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Shahjahanpur News: गर्मी बढ़ी तो ओवरलोडिंग के चलते बिजली ने छोड़ा साथ
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राजकीय मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में उमड़ी मरीजों की भीड़। संवाद
शाहजहांपुर। भीषण गर्मी में तपिश और उमस बढ़ने से विद्युत संयंत्रों पर ओवरलोडिंग के चलते फॉल्टों की झड़ी लगने से बिजली ने साथ छोड़ना शुरू कर दिया है। हाल यह है कि उपकेंद्रों पर ट्रांसफॉर्मर गर्म होने पर कूलर लगाने के साथ पानी डालकर ठंडा किया जा रहा है।
गर्मी में एसी, कूलर और पंखे चलने से लोड बढ़ने पर बंच लाइन गर्म होकर जलने के साथ ही ट्रांसफॉर्मर भी तपिश से गर्म होने लगे हैं। ऐसे में फीडरों को बंद कर आपूर्ति दी जा रही है। शुक्रवार को बादशाहनगर उपकेंद्र के कहेलिया फीडर को शाम करीब छह बजे बंद कर दिया गया। इसके चलते करीब 50 गांवों की बिजली बाधित हो गई।
रात करीब आठ बजे आपूर्ति बहाल हो सकी। शाम सात बजे निगोही उपकेंद्र ओवरलोड होने पर फीडर की ब्रांच खोल दी गई। इस वजह से राघव सिकंदरपुर समेत कई गांवों में बिजली संकट खड़ा हो गया। करीब तीन घंटे के बाद आपूर्ति बहाल हो सकी। अब्दुल्लागंज उपकेंद्र के छोटा चौक के बक्सरिया मोहल्ले में शुक्रवार की शाम पांच से रात आठ बजे तक बिजली गुल रही।
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ककरा उपकेंद्र के मोहल्ला सुभाषनगर व आवास विकास क्षेत्र की बिजली शुक्रवार रात आठ से दस बजे तक ठप रही। रात 11 बजे अटसलिया उपकेंद्र का बरतारा फीडर भी ओवरलोड हो गया। इसके चलते रात एक बजे तक लोगों को बिजली का इंतजार करना पड़ा। हथौड़ा उपकेंद्र के गप्पू बर्फखाने के पास रात आठ बजे से सुबह सात बजे तक बिजली ठप रही। शनिवार सुबह सात बजे से नौ बजे तक रेती फीडर भी ब्रेक डाउन में रहा।
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इस वर्ष शुक्रवार की रात खर्च हुई सबसे ज्यादा बिजली
-100 से 125 मेगावाट बिजली दिसंबर में खर्च हो रही थी।
-200 मेगावाट बिजली फरवरी की शुरुआत में खर्च हुई।
-216 मेगावाट बिजली 15 फरवरी को खर्च की गई। मार्च में भी यही स्थिति बनी रही।
-340 मेगावाट बिजली की खपत 21 मई को हुई।
-372 मेगावाट बिजली आठ जून को खर्च की गई।
-390 मेगावाट बिजली 24 जून को खर्च की गई।
-392 मेगावाट बिजली की 25 जून को खपत हुई।
-401 मेगावाट बिजली 26 जून को खर्च की गई, यह सीजन में सबसे ज्यादा है।
(पारेषण केंद्र के एक्सईएन मोहित श्रीवास्तव ने जैसा बताया)
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शिवदासपुर फीडर में फॉल्ट से छह गांवों में सिंचाई ठप, किसान चिंतित
तिलहर। शिवदासपुर फीडर में कई दिनों से आ रही तकनीकी खराबी के कारण उससे जुड़े करीब छह से ज्यादा गांवों के करीब दो हजार उपभोक्ता बेहद परेशान हैं। सबसे ज्यादा किसान चिंतित हैं क्योंकि सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली नहीं मिलने से उनकी धान पौध और गन्ने फसल की सिंचाई नहीं हो पा रही है।
