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आयुष्या की दृढ़ता ने दिलाई कामयाबी
शाहजहांपुर।
Updated Wed, 10 Jun 2015 11:23 PM IST
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सफलता की सीढ़ियां हर कोई चढ़ना चाहता है, लेकिन कामयाबी की जो इबारत आयुष्या गुप्ता ने लिखी वह बिरले ही लिख पाते हैं। आयुष्या ने सीपीएमटी परीक्षा में 58वीं रैंक हासिल कर इतिहास रचा है। वह शहर की प्रख्यात महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रेरणा गुप्ता और सर्जन डॉ. विवेक गुप्ता के बेटे हैं।
कैंब्रिज कांवेंट पुवायां से 12वीं की परीक्षा में 96.8 प्रतिशत अंक लेकर परिवार को गौरवांवित करने वाले आयुष्या का सपना मम्मी-पापा के पद चिन्हों पर चलकर चिकित्सा के क्षेत्र में ही कुछ करने का था। इसलिए उन्होंने कार्डियोलॉजिस्ट सर्जन बनने का ख्वाब देखा और उसी दिशा में तैयारी भी शुरू कर दी। इसी दृढ़ता के कारण ही वह सीपीएमटी परीक्षा में 58वीं रैंक हासिल कर सके। आयुष्या को पढ़ाई के अलावा क्रिकेट और डिस्कवरी चैनल देखने का शौक है। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यक्तित्व और कार्यक्षमता से काफी प्रभावित हैं। इस होनहार छात्र का मानना है कि आरक्षण देश को आगे बढने से रोक रहा है। आयुष्या का भाई दिपुंज गुप्ता इंजीनियर बनना चाहता है। उसने यूपीटीयू परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए 157वीं रैंक हासिल की है।
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कैंब्रिज कांवेंट पुवायां से 12वीं की परीक्षा में 96.8 प्रतिशत अंक लेकर परिवार को गौरवांवित करने वाले आयुष्या का सपना मम्मी-पापा के पद चिन्हों पर चलकर चिकित्सा के क्षेत्र में ही कुछ करने का था। इसलिए उन्होंने कार्डियोलॉजिस्ट सर्जन बनने का ख्वाब देखा और उसी दिशा में तैयारी भी शुरू कर दी। इसी दृढ़ता के कारण ही वह सीपीएमटी परीक्षा में 58वीं रैंक हासिल कर सके। आयुष्या को पढ़ाई के अलावा क्रिकेट और डिस्कवरी चैनल देखने का शौक है। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यक्तित्व और कार्यक्षमता से काफी प्रभावित हैं। इस होनहार छात्र का मानना है कि आरक्षण देश को आगे बढने से रोक रहा है। आयुष्या का भाई दिपुंज गुप्ता इंजीनियर बनना चाहता है। उसने यूपीटीयू परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए 157वीं रैंक हासिल की है।
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