{"_id":"660086c013e82479d2063f43","slug":"arrangement-of-40-beds-doctors-duty-imposed-shahjahanpur-news-c-122-1-sbly1042-115625-2024-03-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: 40 बेड का इंतजाम, डॉक्टर की ड्यूटी लगाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: 40 बेड का इंतजाम, डॉक्टर की ड्यूटी लगाई
Mon, 25 Mar 2024 01:32 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Mon, 25 Mar 2024 01:32 AM IST
विज्ञापन
शाहजहांपुर। रंगों के त्योहार को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं 24 घंटे मिलेंगी। पीएचसी-सीएचसी पर डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई। वहीं राजकीय मेडिकल कॉलेज के ट्रामा सेंटर में 40 बेड आरक्षित करते हुए त्वचा और आंख के डॉक्टर की ड्यूटी भी लगा दी गई। दावा है कि दवाओं का पर्याप्त इंतजाम किया है।
रंगों के त्योहार पर हादसे व आपराधिक घटनाएं होने की संभावना रहती है। उसके लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज में पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। इमरजेंसी व ट्रामा सेंटर को खाली कराते हुए 40 बेड को आरक्षित कर दिया गया। प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि आंख व त्वचा रोग के डॉक्टर की नियुक्ति कर दी गई। तीन शिफ्टों में ड्यूटी लगाई गई। वहीं दूसरी ओर सीएचसी-पीएचसी पर स्वास्थ्य सेवाओं का इंतजाम किया है। एसीएमओ डॉ.पीपी श्रीवास्तव ने बताया कि डॉक्टर की ड्यूटी लगा दी गई है।
-- --
लाट साहब के साथ चलेगी एंबुलेंस
-छोटे व बड़े लाट साहब के जुलूस के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम लगाई है। दोनों जुलूस में एक-एक एंबुलेंस भी रहेगी। मेडिकल टीम में डॉक्टर, फार्मासिस्ट आदि को शामिल किया है।
विज्ञापन
-- --
होली में आंख का रखें ख्याल, संक्रमण और एलर्जी का खतरा
-होली को खेलते समय रंग व गुलाल को खेलते समय आंखों का ख्याल नहीं रखने पर संक्रमण, अस्थायी अंधापन, जलन और एलर्जी से पीड़ित हो सकते हैं। राजकीय मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभाग के डॉ. प्रपात कनौजिया ने बताया कि होली में उपयोग किए जाने वाले सिंथेटिक रंगों में भारी धातुएं हो सकती हैं। इसके चलते कॉर्नियल घर्षण, रासायनिक जलन या कुंद आंख की चोट का कारण बन सकते हैं। होली के हरे सिंथेटिक रंगों को क्षणभंगुर अंधापन के लिए जाना जाता है।
-- -- -- -- --
ये बरतें सावधानी--
-पानी के गुब्बारों की चपेट में आने से आंख में चोट लग सकती है।
-कांट्रेक्ट लेंस नहीं पहने, इसके बीच में रंग फंसने से संक्रमण हो सकता है।
-धूप का चश्मा या सुरक्षात्मक आईवियर पहनकर अपनी आंखों की रक्षा करें।
-आंखों में रंग टपकने से रोकने के लिए कैप का उपयोग करें।
-रंग जाने पर आंखों को रगड़े नहीं, इससे हानि हो सकती है।
-- -- -- -- -
डॉक्टर के टिप्स
-आंख के आसपास नारियल तेल की मोटी परत लगाने से आसानी से रंग हटा सकेंगे।
-नहाते समय और रंग धोते समय गुनगुने पानी का प्रयोग करे। बाल और चेहरा धोते समय आंखें बंद रखें।
-होली के लिए बाहर निकलने से पहले हमेशा पर्याप्त मात्रा में क्रीम या तेल लगाएं।
-- -- -- -- --
केमिकलयुक्त रंग से एलर्जी का खतरा
