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Shahjahanpur News: रामगंगा को छोड़कर सभी नदियों उतार पर, दिक्कतें जस की तस
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रविवार को घटा खन्नौत नदी का जलस्तर। संवाद
शाहजहांपुर। बारिश थमने और बांधों-बैराजों से अतिरिक्त पानी की निकासी रुकने के बाद रामगंगा को छोड़कर अन्य नदियों का जलस्तर घटने लगा है। हालांकि, तटवर्ती गांवों में बाढ़ से जुड़ी दिक्कतें अभी बरकरार हैं। जलभराव और आवागमन प्रभावित होने से लोगों का जनजीवन मुश्किल बना हुआ है।
सिंचाई विभाग शारदा नहर खंड के बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार, रविवार सुबह आठ बजे कलान के भैंसार बांध पर गंगा का जलस्तर शनिवार की तुलना में 12 सेंटीमीटर घटकर 143.40 मीटर रह गया। वहीं, अल्हागंज के डबरी घाट पर रामगंगा दो सेंटीमीटर बढ़कर 137.83 मीटर पहुंच गई। यह खतरे के निशान से 53 सेंटीमीटर ऊपर है।
जैतीपुर, जलालाबाद, परौर और मिर्जापुर क्षेत्र का पानी डबरी घाट की ओर आने से आसपास के गांवों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। शहर के पास गर्रा नदी का जलस्तर 45 सेंटीमीटर घटा है। अब यह खतरे के निशान से 2.20 मीटर नीचे बह रही है। खन्नौत का जलस्तर भी 10 सेंटीमीटर कम हुआ, लेकिन यह खतरे के निशान से महज 30 सेंटीमीटर नीचे है।
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रामगंगा के तटीय गांवों के संपर्क मार्ग कीचड़ और गंदगी से घिरे
जलालाबाद। उफनाई बहगुल का पानी समेटकर बह रही रामगंगा का पानी तटीय गांवों के पास शनिवार रात से कम होने लगा, लेकिन तटीय गांवों में बाढ़ की दिक्कतें कम नहीं हो सकीं। लंबे समय से पानी में डूबी सैकड़ों एकड़ तिल, उर्द और लतावर्गीय फसलें लगभग बर्बाद हो गई है। धान की फसल भी पीली पड़कर खराब होने के कगार पर है।
कसारी, बलदेवपुर, तेरा, शाहपुर आदि गांवों में पानी उतरने के बाद रास्तों पर कीचड़ और गंदगी जमा हो गई है। तिकोला, कसारी, मंझारा, बलदेवपुर तथा शाहपुर से होकर जाने वाली सड़कों पर पानी के बहाव का क्षेत्र कम हुआ है। कुछ पैदल चलने वालों को छोड़कर ज्यादातर लोग अब भी नाव अथवा मोटरबोट का सहारा ले रहे हैं। एसडीएम मधुसूदन गुप्ता ने बताया कि बाढ़ प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य शिविर लगवाए जा रहे हैं। विधायक हरिप्रकाश की मौजूदगी में प्रभावित परिवारों को 870 राहत किटें बांटी गईं। संवाद
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मिर्जापुर कस्बे में घुटनों तक रह गया रामगंगा का पानी
मिर्जापुर। गंगा में पानी घटने के बावजूद रामगंगा में उफान जारी रहने से कस्बा और आसपास का पूरा तटवर्ती इलाका बाढ़ से पूरी तरह घिरा हुआ है। रविवार सुबह तक कस्बे के अंदर मार्गों पर भी घुटनों तक रामगंगा का पानी भरा था। बाढ़ प्रभावित कई तटीय गांवों के तमाम घरों में भी पानी भर जाने से वहां के लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
शनिवार को बाढ़ कस्बे की नई बस्ती के घरों के आसपास पहुंच चुकी थी, लेकिन रविवार को सुबह तक बस्ती के अधिकांश घर बाढ़ से पूरी तरह घिर गए। तटीय गांवों में भी पानी रिहायशी इलाकों में घुसने के बाद तमाम घरों में भर गया। पानी में डूबी धान, बाजरा, तिल आदि की फसलें अब सड़ने लगी हैं।
पानी के तेज बहाव से रामगंगा के किनारे बसे कई गांवों संपर्क मार्ग डूबने और मिट्टी कटने से खराब हो गए हैं। जलालाबाद-शमसाबाद स्टेट हाईवे पर चौरा गांव के पास करीब 60-70 मीटर दायरे में एक फुट से कम पानी निकल रहा है। हाईवे पर पानी घटने के साथ आवागमन बढ़ गया है, लेकिन इसी हाईवे से निकले कई गांवों के संपर्क मार्गों पर दो से तीन फुट पानी भरा होने से लोग ट्रैक्टर-ट्राॅलियों और बैलगाड़ियों से निकल रहे हैं।
तहसीलदार अजहर अंसारी ने बताया कि राजस्व टीमें बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में नुकसान का आंकलन करने के साथ जरूरी राहत सामग्री भी पहुंचा रही हैं।
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जलस्तर घटा, फिर भी लोधीपुर में जलभराव
शाहजहांपुर। खन्नौत नदी का जलस्तर कम होने के बावजूद लोधीपुर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। घरों के सामने पानी भरा होने से लोगों को आवागमन समेत अन्य परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, गर्रा नदी का जलस्तर घटने के बाद बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोग धीरे-धीरे अपने घरों की ओर लौटने लगे हैं। इससे लोगों ने राहत की सांस ली है। संवाद
