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आंगनबाड़ी वर्कर ने जीआईसी ग्राउंड में डाला डेरा
ब्यूरो /शाहजहांपुर
Updated Sat, 03 Sep 2016 11:35 PM IST
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महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के प्रांतीय आह्वान पर मानदेय में बढ़ोत्तरी समेत अन्य कई मांगों को लेकर कलक्ट्रेट पर तीखे तेवर दिखाने वालीं आंगनबाड़ी वर्कर ने शनिवार को दूसरे दिन खिरनीबाग के जीआईसी ग्राउंड पर डेरा डालकर कार्य बहिष्कार जारी रखा। इस कारण अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्रोें पर ताले झूलते रहे और गोदामोें से पोषाहार का उठान भी नहीं हुआ। इस बीच, धरना-प्रदर्शन के दौरान सभा में कर्मचारी नेताओं ने कलक्ट्रेट पर उग्र प्रदर्शन को लेकर दर्ज कराई एफआईआर को प्रशासन की दमनात्मक कार्रवाई बताते हुए मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रखने का ऐलान किया।
बता देें कि शुक्रवार को बाल विकास विभाग की विभिन्न परियोजनाओं से जुड़ीं सैकड़ों आंगनबाड़ी वर्कर ने कलक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन करके कार्य बहिष्कार की शुरुआत की थी। इस बीच, पदाधिकारियों के उकसावे पर जोशीली नारेबाजी करते हुए भावावेश में आईं वर्कर्स ने उग्र तेवर अपना लिए। कलक्ट्रेट कैंपस की रोड पर कब्जा जमाकर अफसरों का रास्ता रोक लिया। यही नहीं, कलक्ट्रेट कैंपस में खड़े एलईडी प्रचार वाहन पर लगे मुख्यमंत्री के चित्र पर कीचड़ उछाल दिया।
प्रदर्शनकारियों की इन हरकतों को प्रशासन और पुलिस ने गंभीरता से लेते हुए सदर थाने में संघ के प्र्रमुख पदाधिकारियों समेत 252 वर्करों के खिलाफ लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम और आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत रिपोर्ट दर्ज करा दी। इस कार्रवाई का हड़ताली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों पर साफ असर दिखा। जीआईसी ग्राउंड के धरना पंडाल में हुई सभा में वक्ताओं ने ज्यादा बोलने में संयम बरता, लेकिन प्रांतीय नेतृत्व के निर्देशानुसार कार्य बहिष्कार जारी रखने का संकल्प दोहराया।
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इस मौके पर संघ के संरक्षक एवं जिला प्रभारी विश्व मोहन भारद्वाज, संरक्षक सावित्री शर्मा और जिलाध्यक्ष पद्मा रस्तोगी ने कहा कि आंदोलन को कुचलने के लिए प्रशासन के इशारे पर वर्करों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई, लेकिन इससे संघर्ष और मजबूत होगा। जिला प्रभारी भारद्वाज ने कहा कि मांगें पूरी नहीं होने पर प्रदेश की 40 लाख आंगनबाड़ी वर्कर सूबे की सत्ता को पलटकर रख देंगी।
खास यह रहा कि विभागीय अफसरों के दावों के विपरीत शनिवार को दूसरे दिन भी शहर समेत सभी परियोजनाओं के अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहे। जिला कार्यक्रम अधिकारी विजया श्री के अनुसार कार्यकत्रियों ने नियत समय तक केंद्र खोलने के बाद दोपहर से धरना दिया, लेकिन जीआईसी ग्राउंड पर सुबह से आंगनबाड़ी वर्कर पहुंचने लगीं। संघ के पदाधिकारियों ने दावा किया कि शहर परियोजना के कनौजिया अस्पताल के निकट वाले गोदाम से पोषाहार का उठान भी नहीं किया गया।
