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केजी से पीजी तक एक परिसर में शिक्षा के पक्षधर थे आचार्य विनोबा : कुलपति
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विनोबा सेवा आश्रम में गोष्ठी में बोलते कुलपति प्रो.पीबी सिंह। स्रोत: आश्रम
शाहजहांपुर। स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पुष्पेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि विनोबा भावे केजी से पीजी तक एक ही परिसर में पढ़ाई के पक्षधर थे। यही मंशा कुलाधिपति की है। उसी के अनुरूप शिक्षा की यात्रा क़ो आगे बढ़ाया गया है। इसमें एक कड़ी बालवाटिका की भी है। गांव के बच्चों के लिए इसकी बेहतर व्यवस्था बरतारा स्थित विनोबा विद्यापीठ कर रहा है।
बृहस्पतिवार को कुलपति ने बरतारा स्थित विनोबा सेवा आश्रम परिसर में बाल वाटिका का शुभारंभ फीता काटकर किया। उन्होंने कहा कि भारत जैसे आध्यात्मिक देश में बच्चों को अध्यात्म की पढ़ाई प्रारंभ से ही करानी चाहिए।
विशिष्ट अतिथि डॉ.अनुराग अग्रवाल, डॉ.श्रेष्ठा, शिक्षाविद उर्मिला सक्सेना, आचार्य केशव चंद्र मिश्र ने भी विचार रखे। आश्रम की संस्थापक विमला बहन ने अतिथियों का स्वागत किया। आभार निदेशक सीना शर्मा ने व्यक्त किया। इस मौके पर रमेश भइया, स्मिता सक्सेना, सुयश सिन्हा, गौरव पांडेय, बिशन कुमार. प्रतिमा, पिंकी सक्सेना, कौशल, शिवम सक्सेना आदि मौजूद रहे।
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बृहस्पतिवार को कुलपति ने बरतारा स्थित विनोबा सेवा आश्रम परिसर में बाल वाटिका का शुभारंभ फीता काटकर किया। उन्होंने कहा कि भारत जैसे आध्यात्मिक देश में बच्चों को अध्यात्म की पढ़ाई प्रारंभ से ही करानी चाहिए।
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विशिष्ट अतिथि डॉ.अनुराग अग्रवाल, डॉ.श्रेष्ठा, शिक्षाविद उर्मिला सक्सेना, आचार्य केशव चंद्र मिश्र ने भी विचार रखे। आश्रम की संस्थापक विमला बहन ने अतिथियों का स्वागत किया। आभार निदेशक सीना शर्मा ने व्यक्त किया। इस मौके पर रमेश भइया, स्मिता सक्सेना, सुयश सिन्हा, गौरव पांडेय, बिशन कुमार. प्रतिमा, पिंकी सक्सेना, कौशल, शिवम सक्सेना आदि मौजूद रहे।
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