शिवदासपुर फीडर से जुड़े गैसरा, दियाखेड़ा, गोपालपुर जदीद, धनेली महेश, बंधी चक आदि गांवों को 18 घंटे के बजाय सिर्फ तीन-चार घंटे सिंगल फेज की बिजली मिल रही है। शिवदासपुर निवासी भोला यादव और गैसरा गांव के लालू यादव, सोनू यादव आदि ने बिजली संकट दूर करने की मांग की है। विद्युत निगम के एसडीओ विजय नारायण चौहान के अनुसार फीडर की खराबी दूर करने के लिए तकनीकी कर्मचारियों की टीम लगा दी गई है। संवाद
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चार घंटे बंद रहेगी रामपुर कलां बिजली उपकेंद्र के फीडरों की सप्लाई
खुटार। रामपुर कलां बिजली उपकेंद्र पर मरम्मत कार्य के चलते 28 जून को सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक उपकेंद्र के सभी फीडरों की बिजली सप्लाई बंद रहेगी। यह जानकारी देते हुए एसडीओ हरेंद्र राहुल ने उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है। संवाद
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पारेषण केंद्र से बिजली की आपूर्ति को लेकर कोई दिक्कत नहीं है। लोड को देखते ही गर्मी आने से पहले ही सारी तैयारियां पूरी कर ली गईं थी। अभी पारेषण केंद्र अंडरलोड हैं।
-मोहित श्रीवास्तव, अधिशासी अभियंता-पारेषण केंद्र, पुवायां रोड
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सूख रही फसल, खेतों में नमी बनाए रखने की जरूरत
शाहजहांपुर। मानसून की देरी से धान की पौध सूख रही है। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. एनसी त्रिपाठी ने बताया कि किसानों ने धान की पौध लगा दी है। तेज धूप होने पर फसल में नमी बनाए रखने की जरूरत है। इससे फसल काे नुकसान नहीं होगा। बारिश होने पर नमी वाले खेत में उपज अच्छी होगी। इसी तरह वर्तमान समय में गन्ने की फसल में नमी बनाए रखने की जरूरत है। सब्जियों के खेतों में भी लगातार सिंचाई की जानी चाहिए। चौहनापुर निवासी रजनीश त्रिपाठी ने बताया कि दस एकड़ में धान की फसल लगानी है। अब तक तीन एकड़ धान ही पंपसेट चलाकर लगा सके हैं। इसमें अधिक खर्चा आ रहा है। एक बीघा खेत को सींचने में दो लीटर डीजल लग रहा है। बारिश हो जाती तो यह खर्च बच जाता। धान की रोपाई पिछड़ रही हैं। बारिश होने पर ही ठीक से सिंचाई हो सकेगी।
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गर्मी में बिगड़ी लोगों की सेहत...डिहाइड्रेशन और डायरिया के बढ़े मरीज
शाहजहांपुर। लगातार बढ़ रहे तापमान ने लोगों की सेहत बिगाड़ दी है। सरकारी व निजी अस्पतालों की ओपीडी में दिन पर दिन मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। डिहाइड्रेशन, डायरिया, बुखार, सिरदर्द, सांस लेने में परेशानी, पेट संबंधी बीमारी और त्वचा के रोगियों में इजाफा हो रहा है। राजकीय मेडिकल कॉलेज में पिछले छह दिनों में 8565 पर्चे बने हैं। प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि गर्मी के मौसम में सावधानी बरतें। इन दिनों पेट की बीमारी, बुखार और डिहाइड्रेशन की परेशानी सबसे ज्यादा होती है। इससे बचने के लिए पानी खूब पिएं। ज्यादा देर तक धूप में खड़े न रहें। एक गिलास नींबू पानी या फिर किसी भी फल का जूस पीकर ही घर से बाहर निकलें।
