठक, रामबेटी, प्रमिला अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
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