Shahjahanpur: जलालाबाद तहसील में रिश्वत लेते पकड़ा गया लेखपाल, लखनऊ से आई टीम ने की कार्रवाई
जलालाबाद क्षेत्र में गंगा एक्सप्रेसवे के लिए एक किसान की साढ़े पांच बीघा अधिग्रहीत की गई थी, लेकिन लेखपाल ने दो बीघा जमीन होने की रिपोर्ट लगा दी। शेष साढ़े तीन बीघा जमीन का मुआवजा दिलाने के नाम पर लेखपाल रिश्वत मांग रहा था।
विस्तार
शाहजहांपुर में लखनऊ व बरेली की एंटी करप्शन अधिकारियों की संयुक्त टीम ने जलालाबाद तहसील परिसर में 10 हजार रुपये रिश्वत लेते लेखपाल धनवीर यादव को रंगे हाथ पकड़ लिया। एंटी करप्शन के अधिकारी आरोपी लेखपाल को अपनी गाड़ी में साथ लेकर चले गए।
जलालाबाद के मोहल्ला खेड़ा निवासी विषम पाठक की क्षेत्र के गांव पीरू में करीब साढ़े पांच बीघा जमीन गंगा एक्सप्रेसवे में अधिग्रहीत कर ली गई। क्षेत्रीय लेखपाल धनवीर यादव ने उनकी दो बीघा जमीन होने की रिपोर्ट लगा दी। तब उन्हें दो बीघे के हिसाब से मुआवजा मिल गया। शेष साढ़े तीन बीघा जमीन के मुआवजा के लिए वह लेखपाल के चक्कर लगा रहे थे।
लेखपाल ले चुका था 15 हजार रुपये
विषम पाठक का आरोप है कि लेखपाल ने इस कार्य के लिए रिश्वत मांगी। इसके बाद उन्होंने 15 हजार रुपये उसे दे दिए थे। लेखपाल 20 हजार रुपये और मांग रहा था। विषम पाठक ने बताया कि उन्होंने इस बात की जानकारी लखनऊ के एंटी करप्शन विभाग को दी। तय योजना के अनुसार लखनऊ और बरेली एंटी करप्शन विभाग के अधिकारी बुधवार को यहां पहुंचे।
ये भी पढ़ें- गेस्ट हाउस में छापा: कमरों में युवकों के साथ थीं युवतियां, पुलिस की कार्रवाई से मची खलबली; दो पकड़े
विषम 10 हजार रुपये लेकर लेखपाल के पास पहुंचे। जब उन्होंने रुपये लेखपाल को दिए। तभी वहां मौजूद अधिकारियों ने लेखपाल को पकड़ लिया। लेखपाल को पकड़कर अधिकारी तहसील से काफी दूर खड़ी अपनी गाड़ी में बिठाकर ले गए। एसडीएम रविंद्र कुमार ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। तहसीलदार पैगाम हैदर ने भी मामले की जानकारी होने से इनकार किया है।
सूचना पर थाने पहुंचे लेखपाल
एंटी करप्शन टीम ने लेखपाल को पकड़ने के बाद अपने साथ लेकर चली गई। यह सूचना लेखपालों को मिली तो वे थाने में पहुंच गए। पूर्व में थाना स्तर पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाती थी, लेकिन अब नियम बदलने से सारी प्रक्रिया बरेली में होती है। पुलिस के इनकार करने के बाद लेखपाल लौट गए।