सभा में कुछ आंगनबाड़ी वर्करों ने यह मुद्दा उठाया भी कि पोषाहार का उठान नहीं हो पाने की स्थिति में नियत तिथि पांच सितंबर को पोषाहार का वितरण कैसे होगा, लेकिन पदाधिकारियों ने उन्हें आश्वस्त किया कि एकता के बल पर किसी तरह का उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा। धरना-प्रदर्शन में शेर सिंह, सुमनलता वाजपेयी, कमला यादव, हेमलता, मीरा देवी, पूजा देवी, मंजू बाला, निक्की देवी, नाजिश परवीन, नीलू कटियार, राजेश्वरी आदि शामिल रहीं।
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बता देें कि शुक्रवार को बाल विकास विभाग की विभिन्न परियोजनाओं से जुड़ीं सैकड़ों आंगनबाड़ी वर्कर ने कलक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन करके कार्य बहिष्कार की शुरुआत की थी। इस बीच, पदाधिकारियों के उकसावे पर जोशीली नारेबाजी करते हुए भावावेश में आईं वर्कर्स ने उग्र तेवर अपना लिए। कलक्ट्रेट कैंपस की रोड पर कब्जा जमाकर अफसरों का रास्ता रोक लिया। यही नहीं, कलक्ट्रेट कैंपस में खड़े एलईडी प्रचार वाहन पर लगे मुख्यमंत्री के चित्र पर कीचड़ उछाल दिया।
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प्रदर्शनकारियों की इन हरकतों को प्रशासन और पुलिस ने गंभीरता से लेते हुए सदर थाने में संघ के प्र्रमुख पदाधिकारियों समेत 252 वर्करों के खिलाफ लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम और आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत रिपोर्ट दर्ज करा दी। इस कार्रवाई का हड़ताली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों पर साफ असर दिखा। जीआईसी ग्राउंड के धरना पंडाल में हुई सभा में वक्ताओं ने ज्यादा बोलने में संयम बरता, लेकिन प्रांतीय नेतृत्व के निर्देशानुसार कार्य बहिष्कार जारी रखने का संकल्प दोहराया।
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इस मौके पर संघ के संरक्षक एवं जिला प्रभारी विश्व मोहन भारद्वाज, संरक्षक सावित्री शर्मा और जिलाध्यक्ष पद्मा रस्तोगी ने कहा कि आंदोलन को कुचलने के लिए प्रशासन के इशारे पर वर्करों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई, लेकिन इससे संघर्ष और मजबूत होगा। जिला प्रभारी भारद्वाज ने कहा कि मांगें पूरी नहीं होने पर प्रदेश की 40 लाख आंगनबाड़ी वर्कर सूबे की सत्ता को पलटकर रख देंगी।
खास यह रहा कि विभागीय अफसरों के दावों के विपरीत शनिवार को दूसरे दिन भी शहर समेत सभी परियोजनाओं के अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहे। जिला कार्यक्रम अधिकारी विजया श्री के अनुसार कार्यकत्रियों ने नियत समय तक केंद्र खोलने के बाद दोपहर से धरना दिया, लेकिन जीआईसी ग्राउंड पर सुबह से आंगनबाड़ी वर्कर पहुंचने लगीं। संघ के पदाधिकारियों ने दावा किया कि शहर परियोजना के कनौजिया अस्पताल के निकट वाले गोदाम से पोषाहार का उठान भी नहीं किया गया।
सभा में कुछ आंगनबाड़ी वर्करों ने यह मुद्दा उठाया भी कि पोषाहार का उठान नहीं हो पाने की स्थिति में नियत तिथि पांच सितंबर को पोषाहार का वितरण कैसे होगा, लेकिन पदाधिकारियों ने उन्हें आश्वस्त किया कि एकता के बल पर किसी तरह का उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा। धरना-प्रदर्शन में शेर सिंह, सुमनलता वाजपेयी, कमला यादव, हेमलता, मीरा देवी, पूजा देवी, मंजू बाला, निक्की देवी, नाजिश परवीन, नीलू कटियार, राजेश्वरी आदि शामिल रहीं।