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नदियों का जलस्तर घट रहा है। प्रशासन पूरे हालात पर नजर रख रहा है। बाढ़ से प्रभावित लोगों को राशन किटों का वितरण किया जा रहा है। जलस्तर जल्द सामान्य होने की उम्मीद है।
-अरविंद कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व
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सिंचाई विभाग शारदा नहर खंड के बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार, रविवार सुबह आठ बजे कलान के भैंसार बांध पर गंगा का जलस्तर शनिवार की तुलना में 12 सेंटीमीटर घटकर 143.40 मीटर रह गया। वहीं, अल्हागंज के डबरी घाट पर रामगंगा दो सेंटीमीटर बढ़कर 137.83 मीटर पहुंच गई। यह खतरे के निशान से 53 सेंटीमीटर ऊपर है।
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जैतीपुर, जलालाबाद, परौर और मिर्जापुर क्षेत्र का पानी डबरी घाट की ओर आने से आसपास के गांवों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। शहर के पास गर्रा नदी का जलस्तर 45 सेंटीमीटर घटा है। अब यह खतरे के निशान से 2.20 मीटर नीचे बह रही है। खन्नौत का जलस्तर भी 10 सेंटीमीटर कम हुआ, लेकिन यह खतरे के निशान से महज 30 सेंटीमीटर नीचे है।
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रामगंगा के तटीय गांवों के संपर्क मार्ग कीचड़ और गंदगी से घिरे
जलालाबाद। उफनाई बहगुल का पानी समेटकर बह रही रामगंगा का पानी तटीय गांवों के पास शनिवार रात से कम होने लगा, लेकिन तटीय गांवों में बाढ़ की दिक्कतें कम नहीं हो सकीं। लंबे समय से पानी में डूबी सैकड़ों एकड़ तिल, उर्द और लतावर्गीय फसलें लगभग बर्बाद हो गई है। धान की फसल भी पीली पड़कर खराब होने के कगार पर है।
कसारी, बलदेवपुर, तेरा, शाहपुर आदि गांवों में पानी उतरने के बाद रास्तों पर कीचड़ और गंदगी जमा हो गई है। तिकोला, कसारी, मंझारा, बलदेवपुर तथा शाहपुर से होकर जाने वाली सड़कों पर पानी के बहाव का क्षेत्र कम हुआ है। कुछ पैदल चलने वालों को छोड़कर ज्यादातर लोग अब भी नाव अथवा मोटरबोट का सहारा ले रहे हैं। एसडीएम मधुसूदन गुप्ता ने बताया कि बाढ़ प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य शिविर लगवाए जा रहे हैं। विधायक हरिप्रकाश की मौजूदगी में प्रभावित परिवारों को 870 राहत किटें बांटी गईं। संवाद
मिर्जापुर कस्बे में घुटनों तक रह गया रामगंगा का पानी
मिर्जापुर। गंगा में पानी घटने के बावजूद रामगंगा में उफान जारी रहने से कस्बा और आसपास का पूरा तटवर्ती इलाका बाढ़ से पूरी तरह घिरा हुआ है। रविवार सुबह तक कस्बे के अंदर मार्गों पर भी घुटनों तक रामगंगा का पानी भरा था। बाढ़ प्रभावित कई तटीय गांवों के तमाम घरों में भी पानी भर जाने से वहां के लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
शनिवार को बाढ़ कस्बे की नई बस्ती के घरों के आसपास पहुंच चुकी थी, लेकिन रविवार को सुबह तक बस्ती के अधिकांश घर बाढ़ से पूरी तरह घिर गए। तटीय गांवों में भी पानी रिहायशी इलाकों में घुसने के बाद तमाम घरों में भर गया। पानी में डूबी धान, बाजरा, तिल आदि की फसलें अब सड़ने लगी हैं।
पानी के तेज बहाव से रामगंगा के किनारे बसे कई गांवों संपर्क मार्ग डूबने और मिट्टी कटने से खराब हो गए हैं। जलालाबाद-शमसाबाद स्टेट हाईवे पर चौरा गांव के पास करीब 60-70 मीटर दायरे में एक फुट से कम पानी निकल रहा है। हाईवे पर पानी घटने के साथ आवागमन बढ़ गया है, लेकिन इसी हाईवे से निकले कई गांवों के संपर्क मार्गों पर दो से तीन फुट पानी भरा होने से लोग ट्रैक्टर-ट्राॅलियों और बैलगाड़ियों से निकल रहे हैं।
तहसीलदार अजहर अंसारी ने बताया कि राजस्व टीमें बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में नुकसान का आंकलन करने के साथ जरूरी राहत सामग्री भी पहुंचा रही हैं।
जलस्तर घटा, फिर भी लोधीपुर में जलभराव
शाहजहांपुर। खन्नौत नदी का जलस्तर कम होने के बावजूद लोधीपुर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। घरों के सामने पानी भरा होने से लोगों को आवागमन समेत अन्य परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, गर्रा नदी का जलस्तर घटने के बाद बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोग धीरे-धीरे अपने घरों की ओर लौटने लगे हैं। इससे लोगों ने राहत की सांस ली है। संवाद
नदियों का जलस्तर घट रहा है। प्रशासन पूरे हालात पर नजर रख रहा है। बाढ़ से प्रभावित लोगों को राशन किटों का वितरण किया जा रहा है। जलस्तर जल्द सामान्य होने की उम्मीद है।
-अरविंद कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व

रविवार को घटा खन्नौत नदी का जलस्तर। संवाद

रविवार को घटा खन्नौत नदी का जलस्तर। संवाद

रविवार को घटा खन्नौत नदी का जलस्तर। संवाद