-केमिकल युक्त रंग त्वचा के लिए काफी हानिकारक साबित हो सकते हैं। इसके प्रयोग से शरीर पर एलर्जी की समस्या हो सकती है। त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ.रिजवान बताते हैं कि होली खेलने से पहले त्वचा पर कोई तेलीय क्रीम, तेल या घी लगाएं। इससे त्वचा पर रंगों का असर नहीं पड़ेगा। आसानी से छूटने में मदद भी मिलेगी। बालों को बचाने के लिए सिर पर कैप लगाएं। त्योहार पर हर्बल रंगों का इस्तेमाल करें।
विज्ञापन
रंगों के त्योहार पर हादसे व आपराधिक घटनाएं होने की संभावना रहती है। उसके लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज में पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। इमरजेंसी व ट्रामा सेंटर को खाली कराते हुए 40 बेड को आरक्षित कर दिया गया। प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि आंख व त्वचा रोग के डॉक्टर की नियुक्ति कर दी गई। तीन शिफ्टों में ड्यूटी लगाई गई। वहीं दूसरी ओर सीएचसी-पीएचसी पर स्वास्थ्य सेवाओं का इंतजाम किया है। एसीएमओ डॉ.पीपी श्रीवास्तव ने बताया कि डॉक्टर की ड्यूटी लगा दी गई है।
विज्ञापन
लाट साहब के साथ चलेगी एंबुलेंस
-छोटे व बड़े लाट साहब के जुलूस के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम लगाई है। दोनों जुलूस में एक-एक एंबुलेंस भी रहेगी। मेडिकल टीम में डॉक्टर, फार्मासिस्ट आदि को शामिल किया है।
विज्ञापन
होली में आंख का रखें ख्याल, संक्रमण और एलर्जी का खतरा
-होली को खेलते समय रंग व गुलाल को खेलते समय आंखों का ख्याल नहीं रखने पर संक्रमण, अस्थायी अंधापन, जलन और एलर्जी से पीड़ित हो सकते हैं। राजकीय मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभाग के डॉ. प्रपात कनौजिया ने बताया कि होली में उपयोग किए जाने वाले सिंथेटिक रंगों में भारी धातुएं हो सकती हैं। इसके चलते कॉर्नियल घर्षण, रासायनिक जलन या कुंद आंख की चोट का कारण बन सकते हैं। होली के हरे सिंथेटिक रंगों को क्षणभंगुर अंधापन के लिए जाना जाता है।
ये बरतें सावधानी
-पानी के गुब्बारों की चपेट में आने से आंख में चोट लग सकती है।
-कांट्रेक्ट लेंस नहीं पहने, इसके बीच में रंग फंसने से संक्रमण हो सकता है।
-धूप का चश्मा या सुरक्षात्मक आईवियर पहनकर अपनी आंखों की रक्षा करें।
-आंखों में रंग टपकने से रोकने के लिए कैप का उपयोग करें।
-रंग जाने पर आंखों को रगड़े नहीं, इससे हानि हो सकती है।
डॉक्टर के टिप्स
-आंख के आसपास नारियल तेल की मोटी परत लगाने से आसानी से रंग हटा सकेंगे।
-नहाते समय और रंग धोते समय गुनगुने पानी का प्रयोग करे। बाल और चेहरा धोते समय आंखें बंद रखें।
-होली के लिए बाहर निकलने से पहले हमेशा पर्याप्त मात्रा में क्रीम या तेल लगाएं।
केमिकलयुक्त रंग से एलर्जी का खतरा
-केमिकल युक्त रंग त्वचा के लिए काफी हानिकारक साबित हो सकते हैं। इसके प्रयोग से शरीर पर एलर्जी की समस्या हो सकती है। त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ.रिजवान बताते हैं कि होली खेलने से पहले त्वचा पर कोई तेलीय क्रीम, तेल या घी लगाएं। इससे त्वचा पर रंगों का असर नहीं पड़ेगा। आसानी से छूटने में मदद भी मिलेगी। बालों को बचाने के लिए सिर पर कैप लगाएं। त्योहार पर हर्बल रंगों का इस्तेमाल करें।