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ये बरतें सावधानी
-नारियल पानी, छाछ, लस्सी, जूस, शिकंजी, नींबू -पानी खूब पीएं।
-चिकनाईयुक्त, मसालेदार, जंक फूड के साथ बाहर के खाने से बचें।
-भोजन में हरी सब्जी, सलाद, दाल का उपयोग अधिक करें।
-धूप में जाते वक्त चश्मा, छाता, टोपी का इस्तेमाल करें।
-पूरी बाजू के कपड़े पहनकर ही घर से बाहर निकलें।
(जैसा कि डॉ. राजेश कुमार ने बताया)
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गर्मी में एसी, कूलर और पंखे चलने से लोड बढ़ने पर बंच लाइन गर्म होकर जलने के साथ ही ट्रांसफॉर्मर भी तपिश से गर्म होने लगे हैं। ऐसे में फीडरों को बंद कर आपूर्ति दी जा रही है। शुक्रवार को बादशाहनगर उपकेंद्र के कहेलिया फीडर को शाम करीब छह बजे बंद कर दिया गया। इसके चलते करीब 50 गांवों की बिजली बाधित हो गई।
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रात करीब आठ बजे आपूर्ति बहाल हो सकी। शाम सात बजे निगोही उपकेंद्र ओवरलोड होने पर फीडर की ब्रांच खोल दी गई। इस वजह से राघव सिकंदरपुर समेत कई गांवों में बिजली संकट खड़ा हो गया। करीब तीन घंटे के बाद आपूर्ति बहाल हो सकी। अब्दुल्लागंज उपकेंद्र के छोटा चौक के बक्सरिया मोहल्ले में शुक्रवार की शाम पांच से रात आठ बजे तक बिजली गुल रही।
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ककरा उपकेंद्र के मोहल्ला सुभाषनगर व आवास विकास क्षेत्र की बिजली शुक्रवार रात आठ से दस बजे तक ठप रही। रात 11 बजे अटसलिया उपकेंद्र का बरतारा फीडर भी ओवरलोड हो गया। इसके चलते रात एक बजे तक लोगों को बिजली का इंतजार करना पड़ा। हथौड़ा उपकेंद्र के गप्पू बर्फखाने के पास रात आठ बजे से सुबह सात बजे तक बिजली ठप रही। शनिवार सुबह सात बजे से नौ बजे तक रेती फीडर भी ब्रेक डाउन में रहा।
इस वर्ष शुक्रवार की रात खर्च हुई सबसे ज्यादा बिजली
-100 से 125 मेगावाट बिजली दिसंबर में खर्च हो रही थी।
-200 मेगावाट बिजली फरवरी की शुरुआत में खर्च हुई।
-216 मेगावाट बिजली 15 फरवरी को खर्च की गई। मार्च में भी यही स्थिति बनी रही।
-340 मेगावाट बिजली की खपत 21 मई को हुई।
-372 मेगावाट बिजली आठ जून को खर्च की गई।
-390 मेगावाट बिजली 24 जून को खर्च की गई।
-392 मेगावाट बिजली की 25 जून को खपत हुई।
-401 मेगावाट बिजली 26 जून को खर्च की गई, यह सीजन में सबसे ज्यादा है।
(पारेषण केंद्र के एक्सईएन मोहित श्रीवास्तव ने जैसा बताया)
शिवदासपुर फीडर में फॉल्ट से छह गांवों में सिंचाई ठप, किसान चिंतित
तिलहर। शिवदासपुर फीडर में कई दिनों से आ रही तकनीकी खराबी के कारण उससे जुड़े करीब छह से ज्यादा गांवों के करीब दो हजार उपभोक्ता बेहद परेशान हैं। सबसे ज्यादा किसान चिंतित हैं क्योंकि सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली नहीं मिलने से उनकी धान पौध और गन्ने फसल की सिंचाई नहीं हो पा रही है।
शिवदासपुर फीडर से जुड़े गैसरा, दियाखेड़ा, गोपालपुर जदीद, धनेली महेश, बंधी चक आदि गांवों को 18 घंटे के बजाय सिर्फ तीन-चार घंटे सिंगल फेज की बिजली मिल रही है। शिवदासपुर निवासी भोला यादव और गैसरा गांव के लालू यादव, सोनू यादव आदि ने बिजली संकट दूर करने की मांग की है। विद्युत निगम के एसडीओ विजय नारायण चौहान के अनुसार फीडर की खराबी दूर करने के लिए तकनीकी कर्मचारियों की टीम लगा दी गई है। संवाद
