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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   Anganwadi centers reached from 14 milk dairies

14 डेयरियों से आंगनबाड़ी केंद्रों पर नहीं पहुंचा दूध

Thu, 02 Jun 2016 11:43 PM IST
ब्यूरो /शाहजहांपुर
ब्यूरो /शाहजहांपुर Updated Thu, 02 Jun 2016 11:43 PM IST
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आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत अति कुपोषित बच्चों को कामधेनु डेयरी परियोजनाओं से निशुल्क दूध उपलब्ध कराए जाने के अभियान का बृहस्पतिवार से सत्यापन कार्य शुरू करा दिया गया। इसके लिए मुख्यालय के अधिकारियों ने फोन पर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से संपर्क करके यह जानने का प्रयास किया कि डेयरी संचालकों ने कुपोषित बच्चों की मदद के लिए उन्हें कितना दूध उपलब्ध कराया। केंद्रों पर कितने कुपोषित बच्चे उपस्थिति हुए। इस बीच, सीडीओ पुलकित खरे ने विकास भवन सभागार में बाल विकास परियोजना की सुपरवाइजरों के साथ बैठक करके अति कुपोषित बच्च्चों को दूध उपलब्धता की समीक्षा की। पिछले वर्ष शासन से मिले लक्ष्य के अनुरूप जिले की 40 ग्राम पंचायतों में कामधेनु और मिनी कामधेनु डेयरियां स्थापित की गई हैं। इन डेयरियों के संचालकों समेत संबंधित ग्राम प्रधानों और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के साथ सीडीओ ने बुधवार को बैठक कर कुपोषण विरोधी अभियान को डेयरियों से जोड़ने की पहल की थी। सीडीओ के प्रेरित करने पर डेयरी संचालकों ने ग्राम पंचायत के आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत अति कुपोषित बच्चों को 250 ग्राम की दर से दूध उपलब्ध कराने और ग्राम प्रधान अपने स्तर से ऐसे बच्चों को केला-गुड़ खिलाने पर राजी हुए थे। प्रगति जांचने के लिए योजना का पहले दिन से ही सत्यापन शुरू कर दिया गया। बाल विकास परियोजना के जिला कार्यक्रम अधिकारी धर्मेंद्र मिश्रा और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. इंद्रमनि के निर्देश पर उनके स्टाफ ने योजना संबंधित गांवों के डेयरी संचालकों से टेलीफोन पर संपर्क करके लाल श्रेणी वाले अति कुपोषित बच्चों को दूध दिए जाने के बारे में पूछताछ की। इससे स्पष्ट हुआ कि विभिन्न कारणों से कई केंद्रों पर दूध नहीं पहुंच सका। 
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इधर, मुख्यालय पर अति कुपोषित बच्चों को दूध उपलब्धता की समीक्षा के लिए सीडीओ ने संबंधित गांवों की बाल विकास सुपरवाइजरों के साथ बैठक की। समीक्षा से पता चला कि करीब 40 फीसदी केंद्रों पर विभिन्न कारणों से दूध बच्चों तक नहीं पहुंचा। 14 डेयरी संचालकों ने बताया कि उनके यहां वर्कर की कमी और केंद्र से डेयरी की दूरी अधिक होने के कारण दूध नहीं भेजा जा सका। कई डेयरी संचालकों ने बताया कि दूध लेकर जाने पर आंगनबाड़ी केंद्र बंद मिले। संबंधित केंद्रों की कार्यकत्रियों से संपर्क साधे जाने पर पता चला कि उनकी ड्यूटी पल्स पोलियो अभियान में लगी होने के कारण केंद्र बंद रहे।
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