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कोरोना संक्रमित की आशंका में चार घंटे तड़पती रही महिला
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मीरानपुर कटरा। खुदागंज क्षेत्र की खांसी से पीड़ित एक विवाहिता नगर के सीएचसी में फर्श पर करीब चार घंटे तक तड़पती रही। सीएचसी में किसी डॉक्टर के न होने की वजह से इलाज नहीं मिल सका। बाद में जैसे-तैसे जिला मुख्यालय से एंबुलेंस बुलाकर उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया।
खुदागंज थाना क्षेत्र के गांव मकरंदापुर की रहने वाली 27 वर्षीय नीतू पत्नी रामप्रताप की बुधवार शाम अचानक तबीयत बिगड़ गई। खांसी के साथ उसे सांस लेने में भी दिक्कत होने लगी। उसने जैसे-तैसे रात गुजारी। बुधवार को किसी तरह वह पति के साथ नगर के सीएचसी पहुंची, लेकिन यहां डॉक्टर के न मिलने पर उसका इलाज नहीं हो सका क्योंकि खांसी के साथ ही सांस तेज चल रही थी। ऐसे में कोराना पीड़ित होने के भय से कोई भी उसके करीब नहीं गया। वह करीब चार घंटे तक सीएचसी के गेट के पास फर्श पर पड़ी तड़पती रही। सूचना पर सीओ मंगल सिंह रावत और थाना प्रभारी दिलीप कुमार सिंह भी सीएचसी पहुंच गए। उसकी हालत देखकर कोई भी उसके नजदीक जाना नहीं चाह रहा था। उसे जिला अस्पताल रेफर किए जाने के बाद भी एंबुलेंस चालक ने सुरक्षा किट न होने का हवाला देकर ले जाने से मना कर दिया। इसके बाद जिला मुख्यालय से एंबुलेंस बुलाकर उसे जिला अस्पताल भेजा गया।
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खुदागंज थाना क्षेत्र के गांव मकरंदापुर की रहने वाली 27 वर्षीय नीतू पत्नी रामप्रताप की बुधवार शाम अचानक तबीयत बिगड़ गई। खांसी के साथ उसे सांस लेने में भी दिक्कत होने लगी। उसने जैसे-तैसे रात गुजारी। बुधवार को किसी तरह वह पति के साथ नगर के सीएचसी पहुंची, लेकिन यहां डॉक्टर के न मिलने पर उसका इलाज नहीं हो सका क्योंकि खांसी के साथ ही सांस तेज चल रही थी। ऐसे में कोराना पीड़ित होने के भय से कोई भी उसके करीब नहीं गया। वह करीब चार घंटे तक सीएचसी के गेट के पास फर्श पर पड़ी तड़पती रही। सूचना पर सीओ मंगल सिंह रावत और थाना प्रभारी दिलीप कुमार सिंह भी सीएचसी पहुंच गए। उसकी हालत देखकर कोई भी उसके नजदीक जाना नहीं चाह रहा था। उसे जिला अस्पताल रेफर किए जाने के बाद भी एंबुलेंस चालक ने सुरक्षा किट न होने का हवाला देकर ले जाने से मना कर दिया। इसके बाद जिला मुख्यालय से एंबुलेंस बुलाकर उसे जिला अस्पताल भेजा गया।
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