चार घंटे बंद रहेगी रामपुर कलां बिजली उपकेंद्र के फीडरों की सप्लाई
खुटार। रामपुर कलां बिजली उपकेंद्र पर मरम्मत कार्य के चलते 28 जून को सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक उपकेंद्र के सभी फीडरों की बिजली सप्लाई बंद रहेगी। यह जानकारी देते हुए एसडीओ हरेंद्र राहुल ने उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है। संवाद
पारेषण केंद्र से बिजली की आपूर्ति को लेकर कोई दिक्कत नहीं है। लोड को देखते ही गर्मी आने से पहले ही सारी तैयारियां पूरी कर ली गईं थी। अभी पारेषण केंद्र अंडरलोड हैं।
-मोहित श्रीवास्तव, अधिशासी अभियंता-पारेषण केंद्र, पुवायां रोड
सूख रही फसल, खेतों में नमी बनाए रखने की जरूरत
शाहजहांपुर। मानसून की देरी से धान की पौध सूख रही है। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. एनसी त्रिपाठी ने बताया कि किसानों ने धान की पौध लगा दी है। तेज धूप होने पर फसल में नमी बनाए रखने की जरूरत है। इससे फसल काे नुकसान नहीं होगा। बारिश होने पर नमी वाले खेत में उपज अच्छी होगी। इसी तरह वर्तमान समय में गन्ने की फसल में नमी बनाए रखने की जरूरत है। सब्जियों के खेतों में भी लगातार सिंचाई की जानी चाहिए। चौहनापुर निवासी रजनीश त्रिपाठी ने बताया कि दस एकड़ में धान की फसल लगानी है। अब तक तीन एकड़ धान ही पंपसेट चलाकर लगा सके हैं। इसमें अधिक खर्चा आ रहा है। एक बीघा खेत को सींचने में दो लीटर डीजल लग रहा है। बारिश हो जाती तो यह खर्च बच जाता। धान की रोपाई पिछड़ रही हैं। बारिश होने पर ही ठीक से सिंचाई हो सकेगी।
गर्मी में बिगड़ी लोगों की सेहत...डिहाइड्रेशन और डायरिया के बढ़े मरीज
शाहजहांपुर। लगातार बढ़ रहे तापमान ने लोगों की सेहत बिगाड़ दी है। सरकारी व निजी अस्पतालों की ओपीडी में दिन पर दिन मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। डिहाइड्रेशन, डायरिया, बुखार, सिरदर्द, सांस लेने में परेशानी, पेट संबंधी बीमारी और त्वचा के रोगियों में इजाफा हो रहा है। राजकीय मेडिकल कॉलेज में पिछले छह दिनों में 8565 पर्चे बने हैं। प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि गर्मी के मौसम में सावधानी बरतें। इन दिनों पेट की बीमारी, बुखार और डिहाइड्रेशन की परेशानी सबसे ज्यादा होती है। इससे बचने के लिए पानी खूब पिएं। ज्यादा देर तक धूप में खड़े न रहें। एक गिलास नींबू पानी या फिर किसी भी फल का जूस पीकर ही घर से बाहर निकलें।
ये बरतें सावधानी
-नारियल पानी, छाछ, लस्सी, जूस, शिकंजी, नींबू -पानी खूब पीएं।
-चिकनाईयुक्त, मसालेदार, जंक फूड के साथ बाहर के खाने से बचें।
-भोजन में हरी सब्जी, सलाद, दाल का उपयोग अधिक करें।
-धूप में जाते वक्त चश्मा, छाता, टोपी का इस्तेमाल करें।
-पूरी बाजू के कपड़े पहनकर ही घर से बाहर निकलें।
(जैसा कि डॉ. राजेश कुमार ने बताया)

राजकीय मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में उमड़ी मरीजों की भीड़। संवाद